नई दिल्ली, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। ब्रास मैन्युफैक्चरिंग कंपनी नर्मदेश ब्रास इंडस्ट्रीज ने 44.87 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च किया है। इस आईपीओ में बोली देने की अंतिम तिथि 15 जनवरी है। इश्यू की समाप्ति के बाद 16 जनवरी को शेयरों का आवंटन किया जाएगा, और 19 जनवरी को आवंटित शेयरों को डिमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाएगा। नर्मदेश ब्रास के शेयर 20 जनवरी को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होने की संभावना है।
इस आईपीओ के लिए प्रति शेयर बोली का मूल्य 515 रुपये निर्धारित किया गया है, और लॉट साइज 240 शेयर है। रिटेल निवेशकों को दो लॉट यानी 480 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी, जिसके लिए उन्हें 2,47,200 रुपये का निवेश करना होगा। आईपीओ में 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले कुल 8,71,200 शेयर जारी किए जा रहे हैं, जिनमें 34 करोड़ रुपये के 6,55,200 नए शेयर और 9 करोड़ रुपये के 1,70,400 शेयर ऑफर फॉर सेल के तहत बेचे जाएंगे।
इस आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए 47.38 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित किया गया है, जबकि नॉन इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (एनआईआई) के लिए भी 47.38 प्रतिशत और मार्केट मेकर के लिए 5.24 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित है। इस इश्यू के लिए आर्यमन फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड रजिस्ट्रार है, और जेएंडके सिक्योरिटीज एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति के अनुसार, कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में देखा गया है कि इसकी वित्तीय सेहत में उतार-चढ़ाव रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का शुद्ध लाभ 89 लाख रुपये रहा, जो अगले वर्ष बढ़कर 7.10 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन 2024-25 में घटकर 5.72 करोड़ रुपये पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने 4.01 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
कंपनी की राजस्व प्राप्ति भी मजबूत रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में कुल राजस्व 60.09 करोड़ रुपये था, जो अगले वर्ष बढ़कर 79.06 करोड़ रुपये और 2024-25 में 88.05 करोड़ रुपये हो गया। वर्तमान वित्त वर्ष की पहली छमाही में 34.21 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
हालांकि, कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में 5.94 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो 2023-24 में 22.43 करोड़ रुपये और 2024-25 में 24.73 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। लेकिन मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह घटकर 19.21 करोड़ रुपये रह गया है।
इसके अलावा, कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में रिजर्व 6.97 करोड़ रुपये का था, जो 2024-25 में 12.69 करोड़ रुपये और वर्तमान वित्त वर्ष की पहली छमाही में 23.30 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ईबीआईटीडीए भी 2022-23 में 2.13 करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 11.41 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन 2024-25 में यह घटकर 9.34 करोड़ रुपये पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में ईबीआईटीडीए 6.24 करोड़ रुपये के स्तर पर है।
