
राजगढ़, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को सारंगपुर में भव्य युवा संगम रोजगार मेले का आयोजन हुआ। इस आयोजन का मकसद युवाओं को स्वावलंबी बनाना, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उनके भविष्य को सशक्त करना था। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप ने इस रोजगार मेले के लिए आयोजकों और युवाओं को बधाई दी और स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इस रोजगार मेले में 125 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया, जिससे 16 हजार से अधिक रोजगार के अवसरों की पेशकश की गई। उन्होंने कहा कि नौकरी केवल एक नियुक्ति पत्र नहीं, बल्कि हर युवा का सपना होती है। सरकार का लक्ष्य केवल नौकरियों का वितरण नहीं, बल्कि युवाओं को भविष्य में स्वयं रोजगारदाता बनाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मेले के दौरान युवाओं को करियर मार्गदर्शन और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया, जबकि दिव्यांगजनों के लिए अलग कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।
राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को रोजगार से जोड़ने का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आईटीआई और कौशल विकास संस्थान युवाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस कार्यक्रम में राज्यमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार विभाग गौतम टेटवाल ने भी कहा कि इस रोजगार मेले में बड़ी कंपनियों की भागीदारी से लगभग 5 हजार युवाओं को सीधे रोजगार मिलेगा। उन्होंने बताया कि युवाओं के लिए कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
युवा संगम कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए चेक भी वितरित किए गए, जो कि आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। उल्लेखनीय है कि इस वित्तीय वर्ष में मध्यप्रदेश में कुल 626 रोजगार मेले आयोजित किए गए, जिससे एक लाख दो हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया है। सारंगपुर रोजगार मेले में एक ही दिन में 10 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दिया गया, जो कि सरकार की रोजगार नीति की सफलता को दर्शाता है। इस अवसर पर विधायक अमरसिंह यादव, हजारीलाल दांगी और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
