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सऊदी अरब में हूती के हमलों के बाद US में बड़ा अलर्ट… यात्रा के लिए अनुमति लेना अनिवार्य

सऊदी अरब में हूती के हमलों के बाद US में बड़ा अलर्ट… यात्रा के लिए अनुमति लेना अनिवार्य

अंतरराष्ट्रीय
वाशिंगटन। यमन (Yemen) के हूती समूह (Houthi Group) के मिसाइल और ड्रोन हमलों (Missile- Drone Attacks) के बाद सऊदी अरब (Saudi Arabia) में सुरक्षा को लेकर अमेरिका ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी मिशन ने सऊदी अरब में काम कर रहे अपने सरकारी कर्मचारियों को ताइफ और यनबू शहरों की यात्रा के लिए विशेष अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम सरकारी काम के साथ-साथ निजी यात्रा पर भी लागू होगा। अमेरिकी मिशन ने कहा कि यह फैसला मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए लिया गया है। साथ ही सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। हूतियों ने सऊदी अरब को कैसे निशाना बनाया?यह अमेरिकी अलर्ट ऐसे समय आया है जब हूती समूह ने सऊदी अरब की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इनमें राजधानी रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल भी शामिल है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबं...
Russia: पुतिन की पार्टी फिर बहुमत की ओर…! ससदीय चुनाव में मिले 57.54% से अधिक वोट

Russia: पुतिन की पार्टी फिर बहुमत की ओर…! ससदीय चुनाव में मिले 57.54% से अधिक वोट

अंतरराष्ट्रीय
मास्को। रूस (Russia) में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (President Vladimir Putin) की पार्टी को एक बार फिर से स्पष्ट बहुमत मिलने के आसार हैं। पुतिन लंबे समय से रूस की सत्ता पर काबिज हैं। इस वर्ष कराए गए चुनाव में भी पार्टी के समर्थकों ने बंपर वोटिंग (Massive Voter turnout) की है। केंद्रीय चुनाव आयोग (Central Election Commission) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक पुतिन की पार्टी- यूनाइटेड रूस (Putin's Party – United Russia) को 57 प्रतिशत से अधिक वोट मिले हैं। अंतिम आंकड़े आने पर वोट प्रतिशत में बदलाव संभव है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों का विरोध लगभग नदारद रहा। क्रेमलिन का वर्चस्व मजबूत होने की उम्मीद है। मतदान में धांधली और इलेक्ट्रॉनिक मतदान में समस्याओं की रिपोर्ट्स भी सामने आईं। चुनाव नतीजों में क्या खास, किस दल का कैसा प्रदर्शन?रूस के केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने रविवार देर रात (...
इटली के स्कूलों में बुर्का और नकाब पहनने पर लगेगा प्रतिबंध… PM मेलोनी ने किया ऐलान

इटली के स्कूलों में बुर्का और नकाब पहनने पर लगेगा प्रतिबंध… PM मेलोनी ने किया ऐलान

अंतरराष्ट्रीय
रोम। इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (Italian Prime Minister Giorgia Meloni) ने एक बड़ा नीतिगत बदलाव प्रस्तावित किया है। उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार जल्द ही एक उपाय पेश करेगी। इस उपाय के तहत इतालवी स्कूलों (Italian schools) में बुर्का और नकाब (Burqa and Niqab) पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। साथ ही, कक्षाओं में विदेशी छात्रों (Foreign Students) की संख्या भी सीमित की जाएगी। यह घोषणा प्रवासन और सांस्कृतिक एकीकरण को लेकर उनकी सरकार के सख्त रुख को दर्शाती है। इटली आने वाले लोगों को हमारी भाषा सीखनी चाहिएमेलोनी ने अपनी राष्ट्रवादी रूढ़िवादी पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली के युवा विंग को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित उपाय में एक और महत्वपूर्ण प्रावधान होगा। इसके तहत उन विदेशी छात्रों के माता-पिता के लिए इतालवी भाषा के पाठ अनिवार्य किए जाएंगे। ये वे माता-पिता होंगे जिन्हें 'स्कू...
ईरान में महिलाओं का साहसिक कदम…. बिना हिजाब पहने 10 किमी दौड़ में लिया हिस्सा

ईरान में महिलाओं का साहसिक कदम…. बिना हिजाब पहने 10 किमी दौड़ में लिया हिस्सा

अंतरराष्ट्रीय
तेहरान। ईरान (Iran) की राजधानी तेहरान में महिलाओं के एक समूह ने देश के अनिवार्य हिजाब कानून का खुलेआम उल्लंघन करते हुए बिना हिजाब (Without Hijab) पहने 10 किलोमीटर की दौड़ (10 Kilometer Race) प्रतियोगिता में भाग लिया। यह साहसिक कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ईरानी अधिकारी पहले भी इसी तरह बिना हिजाब के दौड़ के आयोजन पर सख्त कार्रवाई कर चुके थे। यह प्रतियोगिता वेलायात पार्क में आयोजित की गई थी, जिसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग दौड़ की व्यवस्था थी। 10 किमी की दौड़ प्रतियोगिता में भाग लियासोशल मीडिया पर बिना हिजाब के दौड़ती महिलाओं के वीडियो वायरल हो रहे हैं। इस घटना ने ईरान के सख्त हिजाब कानून की ओर दुनिया का ध्यान खींचा है। युद्ध के बीच ईरान का शक्ति प्रदर्शन 3,13,000 लोगों ने दिखाई ताकततेहरान। ईरान में शुक्रवार को सरकार के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। सरकारी मीडिय...
हूती विद्रोहियों ने सऊदी पर किया बैलिस्टिक मिसाइल से हमला, राजधानी रियाद को बनाया निशाना

हूती विद्रोहियों ने सऊदी पर किया बैलिस्टिक मिसाइल से हमला, राजधानी रियाद को बनाया निशाना

अंतरराष्ट्रीय
रियाद। सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने पुष्टि की है कि यमन के हूती विद्रोहियों (Yemen's Houthi rebels) ने उसकी राजधानी रियाद (Riyadh) को बैलिस्टिक मिसाइल (Ballistic Missile attack) से निशाना बनाने की कोशिश की। शनिवार देर रात सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यह जानकारी दी। गठबंधन यमन में हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी समर्थित बलों का नेतृत्व करता है। उसके मुताबिक, मिसाइल को हमले के प्रयास के दौरान ही रोक लिया गया था। यह रियाद को निशाना बनाकर किया गया पहला हमला था, जब से ईरान समर्थित हूतियों और सऊदी समर्थन वाले यमनी सरकारी बलों के बीच लड़ाई तेज हुई है। हूतियों ने सऊदी अरब में और किन जगहों को निशाना बनाने की कोशिश की?सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि हूतियों ने लाल सागर के बंदरगाह शहर यानबू के अलावा ताइफ, बायश और फरासन में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की भी कोशिश की। गठबंधन के मुताबिक इन प्...
मुंबई पहुंचे ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के प्रीमियर रोजर कुक, सड़क किनारे कुल्हड़ की चाय का लिया आनंद

मुंबई पहुंचे ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के प्रीमियर रोजर कुक, सड़क किनारे कुल्हड़ की चाय का लिया आनंद

अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय
मुंबई। ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया राज्य के प्रीमियर रोजर कुक इन दिनों भारत दौरे पर हैं। मुंबई प्रवास के दौरान उनका एक अनौपचारिक अंदाज भी सामने आया, जब ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने सड़क किनारे कुल्हड़ में चाय का आनंद लिया। चाय पीते हुए तस्वीर सामने आने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया ने भी इस पल को चर्चा में ला दिया। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापार, शिक्षा, ऊर्जा और निवेश सहयोग से जुड़ी औपचारिक बैठकों के बीच मुंबई की सड़क किनारे चाय का यह अनुभव दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के दौरे का अलग पहलू बन गया। 17 से 25 सितंबर तक भारत और वियतनाम का दौरा रोजर कुक 17 से 25 सितंबर तक भारत और वियतनाम के दौरे पर हैं। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया सरकार के मुताबिक, इस दौरे का उद्देश्य भारत और वियतनाम के साथ व्यापार, निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, पर्यटन, विमानन और कौशल वि...
ग्लोबल ऑयल मार्केट में बड़ा बदलाव… चीन ने बड़ा स्टॉक जमा कर बदल दिया तेल का पूरा खेल!

ग्लोबल ऑयल मार्केट में बड़ा बदलाव… चीन ने बड़ा स्टॉक जमा कर बदल दिया तेल का पूरा खेल!

अंतरराष्ट्रीय
बीजिंग। ईरान युद्ध (Iran War) ने तेल क्षेत्र (Global Oil Market ) में ऐसा बदलाव ला दिया है, जिसकी शायद किसी ने उम्मीद भी नहीं की थी। अब तक यही नियम चलता था कि जिनके पास तेल कुएं हैं, यानी सऊदी अरब (Saudi Arabia) या अमेरिका (America) जैसे निर्यातक देश ही आपूर्ति और कीमतों की चाल तय करते थे। आयातक देशों को हमेशा उनके इशारों पर नाचना पड़ता था। लेकिन चीन ने दुनिया का सबसे बड़ा तेल खरीदार होते हुए भी पूरा पासा पलट दिया है। चीन (China) ने काफी मात्रा में कच्चा तेल जमा करके, शोधन क्षमता बढ़ाकर और कोयले तथा अन्य विकल्पों में निवेश करके अपनी सबसे बड़ी कमजोरी (तेल के लिए दूसरों पर निर्भर होना) को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया है। अब आयातक देश अपनी मनमर्जी से तेल का बाजार नहीं चला सकते। चीन ने दिखा दिया है कि वह जब चाहे तेल खरीदकर कीमतें बढ़ा सकता है और जब चाहे खरीदारी रोककर कीमतें गिरा सकता है।...
सऊदी की कंपनी अरामको अगले महीने यूरोप को नहीं करेगी कच्चे तेल की सप्लाई, जानें वजह?

सऊदी की कंपनी अरामको अगले महीने यूरोप को नहीं करेगी कच्चे तेल की सप्लाई, जानें वजह?

अंतरराष्ट्रीय
दुबई। सऊदी अरब (Saudi Arabia) की तेल कंपनी अरामको (Oil Company Aramco) ने कम से कम दो यूरोपीय रिफाइनिंग ग्राहकों (European Refining Customers) को बताया है कि उन्हें अगले महीने यानी अक्तूबर में कच्चे तेल की डिलीवरी नहीं मिलेगी। समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग ने मामले से परिचित लोगों के हवाले से यह जानकारी दी है। यूरोपीय रिफाइनर आम तौर पर अरामको से दीर्घकालिक अनुबंध के तहत हर महीने सऊदी कच्चा तेल खरीदते हैं, लेकिन इस बार अक्तूबर की डिलीवरी रोक दी गई है। पाइपलाइन पर हमले का क्या असर हुआ?यह फैसला सऊदी अरब की अहम ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर ड्रोन हमले के बाद आया है। हमले के कारण पाइपलाइन को बंद करना पड़ा और तीन पंपिंग स्टेशन क्षतिग्रस्त हुए। इसके चलते लाल सागर के तट पर स्थित यानबू बंदरगाह से तेल की लोडिंग भी प्रभावित हुई। सऊदी अरब ने पहले ही यूरोपीय ग्राहकों को कुछ कच्चे तेल की खेप रद्द होने की जानकारी ...
अमेरिका-सऊदी अरब के बीच सबसे बड़ा रक्षा सौदा… दो लाख करोड़ की विदेशी सैन्य बिक्री को मंजूरी

अमेरिका-सऊदी अरब के बीच सबसे बड़ा रक्षा सौदा… दो लाख करोड़ की विदेशी सैन्य बिक्री को मंजूरी

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
वॉशिंगटन। हूतियों के बढ़ते हमलों (Escalating Houthi attacks) के बीच अमेरिका (America) ने सऊदी अरब (Saudi Arabia) को 48 एफ-35 लड़ाकू विमान बेचने का रास्ता साफ कर दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने 24.3 अरब डॉलर (लगभग 2 लाख करोड़ रुपये) की संभावित विदेशी सैन्य बिक्री (Foreign Military Sales) को मंजूरी दी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब रियाद हूतियों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए वॉशिंगटन से सैन्य मदद मांग रहा था। अमेरिका ने हालांकि, सऊदी अरब के आग्रह के बावजूद हूतियों के खिलाफ सीधे सैन्य कार्रवाई से इन्कार किया। इसके बजाय वॉशिंगटन ने रियाद को खुफिया जानकारी और टारगेटिंग सहायता देने की बात कही। इसी बीच हूतियों ने सऊदी शहरों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर दबाव बढ़ाया। ऐसे माहौल में सऊदी अरब की अपनी हवाई रक्षा क्षमता मजबूत करने की जरूरत और बढ़ी। इसी क्रम में एफ-35 सौदा सामने आया है। ...
सऊदी अरब का बड़ा फैसला… बदला तेल निर्यात का रास्ता, बढ़ सकती है यूरोप की परेशानी

सऊदी अरब का बड़ा फैसला… बदला तेल निर्यात का रास्ता, बढ़ सकती है यूरोप की परेशानी

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
दुबई। सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने तेल निर्यात (Oil Export) को लेकर बड़ा फैसला किया है। इसका बहुत बड़ा असर यूरोप (Europe) पर पड़ने वाला है। जानकारी के मुताबिक सऊदी ने रास्ता बदलते हुए करीब 60 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल अपने गल्फ पोर्ट रास तयनूरा (Ras Tanura Port) से ओमान के सोहार पोर्ट भेज दिया है। इसे जहाज के जरिए ट्रांसफर किया जाएगा। यह फैसला इस महीने और अगले महीने के लिए किया गया है। लाल सागर (Red Sea) में सऊदी अरब के रास्ते में रुकावटें आने के बाद उसने यह फैसला लिया है। अब उसे नए रास्तों की तलाश करके अपने अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों तक तेल पहुंचाना पड़ रहा है। इसके साथ ही सऊदी आरामको ने कम से कम दो यूरोपियन रिफाइनिंग ग्राहकों को बोल दिया है कि उन्हें अगले महीने सऊदी से कच्चा तेल (Crude Oil) नहीं मिलेगा। इसकी वजह, लाल सागर में उस पाइपलाइन पर हमला है, जिससे सऊदी तेल निर्यात करता है। रॉयटर्स की र...