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बीसीसीएल का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च, 13 जनवरी तक लगा सकते हैं बोली

नई दिल्ली, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)।
लेखक: LN Star News
कोयले का उत्पादन करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी कोल इंडिया की सब्सिडरी भारत कोकिंग कोल लिमिटिड (बीसीसीएल) का 1,071.11 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 13 जनवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 14 जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 15 जनवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 16 जनवरी को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। यह आईपीओ साल 2026 का पहला मेनबोर्ड सेगमेंट का आईपीओ है। दोपहर 1:30 बजे तक कंपनी का आईपीओ 5.42 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 21 रुपये से लेकर 23 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 600 शेयर का है। बीसीसीएल के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 600 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 13,800 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर्स अधिक से अधिक 14 लॉट यानी 8,400 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 1,93,200 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 46.57 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

आईपीओ खुलने से एक कारोबारी दिन पहले 8 जनवरी गुरुवार को बीसीसीएल ने एंकर इनवेस्टर्स से 273.13 करोड़ रुपये जुटाए। एंकरबुक में सबसे अधिक पैसे देश की सबसे बड़ी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने लगाए। एलआईसी ने 78 करोड़ रुपये के निवेश से बीसीसीएल के 3.39 करोड़ शेयर अपने नाम किए। इसके अलावा एंकर बुक में निप्पन लाइफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने 75 करोड़ रुपये के निवेश से 3.26 करोड़ शेयर और बंधन म्यूचुअल फंड ने 75 करोड़ रुपये के निवेश से 3.26 करोड़ शेयर हासिल किए। इन तीनों एंकर इनवेस्टर्स के अलावा, यूटीआई म्यूचुअल फंड, सोसिएट जेनेरेल, साइट्रिन फंड, राजस्थान ग्लोबल सिक्योरिटीज, एम-7 ग्लोबल फंड, कॉप्थल मॉरिशस इनवेस्टमेंट और मेबैंक सिक्योरिटीज जैसे प्रमुख नाम भी एंकर बुक में शामिल हुए हैं।

इस आईपीओ में एंकर इनवेस्टर्स समेत क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 42.50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 29.75 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 12.75 प्रतिशत हिस्सा, एंप्लॉयीज के लिए 5 प्रतिशत हिस्सा और पुराने शेयर होल्डर्स के लिए 10 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए आईडीबीआई कैपिटल मार्केट्स सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 664.78 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1,564.46 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी मुनाफे में कमी आई। इस साल कंपनी को 1,240.19 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की अवधि में कंपनी को 123.88 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 13,018.57 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 14,652.53 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में थोड़ा कम होकर 14,401.63 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की अवधि में कंपनी को 6,311.51 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 664.72 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 1,805.73 करोड़ रुपये हो गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 1,006.52 करोड़ रुपये के स्तर पर था। कंपनी पर कर्ज के बोझ की बात करें तो 30 सितंबर 2025 तक इस पर 1,559.13 करोड़ रुपये का कर्ज था।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 891.31 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 2,493.89 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 2,356.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी 30 सितंबर 2025 तक ये 459.93 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।

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