Thursday, October 22खबर जो असर करे |
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आर्थिक

आम आदमी को झटका…. महंगाई पर लगाम कसने के बहाने बढ़ाया रेपो रेट… अब EMI करेगी जेब ढ़ीली!

आम आदमी को झटका…. महंगाई पर लगाम कसने के बहाने बढ़ाया रेपो रेट… अब EMI करेगी जेब ढ़ीली!

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। तकनीकी रूप से बताया जाए तो रेपो रेट (Repo Rate) वह ब्याज दर होती है जिस पर रिजर्व बैंक (Reserve Bank) देश के कमर्शियल बैंकों (Commercial Banks) को उनके दैनिक कामकाज के लिए कर्ज देता है. देखने-सुनने में यह भले दो बैंकों के बीच की बात लगे, लेकिन जैसे ही रेप रेप बढ़ने की खबर आती है, आम आदमी की जेब पर इसका असर बेहद पेंचीदा और खर्चीला हो जाता है. साढ़े तीन साल बाद RBI ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है. इसके पीछे तर्क ये दिया गया है कि ईरान वॉर (Iran War) के कारण देश में बढ़ती महंगाई को 6 फीसदी के भीतर रोके रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। रिजर्व बैंक की दलील और उसके सामने के हालात अपनी जगह है, लेकिन आपकी और हमारी रसोई तक पहुंचने वाला यह एक बड़ा झटका भी है. बैंक को मिलने वाला महंगा कर्ज घूम-फिरकर आखिरकार आम इंसान की EMI, मकान के सपने और महीने के बजट पर ही भारी पड़ता ह...
त्योहारों पर महंगाई का तड़का…. कीमतें बढ़ाने की जगह छोटे पैक… सामान की मात्रा भी घटी

त्योहारों पर महंगाई का तड़का…. कीमतें बढ़ाने की जगह छोटे पैक… सामान की मात्रा भी घटी

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। दशहरा (Dussehra) और दिवाली (Diwali) से पहले रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले सामान की बढ़ती कीमतों (Rising Prices) का असर अब अलग तरीके से दिखाई दे रहा है। कच्चे माल और उत्पादन से जुड़ी लागत बढ़ने के बीच कंपनियां हर पैकेट की कीमत सीधे बढ़ाने (Directly Increasing Price) से बच रही हैं। इसके बजाय छोटे पैक में सामान की मात्रा घटाई (Reduced Quantity Small packs) जा रही है। कई मामलों में मात्रा में 2 से 7 फीसदी तक की कमी की जा रही है। वहीं बड़े पैक की कीमत सीधे 5 से 6 फीसदी तक बढ़ाई जा रही है। इसका मतलब है कि ग्राहक को कई सामान पहले जितने ही रुपये में मिलेंगे, लेकिन पैकेट में सामान कुछ कम होगा। कंपनियां पैकेट में सामान कम क्यों कर रही हैं?एफएमसीजी कंपनियों के सामने इस समय लागत बढ़ने और ग्राहकों को कीमत का झटका देने से बचने की दोहरी चुनौती है। पाम ऑयल, पैकेजिंग, कच्चे तेल से जुड़े उत्पादों ...
MP में GIS से पहले निवेश जुटाने की बड़ी तैयारी… CM कल मुम्बई में निवेशकों से करेंगे संवाद

MP में GIS से पहले निवेश जुटाने की बड़ी तैयारी… CM कल मुम्बई में निवेशकों से करेंगे संवाद

आर्थिक, मध्य प्रदेश, राज्य, राष्ट्रीय
भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में जनवरी 2027 में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) (Global Investors Summit - GIS) से पहले सरकार ने निवेशकों से सीधा संपर्क बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) 8 अक्तूबर को मुंबई में देश के प्रमुख उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। मुंबई के लोअर परेल स्थित द सेंट रेजिस होटल में होने वाले निवेश संवाद में मुख्यमंत्री उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें करेंगे। मुंबई देश के बड़े औद्योगिक और कारोबारी समूहों का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में मुख्यमंत्री का उद्योगपतियों से सीधे संवाद का मकसद मध्य प्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी देने के साथ ही कंपनियों की जरूरत और उनके निवेश प्रस्तावों को समझना भी है। उद्योगपतियों के सामने रखेंगे एमपी का रोडमैपकार्यक्रम में मध्य प्रदेश की औद्योगि...
भारत-स्विट्जरलैंड के बीच कई समझौतों पर बनी सहमति…. नौकरी से लेकर व्यापार तक हुई डील

भारत-स्विट्जरलैंड के बीच कई समझौतों पर बनी सहमति…. नौकरी से लेकर व्यापार तक हुई डील

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने सोमवार को भारत यात्रा (India Trip) पर आए स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाई पारमेलिन (Swiss President Guy Parmelin) से द्विपक्षीय वार्ता की। इस मौके पर हरित ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी, परिवहन, आवाजाही समेत कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। बैठक के बाद संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (एफ्टा) देशों के साथ हुए व्यापार समझौते से अगले 15 सालों में देश में सौ अरब डॉलर का निवेश आएगा और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। एफ्टा यूरोपीय देशों का एक मुक्त व्यापार संगठन है जिसे 1960 में स्थापित किया गया था। इसमें चार देश स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बयान में कहा कि राष्ट्रपति पारमेलिन के सहयोग से एफ्टा देशों के बीच मुक्त व्यापार सम...
टाटा ट्रस्ट्स में नोएल परिवार का दबदबा…. क्या चंद्रशेखरन को मिलेगा तीसरा कार्यकाल?

टाटा ट्रस्ट्स में नोएल परिवार का दबदबा…. क्या चंद्रशेखरन को मिलेगा तीसरा कार्यकाल?

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। टाटा समूह (Tata Group) की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons Holding company) की संभावित वार्षिक आम बैठक से पहले शेयरधारक ट्रस्टों (Shareholder trusts) के भीतर वोटिंग का अंकगणित चर्चा में है। इस बैठक में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (Chairman N. Chandrasekaran) को एक और कार्यकाल दिए जाने पर फैसला होना है। चंद्रशेखरन का कार्यकाल सामान्य रूप से 20 फरवरी, 2027 को समाप्त होगा। हालांकि, कंपनी बोर्ड ने 17 सितंबर की एक हंगामेदार बैठक में उन्हें तीसरा कार्यकाल देने का प्रस्ताव पारित कर दिया था, लेकिन अब इसका अंतिम फैसला शेयरधारक ट्रस्टों के हाथ में है। सूत्रों के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स के अधीन आने वाले 7 ट्रस्टों की संरचना बताती है कि नोएल टाटा और उनके परिवार का प्रभाव बेहद मजबूत हो चुका है। इन ट्रस्टों में कुल 36 ट्रस्टी पद हैं। इनमें से 17 पदों पर अकेले नोएल टाटा और उनके परिवार...
भारत-US ट्रेड डील में फंसा पेंच…. निर्मला सीतारमण बोलीं- आगे कुछ और देना- लेना दोनों पक्षों के लिए मुश्किल

भारत-US ट्रेड डील में फंसा पेंच…. निर्मला सीतारमण बोलीं- आगे कुछ और देना- लेना दोनों पक्षों के लिए मुश्किल

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका (India and America) के बीच ट्रेड डील (Trade Deal) को लेकर लंबे समय से चल रही बातचीत अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां दोनों देशों के लिए एक-दूसरे से नई रियायत हासिल करना आसान नहीं दिख रहा. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को इस मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में कहा कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है, जहां इसके आगे कुछ और देना या लेना दोनों पक्षों के लिए बहुत मुश्किल होगा। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत फरवरी 2025 से चल रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) की वॉशिंगटन में हुई मुलाकात के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई थी. दोनों द...
सैमसंग गैलेक्सी टैब S12 सीरीज 7 अक्टूबर से भारत में उपलब्ध होगी

सैमसंग गैलेक्सी टैब S12 सीरीज 7 अक्टूबर से भारत में उपलब्ध होगी

आर्थिक, लाइफस्टाइल
गुरुग्राम। सैमसंग की नई गैलेक्सी टैब S12 सीरीज 7 अक्टूबर से भारतीय बाजार में उपलब्ध होगी। कंपनी के मुताबिक, सीरीज के तहत गैलेक्सी टैब S12 अल्ट्रा और गैलेक्सी टैब S12+ को ग्रे और सिल्वर रंगों में पेश किया गया है। नए टैबलेट में पतला डिजाइन, दमदार प्रोसेसर, लंबी बैटरी क्षमता और गैलेक्सी एआई के फीचर्स दिए गए हैं। गैलेक्सी टैब S12 अल्ट्रा में 14.6 इंच और टैब S12+ में 12.6 इंच का डायनैमिक एमोलेड 2X डिस्प्ले दिया गया है। डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 1600 निट्स तक है। दोनों टैबलेट में विजन बूस्टर फीचर भी है, जो आसपास की रोशनी के अनुसार स्क्रीन की ब्राइटनेस को रियल टाइम में समायोजित करता है। इससे अलग-अलग प्रकाश परिस्थितियों में स्क्रीन पर सामग्री को देखना आसान होता है। एक साथ तीन काम करने की सुविधा कंपनी के अनुसार दोनों मॉडल में मल्टी विंडो लेआउट के जरिए स्क्रीन को तीन हिस्सों में बांटकर एक स...
कई चुनौतियों से जूझ रहा भारतीय इक्विटी बाजार, घबराएं नहीं… योजना बनाकर करें निवेश!

कई चुनौतियों से जूझ रहा भारतीय इक्विटी बाजार, घबराएं नहीं… योजना बनाकर करें निवेश!

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। नोएडा (Noida) में रहने वाले आलोक ने कुछ साल पहले म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) में एसआईपी (SIP) शुरू की थी। शुरुआत में पोर्टफोलियो (Portfolio) संतुलित था। लेकिन इक्विटी स्कीमों के शानदार रिटर्न की वजह से संतुलित पोर्टफोलियो देखते-देखते 90% इक्विटी-हेवी हो गया। अब जब बाजार बेचैन है, निफ्टी गोते खा रहा है। पोर्टफोलियो लाल देखकर आलोक की सांसें अटक गईं। तुरंत दोस्त को फोन लगाया और पूछा- क्या मुझे एसआईपी बंद कर देनी चाहिए? क्या म्यूचुअल फंड रिडीम कर लेने चाहिए? क्या मुझे सब कुछ फिक्स्ड डिपॉजिट में ट्रांसफर कर देना चाहिए? ये सवाल स्वाभाविक हैं। लेकिन बाजार के हर उतार-चढ़ाव पर प्रतिक्रिया देना ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण सवाल यह है: क्या आपका पोर्टफोलियो उतना जोखिम भरा हो गया है, जितना आपने सोचा भी नहीं था? यदि इसका उत्तर हां है, तो इसका समाधान बाजार छोड़...
US: वीजा नीति में बड़ा बदलाव…. 50 देशों के लोगों को देना होगा वीजा बॉन्ड, भारतीयों को छूट

US: वीजा नीति में बड़ा बदलाव…. 50 देशों के लोगों को देना होगा वीजा बॉन्ड, भारतीयों को छूट

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
वाशिंगटन। संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America) के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन (Donald Trump Administration) ने वीजा नीति (Visa Policy) में बढ़ा बदलाव किया है। अब पर्यटक और कारोबारी वीजा लेने के लिए 50 देशों को नागरिकों को वीजा बॉन्ड (Visa Bond) देना होगा। नए नियमों के तहत इन 50 देशों के लोगों को अब अमेरिकी वीजा लेने के लिए करीब 10 से 20 हजार डॉलर का बॉन्ड लेना पड़ सकता है। इस लिस्ट से भारत को बाहर रखा गया है। इसका मतलब है कि भारतीय नागरिकों (Indian citizens) के ऊपर इन निर्देशों का कोई असर नहीं होगा। हालांकि, भारत के पड़ोसी बांग्लादेश, भूटान और नेपाल सहित कई अन्य देश के नागरिक इस लिस्ट में हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की तरफ से उन देशों की लिस्ट जारी की गई, जिनके नागरिकों को अब वीजा बॉन्ड देना होगा। एक नागरिक अमेरिकी वीजा के लिए कितने हजार डॉलर का बॉन्ड देगा यह उसके वीजा इंटरव्यू के...
मौसम की मार…. 40 फीसदी तक घटी सेब की पैदावार….. आसमान पर कीमतें

मौसम की मार…. 40 फीसदी तक घटी सेब की पैदावार….. आसमान पर कीमतें

आर्थिक, राष्ट्रीय
श्रीनगर। सेब (Apples) इस बार महंगा बिकेगा। देश के दो शीर्ष उत्पादक राज्यों जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में सेब की पैदावार तेजी से घटी है। हिमाचल में पिछले साल के 4.07 लाख टन के मुकाबले इस साल सिर्फ 3.87 लाख टन सेब बाजार में पहुंचा है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में हालत और खराब है, जहां उत्पादन 40 फीसदी तक घटा है। दोनों राज्यों में सेब उत्पादन पर प्रतिकूल मौसम की मार पड़ी है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से सर्वाधिक प्रभावित कुछ क्षेत्रों में उत्पादन 50 फीसदी तक कम हुआ है। सामान्य वर्षों में 20 से 22 लाख टन उत्पादन होता था, मगर इस बार इसके 14 से 15 लाख टन रहने का अनुमान है। उत्पादन घटने से मंडियों में आपूर्ति घटी है और बेहतर गुणवत्ता वाले सेब के भाव चढ़ गए हैं। दोनों ही राज्यों में पर्याप्त बारिश और बर्फबारी नहीं होने से ठंड के घंटे कम हुए। हिमाचल में इस ...