श्रीहरिकोटा, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा संचालित PSLV-C62/ईओएस-एन1 मिशन तकनीकी खामी के कारण विफल हो गया है। इस मिशन के अंतर्गत डीआरडीओ द्वारा विकसित अत्याधुनिक हाइपरस्पेक्ट्रल निगरानी उपग्रह ‘अन्वेषा’ का प्रक्षेपण किया गया था, लेकिन रॉकेट के तीसरे चरण में गड़बड़ी के चलते उपग्रह को निर्धारित कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका। इसरो के अनुसार, प्रक्षेपण के दौरान रॉकेट का उड़ान क्रम सामान्य था, परंतु तीसरे चरण के अंत में रॉकेट का मार्ग भटक गया, जिससे पेलोड को अपेक्षित कक्षा में इंजेक्ट नहीं किया जा सका। इस घटना के बाद इसरो ने मिशन को विफल घोषित करते हुए विस्तृत तकनीकी विश्लेषण शुरू कर दिया है। यह उल्लेखनीय है कि यह इसरो का 64वां PSLV मिशन था, जिसे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 10:18 बजे लॉन्च किया गया था। इस उड़ान में कुल 16 उपग्रहों का प्रक्षेपण योजना में था, जिसमें ‘अन्वेषा’ सबसे महत्वपूर्ण था। यह उपग्रह पर्यावरण निगरानी और रक्षा क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को बढ़ाने में सहायक होने वाला था। हालाँकि, मिशन की असफलता ने इसरो और रक्षा प्रतिष्ठान को झटका दिया है, लेकिन वैज्ञानिकों ने खामी के कारणों की जांच शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
