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आर्थिक

Survey: एथेनॉल मिक्स E 20 पेट्रोल से सहज नहीं लोग…. NDA के 53% वोटर्स भी हिचक रहे

Survey: एथेनॉल मिक्स E 20 पेट्रोल से सहज नहीं लोग…. NDA के 53% वोटर्स भी हिचक रहे

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। केंद्र सरकार (Central Government) देशभर में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिक्स E20 पेट्रोल (E20 Ethanol-Blended Petrol) को बढ़ावा दे रही है. सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी, प्रदूषण कम होगा और गन्ना किसानों को फायदा मिलेगा. हालांकि, C-Voter के हालिया सर्वे से सामने आया है कि बड़ी संख्या में लोग अभी भी E20 पेट्रोल को लेकर सहज नहीं हैं. सर्वे के मुताबिक, आधे से अधिक लोग न केवल E20 पेट्रोल का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, बल्कि उन्हें यह भी डर है कि इससे उनकी गाड़ी की माइलेज कम हो सकती है और इंजन को नुकसान पहुंच सकता है। NDA समर्थकों में भी E20 को लेकर हिचकसर्वे में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सत्ता पर काबिज NDA के समर्थकों में भी E20 पेट्रोल को लेकर उत्साह नहीं दिखा. सर्वे के अनुसार, 52.5 प्रतिशत NDA समर्थकों ने कहा कि वे अपनी गाड़ियों में E20 पेट्रोल का इस्ते...
US-ईरान तनाव से फिर उछले कच्चे तेल के दाम, क्या 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं कीमतें?

US-ईरान तनाव से फिर उछले कच्चे तेल के दाम, क्या 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं कीमतें?

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने एक बार फिर वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया में हालात बिगड़ने के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव लंबा खिंचता है और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो वैश्विक बाजार में कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है। कच्चे तेल में तेज उछाल बाजार में कारोबारी गतिविधियों के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमत में 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जबकि WTI क्रूड और मर्बन क्रूड भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक जोखिम और तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता है। विश्लेषकों का कहना है कि किसी भी बड़े सैन्य टकराव का सीधा असर ऊर्जा बाजार पर पड़ता है, क्योंकि इस क्षेत्र से...
देश में हेल्थ रिसर्च पर बड़े निवेश की तैयारी… गंभीर बीमारियों पर फोकस, 6 गुना बढ़ेगा खर्च

देश में हेल्थ रिसर्च पर बड़े निवेश की तैयारी… गंभीर बीमारियों पर फोकस, 6 गुना बढ़ेगा खर्च

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। कैंसर, टीबी, मधुमेह, दिल की बीमारियों और मानसिक स्वास्थ्य जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार (Central government) स्वास्थ्य अनुसंधान (Health Research) पर बड़ा निवेश करने की तैयारी कर रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026 (National Health Research Policy-2026) (ड्राफ्ट) में 2047 तक स्वास्थ्य अनुसंधान पर खर्च को मौजूदा स्तर से करीब 6.25 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। अभी देश स्वास्थ्य अनुसंधान पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 0.024 फीसदी खर्च करता है, जिसे 2037 तक बढ़ाकर 0.072 फीसदी और 2047 तक 0.15 फीसदी करने की योजना है। नई नीति में सरकार ने कहा है कि अब सिर्फ शोध पत्र प्रकाशित करना उद्देश्य नहीं, बल्कि ऐसी रिसर्च को बढ़ावा देना है, जिससे नई दवाएं, वैक्सीन, जांच तकनीक और इलाज आम लोगों तक तेजी से पहुंच सके। ड्राफ्ट नीति के अनुसार, आने वाले कुछ वर्षों ...
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच रूसी तेल की जमकर हो रही खरीदी… रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा भारत का आयात

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच रूसी तेल की जमकर हो रही खरीदी… रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा भारत का आयात

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध (America-Iran War) से ग्लोबल टेंशन (Global Tension) फिर से चरम पर पहुंच गई है और होर्मुज स्ट्रेट बंद (Hormuz Strait Closure) होने के चलते दुनिया के तमाम देशों के सामने तेल-गैस का संकट गहराने लगा है. वहीं दूसरी ओर भारत की बात करें, तो मिडिल ईस्ट के देशों तनाव के बीच भारत ने अपने तेल आयात में विविधता लाने का जो कदम Plan-B के तहत उठाया, उसका फायदा मिल रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भी भारत लगातार रूसी तेल खरीदने (India's Russian Oil Import) में लगा है और ताजा आंकड़े देखें, तो जून महीने में भारत की रूसी तेल आयात रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया, इसमें 34 फीसदी का जबर्दस्त उछाल दर्ज किया गया है। CREA की रिपोर्ट में बड़ा खुलासाएक रिपोर्ट में सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के हवाले से बताया गया है कि रूस के कुल तेल निर्यात राजस्व मे...
भारतीय अर्थव्यवस्था तमाम चुनौतियों के बावजूद तेजी से बढ़ रही आगे… दुनियाभर में टॉप पर

भारतीय अर्थव्यवस्था तमाम चुनौतियों के बावजूद तेजी से बढ़ रही आगे… दुनियाभर में टॉप पर

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। कोरोना महामारी (Corona Pandemic) हो या फिर अन्य कोई ग्लोबल टेंशन (Global Tension), तमाम चुनौतियों के बाद भी भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुईं इकोनॉमी वाली लिस्ट में टॉप पर शामिल है और इकोनॉमी की ये रफ्तार आने वाले सालों में भी बनी रह सकती है. वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स (World of Statistics) के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गोल्डमैन सैश (Goldman Sachs) के अनुमानों को शेयर किया गया है, जिसमें साफ की साल 2027 तक भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन जाएगा और अमेरिका पीछे छूट जाएगा। इतनी बड़ी होगा इंडियन इकोनॉमीGoldman Sachs का अनुमान है कि 2075 तक भारतीय इकोनॉमी अमेरिका समेत फिलहाल की अन्य टॉप इकोनॉमी को पीछे छोड़ते हुए दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. इसका साइत 52.5 ट्रिलियन डॉलर होगा। अमेरिका भारत से होगा इतना पीछेगोल्डमैन सैश के ...
इस वित्त वर्ष में अब तक 1.7 करोड़ ITR दाखिल…. डेडलाइन से पहले टैक्सपेयर में मची होड़

इस वित्त वर्ष में अब तक 1.7 करोड़ ITR दाखिल…. डेडलाइन से पहले टैक्सपेयर में मची होड़

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। टैक्सपेयर्स (Taxpayers) के बीच आयकर रिटर्न फाइल (Income Tax Return Filing) करने की होड़ सी है। ताजा आंकड़े तो इसी के संकेत देते हैं। आयकर विभाग ने शनिवार को कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अब तक 1.7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) (Income Tax Return - ITR) दाखिल किए जा चुके हैं। विभाग ने कहा कि सिर्फ शुक्रवार को ही 10 लाख से अधिक रिटर्न दाखिल किए गए। आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, "आकलन वर्ष 2026-27 के लिए 1.7 करोड़ से अधिक करदाताओं ने अपना आईटीआर दाखिल कर दिया है।" विभाग ने इसे करदाताओं की तरफ से उठाया गया स्मार्ट कदम बताया है। विभाग ने करदाताओं से समयसीमा के भीतर रिटर्न दाखिल करने की अपील भी की है ताकि अंतिम समय की भीड़भाड़ और तकनीकी दिक्कतों से बचा जा सके। अभी फाइल करेंगे तो मिलेंगे ये फायदे-देर से फाइल करने पर लगने वाली फीस से बच सकते हैं- बिना...
अमेरिका के प्रस्तावित 12.5% ​​टैरिफ का भारत ने किया कड़ा विरोध… पुनर्विचार करने को कहा

अमेरिका के प्रस्तावित 12.5% ​​टैरिफ का भारत ने किया कड़ा विरोध… पुनर्विचार करने को कहा

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारत (India) ने अमेरिका (America) की ओर से प्रस्तावित 12.5 प्रतिशत टैरिफ (Tariff) का कड़ा विरोध किया है। नई दिल्ली की ओर से कहा गया कि दोनों देशों के बीच व्यापार (Trade) से जुड़े किसी भी विवाद का समाधान एकतरफा कदमों के बजाय द्विपक्षीय व्यापार (Bilateral Trade) बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। भारत ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि से अपने प्रस्ताव पर फिर से विचार करने की अपील की है। यह मामला यूएसटीआर की धारा 301 के तहत की गई उस जांच से जुड़ा है, जिसमें जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात को लेकर कई देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। भारत का कहना है कि उसने इस मुद्दे पर हमेशा गंभीरता व पारदर्शिता के साथ सहयोग किया है और उसके संवैधानिक व अंतरराष्ट्रीय दायित्व भी जबरन श्रम के खिलाफ हैं। इसलिए भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का कोई उचित आधार नहीं बनता। वाणिज्य व उद्योग मं...
New Drug Rules: अब डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलेगी 12% से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं…

New Drug Rules: अब डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलेगी 12% से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं…

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। अगर आप भी अब तक पास के मेडिकल स्टोर (Medical Store) से ऐसी सिरप (Syrup) या दूसरी पीने वाली दवाएं ले आते थे जिनमें अल्कोहल (Alcohol) होता है, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को दवा नियमों (New Drug Rules) में दसवां संशोधन जारी किया है। यह नया नियम, सरकारी गजट में प्रकाशित होने के छह महीने बाद प्रभावी होगा। नए नियमों (New Drug Rules) के तहत 30 एमएल से बड़ी पैकिंग और 12% से ज्यादा एथिल अल्कोहल (Ethyl Alcohol) वाली सभी ओरल दवाओं को शेड्यूल H1 में शामिल कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब ये दवाएं केवल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही बेची जा सकेंगी। मेडिकल स्टोर को इनकी बिक्री का रिकॉर्ड भी निर्धारित नियमों के अनुसार रखना होगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा ड्रग्स रूल्स, 1945 में किए गए इस बड़े ब...
US की H-1B वीजा फर्जीवाड़े पर बड़ी कार्रवाई….. भारतीय दिग्गज समेत कई बड़ी कंपनियां रडार पर

US की H-1B वीजा फर्जीवाड़े पर बड़ी कार्रवाई….. भारतीय दिग्गज समेत कई बड़ी कंपनियां रडार पर

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
वाशिंगटन। अमेरिका (America) ने H-1B और पर्म (PERM) वर्क वीजा में चल रही कथित धोखाधड़ी के खिलाफ एक बड़ा जांच अभियान छेड़ दिया है। अमेरिकी श्रम विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि इस बड़े फर्जीवाड़े की जांच के रडार पर दिग्गज भारतीय आईटी कंपनी 'कॉग्निजेंट' (Leading Indian IT company 'Cognizant') समेत कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में हुआ एक्शनवीजा से जुड़े इस बड़े गोरखधंधे के खिलाफ यह सख्त कदम अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (US Vice President JD Vance) के नेतृत्व वाली 'टास्क फोर्स टू एलिमिनेट फ्रॉड' के तहत उठाया गया है। कैसे खुला फर्जीवाड़े का राज?श्रम विभाग के तहत काम करने वाले 'ऑफिस ऑफ द इंस्पेक्टर जनरल' (OIG) ने बड़े स्तर पर चल रहे इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। OIG के आधिकारिक बयान में जांच से जुड़ी कई अहम बातें सामने आई हैं। कई नियोक्ताओं और...
इंडोनेशिया को ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल देगा भारत, जकार्ता में समझौते पर हुए हस्ताक्षर

इंडोनेशिया को ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल देगा भारत, जकार्ता में समझौते पर हुए हस्ताक्षर

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
जकार्ता (इंडोनेशिया)। भारत ब्रह्मोस मिसाइलों की आपूर्ति इंडोनेशिया को करेगा। इंडोनेशिया की राजकीय यात्रा पर पहुंचे भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने मंगलवार को वार्ता की। इसके बाद दोनों की उपस्थिति में इस आशय के समझौते पर हस्ताक्षर कर उसका आदान-प्रदान किया गया। वार्ता में समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शृंखला को सुदृढ़ बनाने पर भी सहमति बनी। भारत के प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के दो दिन के दौरे पर हैं। 2023 के बाद दक्षिण-पूर्व एशियाई देश की यह उनकी पहली यात्रा है। राष्ट्रपति प्राबोवो ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। न्यूज एजेंसी अंतारा और जकार्ता पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार इंडोनेशिया के राष्ट्रपति भवन के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों नेताओं की बैठक के बाद इंडोनेशिया और भारत ने ब्रह्मोस क्रूज मिस...