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बिहार की मखाना झांकी ने भारत पर्व में बटोरे च accolades, वैश्विक सुपरफूड के रूप में पहचान बढ़ी

बिहार की मखाना झांकी ने भारत पर्व में बटोरे च accolades, वैश्विक सुपरफूड के रूप में पहचान बढ़ी

विशेष समाचार
नई दिल्ली, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। गणतंत्र दिवस के अवसर पर लाल क़िला परिसर में आयोजित छह दिवसीय भारत पर्व महोत्सव का समापन हो गया। इस दौरान यहां प्रदर्शित की गई बिहार की झांकी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। सुपर फ़ूड मखाना को केंद्र में रखकर बनाई गई इस झांकी को लोगों ने खूब सराहा। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से आयोजित भारत पर्व का यह प्रतिष्ठित आयोजन भारतीय संस्कृति, विरासत और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय मंच देने का अवसर माना जाता है। ऐसे मंच पर मखाना की मौजूदगी यह संकेत देती है कि बिहार का पारंपरिक उत्पाद अब केवल रसोई या धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह वैश्विक सुपरफूड के रूप में उभर चुका है। मिथिला की संस्कृति और परंपरा से जुड़ा मखाना आज पोषण, चिकित्सा और अंतर्राष्ट्रीय खाद्य बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम और खनिज से भरपूर य...
राजाजी पार्क में लावारिस गज शिशु बना पर्यटकों का आकर्षण

राजाजी पार्क में लावारिस गज शिशु बना पर्यटकों का आकर्षण

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हरिद्वार, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में स्थित एलिफेंट कैंप में इन दिनों एक नन्हा मेहमान, जो कि एक हाथी का बच्चा है, वन विभाग और पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है। यह नन्हा हाथी अपने झुंड से बिछड़ गया था और जंगल में असहाय हालत में मिला था। अब यह पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है और कैंप परिसर में अपनी शरारतों से सभी का मन मोह रहा है। राजाजी पार्क की टीम इसकी देखभाल अपने परिवार के बच्चे की तरह कर रही है। दो सप्ताह पहले, 18 जनवरी को, जब श्यामपुर फॉरेस्ट रेंज के खारा इलाके में वनकर्मी गश्त कर रहे थे, तभी उनकी नज़र इस नवजात गज शिशु पर पड़ी। बच्चा बहुत ही छोटा और अकेला था। वनकर्मियों ने इसकी सूचना तुरंत बड़े अधिकारियों को दी। उसके बाद, अधिकारियों और डॉक्टरों की एक टीम मौके पर पहुंची और नन्हे हाथी का रेस्क्यू किया। काफी प्रयासों के बाद जब इसके हाथी झुंड का कोई...
पुरुलिया खादी मेला: बंगाल की सांस्कृतिक धरोहर और पारंपरिक स्वादों का संगम

पुरुलिया खादी मेला: बंगाल की सांस्कृतिक धरोहर और पारंपरिक स्वादों का संगम

विशेष समाचार
पुरुलिया, 18 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। पश्चिम बंगाल खादी एवं ग्रामीण उद्योग बोर्ड के तत्वावधान में पुरुलिया शहर के जीईएल चर्च मैदान में आयोजित 'जिला खादी मेला' इन दिनों स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेले में राज्य के विभिन्न कोनों से आए खादी वस्त्र, दुर्लभ हस्तशिल्प और पारंपरिक पीठे-पुलियों (बंगाली मिठाइयां) की महक ने पूरे परिसर को उत्सव के माहौल में सराबोर कर दिया है। मेले में इस वर्ष पंजाबी कुर्ते, जवाहर कोट से लेकर स्वर्णलता और पशमीना जैसी उत्कृष्ट साड़ियों की विशाल श्रृंखला प्रदर्शित की गई है। यहां न केवल वस्त्र, बल्कि उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी का बेंत फर्नीचर, कूचबिहार की प्रसिद्ध शीतलपाटी और मेदिनीपुर के पारंपरिक पटचित्र भी उपलब्ध हैं। मोहनीगंज का प्रसिद्ध तुलाईपांजी चावल और सुंदरबन का शुद्ध शहद भी ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। मेले ...
औषधीय विलायती तुलसी पर फंगल संकट, बीएचयू के शोध को अमेरिका के जर्नल में जगह मिली

औषधीय विलायती तुलसी पर फंगल संकट, बीएचयू के शोध को अमेरिका के जर्नल में जगह मिली

विशेष समाचार
वाराणसी, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। औषधीय गुणों से भरपूर विलायती तुलसी (मेसोस्फेरम सुवेओलेंस) पर एक विनाशकारी फंगल बीमारी का खतरा सामने आया है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के वनस्पति विज्ञान के वैज्ञानिकों के शोध में इस पौधे में एक घातक फंगस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। यह भारत में विलायती तुलसी पर इस फंगस के संक्रमण का पहला दर्ज मामला माना जा रहा है। बीएचयू के वनस्पति विज्ञान विभाग स्थित उन्नत अध्ययन केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, विलायती तुलसी की पत्तियों पर भूरे रंग के धब्बे और शॉट-होल जैसे लक्षण पाए गए। विस्तृत मॉर्फोलॉजिकल, पैथोलॉजिकल और मॉलिक्यूलर विश्लेषण के बाद इसके लिए ‘कोरीनेस्पोरा कैसिइकोला’ फंगस को जिम्मेदार ठहराया गया है। इस शोध दल में डॉ. राघवेंद्र सिंह, शोधार्थी अभिनव, अजय कुमार नायक और सौम्यदीप रजवार के साथ-साथ केरल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शंभू कुमार एवं गोरखपुर ...
मेदिनीपुर में ऐतिहासिक ‘तुलसी चारा’ उत्सव की धूम

मेदिनीपुर में ऐतिहासिक ‘तुलसी चारा’ उत्सव की धूम

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मेदिनीपुर, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गुरुवार तड़के को पश्चिम और पूर्व मेदिनीपुर के सबंग–पोटाशपुर इलाके में ऐतिहासिक तुलसीचारा मेले का आगाज हो गया। इस ऐतिहासिक मेले को लेकर स्थानीय लोगों में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला। सुबह की पहली रोशनी के साथ ही तुलसी मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं, व्यापारियों और दर्शकों की भीड़ उमड़ने लगी। करीब 530 वर्षों से भी अधिक पुरानी परंपरा को अपने भीतर समेटे यह लोकमेला आज से शुरू होकर लगातार 10 दिनों तक चलेगा। पोटाशपुर ब्लॉक के गोकुलपुर गांव में नदी किनारे स्थित प्राचीन तुलसी मंदिर को केंद्र बनाकर हर वर्ष पौष संक्रांति के दिन इस मेले का शुभारंभ होता है। मंदिर के नाम पर ही इस मेले को तुलसीचारा मेला कहा जाता है। लगभग 12 बीघा जमीन में फैला यह मेला अविभाजित मेदिनीपुर जिले की सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक प...
एमसीबी: बदली धान खरीद व्यवस्था से किसान रमाशंकर को मिला मेहनत का पूरा सम्मान

एमसीबी: बदली धान खरीद व्यवस्था से किसान रमाशंकर को मिला मेहनत का पूरा सम्मान

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मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 किसानों के लिए केवल धान बेचने का समय नहीं, बल्कि उनके लिए भरोसे, सम्मान और आत्मविश्वास से भरपूर एक नया अध्याय बनकर उभरा है। राज्य सरकार द्वारा स्थापित आधुनिक और तकनीक आधारित धान खरीद व्यवस्था ने यह यकीन दिलाया है कि अब किसानों की मेहनत सुरक्षित है और उनका सही मूल्य समय पर सीधे बैंक खाते में पहुंचाया जा रहा है। इस नए प्रणाली का जीवंत उदाहरण बने हैं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्रामीण पोड़ीडीह के किसान रमाशंकर, जिन्होंने खड़गवां उपार्जन केंद्र पर धान बेचकर इस नई व्यवस्था की प्रभावशीलता को अनुभव किया। रमाशंकर एक सरल, मेहनती और संघर्षशील किसान हैं, जिन्होंने अनिश्चित मौसम, बढ़ती लागत और बाजार के दबावों के बावजूद धान की फसल का उत्पादन किया। राज्य सरकार की प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की नीति और...
मकर संक्रांति पर सिद्ध बाबा धाम बनता है श्रद्धा, परंपरा और पर्यटन का संग

मकर संक्रांति पर सिद्ध बाबा धाम बनता है श्रद्धा, परंपरा और पर्यटन का संग

विशेष समाचार
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में घने जंगलों और ऊँची-नीची पहाड़ियों के बीच स्थित सिद्ध बाबा धाम अब सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि श्रद्धा, इतिहास, और विकास की जीवंत कहानी बन चुका है। मकर संक्रांति के अवसर पर यह स्थान श्रद्धालुओं से भर जाता है और पूरा क्षेत्र भक्ति और उल्लास में डूब जाता है। कुछ वर्ष पहले तक यह प्राचीन शिव मंदिर समय की चुनौतियों का सामना कर रहा था, वहीं आज यह केदारनाथ धाम की तर्ज पर बनाए गए भव्य मंदिर के रूप में श्रद्धालुओं का आकर्षण बन चुका है। रात्रि में जब यह मंदिर रोशनी से जगमगाता है, तो मानो पर्वत पर दिव्यता की छा जाती है। स्थानीय पुरातत्व एवं पर्यटन विभाग के नोडल अधिकारी और इतिहासकार डॉ. विनोद पांडेय के अनुसार, सिद्ध बाबा धाम की आस्था की जड़ें वर्ष 1928 से जुड़ी हुई हैं। उस समय कारीमाटी क्षेत्र मे...
युवा उद्यमी योजना’ से बदली पूजा की किस्मत, देवी-देवताओं की पोशाकों से संवारा अपना भविष्य

युवा उद्यमी योजना’ से बदली पूजा की किस्मत, देवी-देवताओं की पोशाकों से संवारा अपना भविष्य

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फिरोजाबाद, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश सरकार की 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' योजना आज प्रदेश के लाखों युवाओं के सपनों को साकार कर रही है। इसी सिरे पर फिरोजाबाद जिले के रामकृष्ण नगर की निवासी पूजा अग्रवाल ने स्वरोजगार की एक नई मिसाल स्थापित की है। पूजा के मन में हमेशा से स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का सपना था, किंतु संसाधनों और पूंजी की कमी उनके रास्ते में बाधा बन रही थी। राज्य की योगी सरकार की युवा उद्यमी योजना ने उनकी इस बाधा को मिटा दिया। पूजा ने इस योजना के तहत आवेदन किया और विभागीय सहायता के साथ बैंक से अगस्त 2025 में 5 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया। इस आर्थिक सहायता ने उनके सपनों को साकार करने का आधार दिया। ऋण राशि की प्राप्ति के साथ ही पूजा ने "मां कैला देवी पोशाक केंद्र" की स्थापना की। उन्होंने लड्डू गोपाल एवं विभिन्न देवी-देवताओं के सुंदर एवं आकर्षक पोशाक बनाने क...
प्रवासी भारतीय दिवस: वैश्विक भारतीय चेतना और राष्ट्र निर्माण की निरंतर यात्रा

प्रवासी भारतीय दिवस: वैश्विक भारतीय चेतना और राष्ट्र निर्माण की निरंतर यात्रा

विशेष समाचार
शहर, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star News हर वर्ष 9 जनवरी को मनाया जाने वाला प्रवासी भारतीय दिवस भारत और विश्वभर में बसे भारतीय समुदाय के बीच भावनात्मक, सांस्कृतिक और विकासात्मक रिश्तों को मजबूत करने का प्रतीक है। स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के समय इस दिवस की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है, क्योंकि यह हमें भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े एक ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है। 9 जनवरी 1915 को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। उनका यह लौटना प्रवासी भारतीयों के अधिकारों, संघर्षों और आत्मसम्मान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम था। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को आधार बनाकर प्रवासी भारतीय दिवस की अवधारणा विकसित की गई। पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी ने की थी शुरूआत। प्रवासी भारतीय दिवस की शुरुआत वर्ष 2003 में तत्कालीन प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के...
Shukra Shani Yog 2025: शुक्र शनि का बना महाशक्तिशाली योग, इन चार राशिवालों की बदलेगी जिंदगी

Shukra Shani Yog 2025: शुक्र शनि का बना महाशक्तिशाली योग, इन चार राशिवालों की बदलेगी जिंदगी

विशेष समाचार
उज्‍जैन। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र-शनि का योग बहुत प्रभावशाली होता है. प्रेम सुख और सुंदरता के कारक ग्रह शुक्र और न्याय व कर्मफल के कारक ग्रह शनि ने एक साथ एक विशेष स्थिति में आकर शक्तिशाली योग बनाया है.4 राशि के जातकों को अनेक लाभ द्रिक पंचांग के अनुसार, आज शनिवार, 13 दिसंबर 2025 को सुबह 06:41 बजे शुक्र और शनि ने एक दूसरे के 100° की कोणीय स्थिति में होकर ‘शतांक योग’ बनाया है. यह योग 4 राशि के जातकों के लिए अनेक लाभ के मौके दे रहा है. मेहनत का फल, धन वृद्धि से लेकर प्रेम में गहराई जैसे शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं. आइए इस बारे में जानें कि किन राशि का जातकों को लाभ होगा.वृषभ राशि शुक्र-शनि का शतांक योग वृषभ राशि के जातकों को विशेष लाभ दे सकता है. जीवन में सुख पाने के कई मौके मिलेंगे. पैसों की आवक कई माध्यमों से होने के योग बन सकते हैं. जातकों कों मेहनत का पूरा फल प्राप्त होगा जिस...