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आर्थिक

जेन-जी बनी देश की सबसे बड़ी उपभोक्ता शक्ति, बदली बाजार की तस्वीर….860 अरब डॉलर की खपत

जेन-जी बनी देश की सबसे बड़ी उपभोक्ता शक्ति, बदली बाजार की तस्वीर….860 अरब डॉलर की खपत

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। देश की सबसे युवा पीढ़ी (Younger Generation) यानी जेन-जी (Gen Z) अब सिर्फ सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रेंड्स (Digital Trends) की ताकत नहीं, बल्कि भारत की सबसे बड़ी उपभोक्ता शक्ति बन चुकी है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) (Boston Consulting Group - BCG) और स्नैप इंक की एक संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की करीब 37.7 करोड़ जेन-जी आबादी की देश के कुल खपत में हिस्सा 43% है, जिसकी कीमत करीब 860 अरब डॉलर है। दावा है कि 1997 से 2012 के बीच जन्मे जेन-जी का खर्च 2035 तक दोगुने से ज्यादा बढ़कर करीब 2 लाख करोड़ डॉलर हो सकता है। यह उस समय भारत के अनुमानित 3.9 लाख करोड़ डॉलर की कुल खपत का करीब आधा होगा। यानी आगामी दशक में बाजार की दिशा तय करने में जेन-जी की भूमिका निर्णायक होगी। अभी माता-पिता की कमाई, कल अपनी जेबजेन-जी की आर्थिक ताकत का एक दिलचस्प पहलू यह है कि अभी इसकी बड़ी आबादी खुद कम...
वोंग बने दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले प्रधानमंत्री, 64% वृद्धि के बाद ट्रंप से भी ज्यादा हुआ वेतन

वोंग बने दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले प्रधानमंत्री, 64% वृद्धि के बाद ट्रंप से भी ज्यादा हुआ वेतन

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
सिंगापुर। सिंगापुर (Singapore) के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग (Prime Minister Lawrence Wong) ने मंगलवार को संसद को बताया कि राजनीतिक नेताओं (Political Leaders) की सैलरी बढ़ाई जाएगी। इससे मंत्रियों की सैलरी में 60% से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी। सिंगापुर ने राजनीतिक नेताओं के भारी-भरकम वेतन को सही ठहराया है। तर्क दिया है कि इससे काबिल लोग आकर्षित होते हैं और अच्छा शासन सुनिश्चित होता है। फिर भी यह मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील है, क्योंकि कैबिनेट सदस्यों की आय ज्यादातर आम नागरिकों की आय से कहीं ज्यादा है। कितनी हो जाएगी सिंगापुर के पीएम की सैलरी?वोंग ने कहा कि इस बदलाव के बाद उनकी सालाना बेंचमार्क सैलरी 2.2 मिलियन सिंगापुर डॉलर (1.7 मिलियन डॉलर) से बढ़कर 3.6 मिलियन सिंगापुर डॉलर हो जाएगी। उप-प्रधानमंत्री की 1.87 मिलियन सिंगापुर डॉलर से बढ़कर 3.06 मिलियन सिंगापुर डॉलर हो जाएगी, जबकि कैबिने...
दफ्तरों में फिर नौकरियों की बहार…., अगस्त माह में भर्तियों में हुआ 14 फीसदी का इजाफा

दफ्तरों में फिर नौकरियों की बहार…., अगस्त माह में भर्तियों में हुआ 14 फीसदी का इजाफा

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारत (India) में पिछले माह कार्यालय आधारित नौकरियों (Office-Based Jobs) में सालाना आधार पर 14 फीसदी की बढ़ोतरी (Office Jobs Rise 14 Percent) दर्ज की गई। इसमें ऑटो, स्वास्थ्य सेवा और रिटेल जैसे सेक्टरों का अहम योगदान रहा। नौकरी.डॉम (Naukri.com) की रिपोर्ट के मुताबिक, कुल नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स पिछले साल अगस्त के 2,664 के मुकाबले बढ़कर 3,028 पर पहुंच गया। यह एक मासिक सूचकांक है, जो देश में व्हाइट-कॉलर (कार्यालय आधारित) नौकरियों के बाजार और भर्ती गतिविधियों की स्थिति को ट्रैक करता है। रिपोर्ट के अनुसार, वाहन क्षेत्र में भर्ती 19 फीसदी बढ़ी जबकि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में 16 प्रतिशत और खुदरा क्षेत्र में 15 फीसदी की वृद्धि हुई। इनके अलावा, बीमा क्षेत्र में 12 प्रतिशत, आईटी में 11 प्रतिशत, बैंकिंग व दैनिक उपभोग की वस्तुओं से जुड़े क्षेत्र में 10-10 प्रतिशत तथा बीपीओ/आईटीईएस, तेल एव...
कॉपर की कीमत ने तोड़े सारे रिकॉर्ड….ऑल टाइम हाई पर पहुंचे भाव

कॉपर की कीमत ने तोड़े सारे रिकॉर्ड….ऑल टाइम हाई पर पहुंचे भाव

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। कॉपर (Copper) की कीमतों ने सोमवार को नया रिकॉर्ड (New record) बना दिया। दुनिया के प्रमुख कमोडिटी बाजार लंदन मेटल एक्सचेंज (London Metal Exchange- LME) पर कॉपर की कीमत (Copper Price) बढ़कर 14,533 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गई। इसने जनवरी में बने 14,527.50 डॉलर प्रति टन के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। हालांकि, बाद में कीमत थोड़ी नरम हुई और 0.7% की बढ़त के साथ करीब 14,518 डॉलर प्रति टन पर कारोबार करती रही। कॉपर की कीमत में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका के बाहर सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता है। इसके अलावा कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी मेटल्स की कीमतों को सपोर्ट दिया है। डॉलर कमजोर होने पर दूसरी करेंसी रखने वाले खरीदारों के लिए डॉलर में कीमत वाले मेटल अपेक्षाकृत सस्ते हो जाते हैं, जिससे डिमांड को सपोर्ट मिलता है। अमेरिका में रिकॉर्ड स्तर पर कॉपर का स्टॉककॉपर की ग्लोबल सप्ला...
ब्रिक्स समिट: 10 देशों के मेहमान आएंगे दिल्ली… जानें भारत के सामने क्या होगी बड़ी चुनौती?

ब्रिक्स समिट: 10 देशों के मेहमान आएंगे दिल्ली… जानें भारत के सामने क्या होगी बड़ी चुनौती?

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारत (India) की मेजबानी में 12-13 सितंबर को नई दिल्ली (New Delhi) में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) से पहले पश्चिम के भू-राजनीतिक गलियारों में यह बहस तेज हो रही है कि क्या इस समूह का उद्देश्य पश्चिमी वित्तीय व्यवस्था (Western Financial System) को चुनौती देना है। एक तरफ ब्रिक्स के विस्तार ने इसे वैश्विक दक्षिण की बड़ी आवाज बनाया है, वहीं पश्चिम में ऐसी आशंकाएं जताई जा रही हैं कि यह संगठन किसी नए शीत युद्ध के अखाड़े में तब्दील न हो जाए। ऐसे में भारत की असल चुनौती ब्रिक्स को पश्चिम-विरोधी धड़े वाली छवि से बचाने की होगी। पश्चिम विरोध ब्लॉक की छवि से बचना बड़ी चुनौतीयूएई, मिस्र और ईरान जैसे देशों से ब्रिक्स का दायरा बढ़ा है, लेकिन इस विस्तार ने इसके वैचारिक अंतर्विरोध भी सतह पर ला दिए हैं। रूस और चीन ब्रिक्स को डॉलर के वर्चस्व को तोड़ने और पश्चिमी संस्थानों के विकल...
भारत-बांग्लादेश के बीच फिर रेल सेवा शुरू करने की तैयारी….इसी सप्ताह हो सकती है बड़ी बैठक

भारत-बांग्लादेश के बीच फिर रेल सेवा शुरू करने की तैयारी….इसी सप्ताह हो सकती है बड़ी बैठक

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश (India and Bangladesh) के तनावपूर्ण संबंधों (Strained Relations) के बीच जल्द एक खुशखबरी मिलने के आसार हैं। खबर है कि भारत और बांग्लादेश (India and Bangladesh) इस हफ्ते सीमा पार यात्री ट्रेन (Passenger Train) सेवाओं को फिर से शुरू करने पर चर्चा कर सकते हैं। ये सेवाएं 2024 में बांग्लादेश में हुई हिंसक अशांति के बाद से बंद हैं जिसके कारण प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिर गई थी। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, बांग्लादेश रेलवे के अधिकारी मंगलवार से ढाका में अपने भारतीय अधिकारियों के साथ दो दिन की बैठक करेंगे। इसमें मैत्री, बंधन और मिताली एक्सप्रेस सेवाओं को फिर से शुरू करने और एक नया रेलमार्ग शुरू करने की संभावना पर चर्चा होगी। जान ले स्टॉपेजइस मामले से अवगत बांग्लादेश रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, 'हम कल से शुरू होने वाली IGRM य...
NSE और BSE के प्री-ओपन नियमों में हुआ बदलाव…. जानें निवेशकों पर इसका क्या होगा असर?

NSE और BSE के प्री-ओपन नियमों में हुआ बदलाव…. जानें निवेशकों पर इसका क्या होगा असर?

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। अगर आप भारतीय शेयर बाजार (Indian stock market) में निवेश करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारत के दोनों प्रमुख शेयर बाजारों, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange- NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (Bombay Stock Exchange-BSE) के प्री-ओपन नियम (Pre-open Rules changed) बदल रहे हैं। दोनों ने आज, 7 सितंबर 2026 से प्री-ओपन सेशन (सुबह 9 बजे से 9:15 बजे तक) के नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों में क्या-क्या बदलाव हुआ है?9:00 से 9:05 बजे तक: इस दौरान मार्केट ऑर्डर जो बिना कीमत तय किए तुरंत खरीद-बिक्री के ऑर्डर होते हैं और लिमिट ऑर्डर यानी तय कीमत पर खरीद-बिक्री के ऑर्डर, दोनों डाले जा सकते हैं।9:05 से 9:10 बजे तक: इस दौरान सिर्फ लिमिट ऑर्डर ही डाले, बदले या रद्द किए जा सकते हैं। मार्केट ऑर्डर नहीं डाले जा सकते। पहले यह समय 9:07 बजे तक था, जिसे बढ़ाकर 9:10 बजे कर दिया ...
बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने निकाला प्याज का बफर स्टॉक…. 10 दिन में ही बिक गई 4000 टन

बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने निकाला प्याज का बफर स्टॉक…. 10 दिन में ही बिक गई 4000 टन

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। एक ओर जहां चीनी की कीमतों (Sugar prices) में बीते दिनों त्योहारों पर मिठास कम करने का काम किया, तो वहीं प्याज (Onion Price) लोगों की आंख से आंसू निकालती हुई नजर आई. देशभर में प्याज की कीमतों (Onion Price ) में तेज उछाल देखने मिला था. इसे देखते हुए सरकार ने कांदा एक्सप्रेस (Kanda Express) के जरिए तमाम बड़े शहरों में प्याज का बफर स्टॉक रिलीज किया। सरकार ने सिर्फ 10 दिनों में ही 4000 टन बफर स्टॉक प्याज बेच दिया है। 17 शहरों में सस्ता बेचा प्याजएक रिपोर्ट के मुताबिक, कंज्यूमर अफेयर्स सेक्रेटरी निधि खरे ने रविवार को इस बारे में जानकारी शेयर करते हुए बताया कि सरकार ने आसमान छूती प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के उद्देश्य इसकी रियायती बिक्री शुरू की. बफर स्टॉक से निकाले गए इस प्याज को पहले 10 दिनों में 17 शहरों में पहुंचाया गया और करीब 4,000 टन बफर प्याज बेचा जा चुका है. गौरतलब है कि...
KIA सोरेंटो की भारत में दस्तक, 27.99 लाख रुपये से शुरू कीमत; पहली बार हाइब्रिड और जनरेटिव एआई की सुविधा

KIA सोरेंटो की भारत में दस्तक, 27.99 लाख रुपये से शुरू कीमत; पहली बार हाइब्रिड और जनरेटिव एआई की सुविधा

आर्थिक, लाइफस्टाइल
नई दिल्ली। प्रीमियम तीन-पंक्ति एसयूवी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में किआ इंडिया ने नई सोरेंटो को भारतीय बाजार में उतार दिया है। कंपनी ने डीजल संस्करण की शुरुआती कीमत 27.99 लाख रुपये और हाइब्रिड संस्करण की शुरुआती कीमत 29.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी है। सोरेंटो के साथ किआ ने भारत में पहली बार हाइब्रिड पावरट्रेन पेश किया है। वहीं, भारत में निर्मित सोरेंटो के माध्यम से रियल-टाइम जनरेटिव एआई आधारित किआ एआई असिस्टेंट की वैश्विक शुरुआत भी हुई है। इसकी आधिकारिक डिलीवरी देशभर में 4 सितंबर से शुरू हो गई है। कंपनी के अनुसार, सोरेंटो किआ के सबसे सफल वैश्विक एसयूवी नामों में शामिल है। चार पीढ़ियों और 24 वर्षों से अधिक के सफर में यह 132 देशों में 48 लाख से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच चुकी है। भारत में उतारा गया मॉडल वैश्विक डिजाइन, आधुनिक तकनीक, सुरक्षा, आराम और अलग-अलग पावरट्रेन विकल्पों...
पश्चिम के संपन्न देशों में भविष्य को लेकर पहले से ज्यादा डरे हुए हैं लोग, जानें इसकी वजह…. !

पश्चिम के संपन्न देशों में भविष्य को लेकर पहले से ज्यादा डरे हुए हैं लोग, जानें इसकी वजह…. !

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
लंदन/न्यूयॉर्क। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artifical Intelligence) से नौकरियों पर खतरा, जलवायु परिवर्तन, युद्ध की आहट और गहराता आर्थिक ध्रुवीकरण (Economic polarization)...। पश्चिमी दुनिया (Western world- अमेरिका और यूरोप) के संपन्न देशों में हर हफ्ते सामने आने वाले ओपिनियन पोल्स एक ही बात दोहरा रहे हैं, लोग भविष्य को लेकर पहले कभी इतने ज्यादा आशंकित और डरे हुए नहीं थे। 2026 में सामने आए एक सर्वे में 5 में से 2 अमेरिकी नागरिकों (40%) ने आशंका जताई कि 2276 में अपनी स्थापना के 500 साल पूरे होने तक अमेरिका शायद एक देश के तौर पर बचेगा ही नहीं। अधिकांश लोगों का मानना है कि 2050 तक उनका देश कमजोर, आर्थिक रूप से पिछड़ा और राजनीतिक तौर पर और बंटा हुआ होगा। ब्रिटेन और फ्रांस जैसे अमीर देश संकटग्रस्त मुल्कों के साथ कतार में खड़े हैं। लेकिन इसके उलट, 55 देशों में किए गए यूनिसेफ और ग्लोबल सर्वे के आंकड...