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विशेष समाचार

दाल के दानों पर उकेरे 12 ज्योतिर्लिंग, उज्जैन की दीक्षा ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

दाल के दानों पर उकेरे 12 ज्योतिर्लिंग, उज्जैन की दीक्षा ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

मध्य प्रदेश, विशेष समाचार
उज्जैन। प्रतिभा और लगन के दम पर मध्‍य प्रदेश के उज्जैन की एक छात्रा ने ऐसा विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ा दिया है। उत्कृष्ट विद्यालय की कक्षा 12वीं की छात्रा एवं माइक्रो आर्टिस्ट दीक्षा कुशवाह ने मात्र 22 मिनट में चने की 12 दालों पर 12 ज्योतिर्लिंगों की सूक्ष्म पेंटिंग बनाकर वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। यह जानकारी गुरूवार को जनसंपर्क अधिकारी घनश्याम सिरसाम ने देते हुए बताया कि ऋषि नगर निवासी दीक्षा ने केवल 8 मिलीमीटर आकार की दालों पर अद्भुत बारीकी के साथ भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों की आकृतियां उकेरीं। उनकी इस अनोखी कला ने न केवल कला प्रेमियों को प्रभावित किया, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी दिलाई। यह उपलब्धि उन्होंने शिप्रा फाइन आर्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अभिषेक तोमर के मार्गदर्शन में हासिल की। सूक्ष्म ...
पंचायत नामा : ग्राम पंचायत रेसलपुर बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

पंचायत नामा : ग्राम पंचायत रेसलपुर बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

मध्य प्रदेश, विशेष समाचार
 नर्मदापुरम ! जनपद पंचायत नर्मदापुरम अंतर्गत ग्राम पंचायत रेसलपुर ने ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। सामान्यतः विकास कार्यों के लिए शासकीय अनुदान एवं बजट पर निर्भर रहने वाली पंचायतों के विपरीत रेसलपुर पंचायत ने अपनी स्वयं की आय एवं टैक्स वसूली की राशि का सदुपयोग कर गांव को नई पहचान दिलाई है। पंचायत द्वारा ग्रामीणों के सहयोग एवं प्रभावी टैक्स वसूली से प्राप्त राशि से गांव में भव्य स्वागत द्वार, राहगीरों एवं ग्रामीणों की सुविधा हेतु आधुनिक विश्राम भवन का निर्माण कराया गया है। साथ ही पंचायत क्षेत्र में वृक्षारोपण कार्य कर हरियाली को भी बढ़ावा दिया गया है। ग्राम पंचायत की इस उपलब्धि के पीछे सरपंच श्रीमती मालती झाल्या, सचिव श्री सुरेंद्र सिंह चौहान एवं ग्राम रोजगार सहायक श्री देवेंद्र केवट की कुशल कार्यप्रणाली एवं दूरदर्शी सोच को प्रमुख कारण माना जा...
नेपाल में एक ही दिन में 247 पर्वतारोहियों का माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने का विश्व रिकॉर्ड

नेपाल में एक ही दिन में 247 पर्वतारोहियों का माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने का विश्व रिकॉर्ड

अंतरराष्ट्रीय, विशेष समाचार
काठमांडू, 21 मई (हि.स.)। विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (सागरमाथा) पर आज 274 पर्वतारोहियों ने दक्षिणी मार्ग से सफल चढ़ाई कर नया रिकॉर्ड बनाया। यह एक ही दिन में नेपाली मार्ग से एवरेस्ट फतह करने वालों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। दक्षिणी फेस से एक दिन में सबसे अधिक चढ़ाई का पिछला रिकॉर्ड 22 मई 2019 को बना था, जब 223 पर्वतारोही शिखर तक पहुंचे थे। हालांकि, उस दिन कुल वैश्विक संख्या अधिक थी क्योंकि तिब्बत की ओर से भी पर्वतारोही चढ़े थे लेकिन इस वर्ष चीन द्वारा कोई पर्वतारोहण अनुमति जारी न करने के कारण उत्तरी मार्ग पूरी तरह बंद रहा। इस माह की शुरुआत में लंबे समय तक मार्ग बंद रहने से अत्यधिक भीड़ की स्थिति पैदा हुई। “आइसफॉल डॉक्टर” कहलाने वाले उच्च हिमालयी श्रमिकों ने मार्ग में बाधा बने विशाल हिमखंड (सेराक) को हटाने में कई सप्ताह लगाए। यह रास्ता 13 मई तक नहीं खुल सका, जिसके कारण ...
ग्रेट निकोबार : क्‍या राष्ट्रहित से ऊपर है कांग्रेस की राजनीति?

ग्रेट निकोबार : क्‍या राष्ट्रहित से ऊपर है कांग्रेस की राजनीति?

लेख, विशेष समाचार
डॉ. मयंक चतुर्वेदी आज जब भारत विश्व मंच पर एक उभरती हुई महाशक्ति के रूप में अपनी पहचान बना रहा है, तब देश को मजबूत सामरिक ढांचा, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक व्यापारिक क्षमता की भी आवश्यकता है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच भारत को अपने समुद्री हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना समय की मांग है। ऐसे समय में ग्रेट निकोबार परियोजना भारत के सामरिक, आर्थिक और वैश्विक भविष्य की आधारशिला है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस इस परियोजना का लगातार विरोध कर रही है। वस्‍तुत: कभी पर्यावरण के नाम पर, कभी आदिवासी हितों के नाम पर और अब राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर प्रश्न उठाकर कांग्रेस एक ऐसे प्रोजेक्ट को रोकने की कोशिश कर रही है, जोकि भविष्‍य में भारत को समुद्री शक्ति, व्यापारिक आत्मनिर्भरता और सामरिक मजबूती प्रदान करने का कारण बनेगा। सवाल यह है कि क्...
(पुण्‍य स्‍मरण) सेवा, साधना और संवेदना के पर्याय अनिल माधव दवे

(पुण्‍य स्‍मरण) सेवा, साधना और संवेदना के पर्याय अनिल माधव दवे

लेख, विशेष समाचार
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारतीय संस्कृति में प्रकृति को चेतना माना गया है। नदियाँ यहां मां हैं, वृक्ष देवता हैं और जल जीवन का आधार। आधुनिक विकास की अंधी दौड़ में जब पर्यावरण संकट वैश्विक चिंता बनता जा रहा है, तब कुछ व्यक्तित्व ऐसे भी हुए जिन्होंने भारतीय जीवनदृष्टि को आधुनिक पर्यावरणीय चिंताओं से जोड़ने का प्रयास किया। श्रद्धेय अनिल माधव दवे उन्हीं विरले व्यक्तित्वों में से एक थे। उनके लिए पर्यावरण साधना, सेवा और संस्कार का हिस्सा रहा। नर्मदा के तटों से लेकर संयुक्त राष्ट्र की जलवायु वार्ताओं तक, उन्होंने भारतीय चिंतन को मजबूती से रखा। नर्मदा से जुड़ा आत्मिक रिश्ता अनिल माधव दवे का नाम लेते ही सबसे पहले नर्मदा का स्मरण होता है। मध्य प्रदेश की जीवनरेखा कही जाने वाली नर्मदा नदी उनके हृदय के अत्यंत निकट थी। उन्होंने नर्मदा को केवल नदी नहीं, बल्कि संस्कृति और सभ्यता की धारा माना।उनके ग...
19 साल की निगरानी के बाद ब्लैक होल में मिला 433 दिन का दुर्लभ प्रकाश चक्र

19 साल की निगरानी के बाद ब्लैक होल में मिला 433 दिन का दुर्लभ प्रकाश चक्र

ब्रेकिंग न्यूज़, विशेष समाचार
नई दिल्ली। ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने की दिशा में वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता मिली है। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की टीम ने 19 वर्षों तक लगातार अध्ययन करने के बाद एक विशाल ब्लैक होल से जुड़े दुर्लभ प्रकाश चक्र की खोज की है। यह खोज ब्लैक होल और सक्रिय आकाशगंगाओं की कार्यप्रणाली को समझने में अहम मानी जा रही है। वैज्ञानिकों ने ‘3सी 454.3’ नामक एक अत्यंत चमकीले ब्लेजर में ऐसा प्रकाश पैटर्न दर्ज किया है, जो लगभग हर 433 दिन में दोहराता है। यह अध्ययन ‘होल अर्थ ब्लेजर टेलीस्कोप’ परियोजना के तहत किया गया। शोध में सामने आया कि इस खगोलीय पिंड की चमक नियमित अंतराल पर बढ़ती और घटती रहती है। वैज्ञानिक भाषा में इस घटना को ‘ऑप्टिकल क्वासी-पीरियोडिक ऑस्सिलेशन’ (क्यूपीओ) कहा जाता है। इस महत्वपूर्ण शोध में Aryabhatta Research Institute of Observational Sciences के वैज्ञानिकों ने भी प्रमुख भूम...
UAE के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है भारत, दुश्मनों को पीएम मोदी का संदेश; अरबों की डील

UAE के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है भारत, दुश्मनों को पीएम मोदी का संदेश; अरबों की डील

अंतरराष्ट्रीय, विशेष समाचार
अबु धाबी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की संक्षिप्त लेकिन बेहद अहम यात्रा भारत के लिए बड़ी उपलब्धियां लेकर आई है। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच न सिर्फ आपसी रिश्तों की गर्मजोशी दिखी, बल्कि रक्षा, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक समझौते भी हुए। पश्चिम एशिया में बढ़ती क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच, पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत इस मुश्किल समय में अबू धाबी के साथ "कंधे से कंधा मिलाकर" खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूएई को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, वह किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। यूएई को बताया 'दूसरा घर' और शानदार स्वागत पर जताया आभारप्रधानमंत्री मोदी ने यूएई में हुए अपने शानदार स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह दौरा उनके लिए अपने दूसरे घर आन...
गुरुदेव के आशीर्वाद से ही सनातन और सत्य मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा मिलती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गुरुदेव के आशीर्वाद से ही सनातन और सत्य मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा मिलती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्य प्रदेश, विशेष समाचार
भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में जय गुरुदेव आश्रम में गुरुदेव महाराज से भेंट कर आशीर्वाद लिया और उनके अमृत प्रवचनों का श्रवण किया। गुरुदेव श्री उमाकांत जी महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सदा ऐसे ही समाज की सेवा में लगे रहे और सत्य, सनातन, अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए जन सेवा करते रहें। आज आप अपने कार्यों से जनता के प्यारे बन गए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुदेव के निर्देश पर मंच से ही गुरुदेव के अनुयायियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा गुरुदेव की उज्जैन में आना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरुवर को देखकर ऐसा लगता है कि स्वयं ईश्वर को देख लिया हो, यह आश्रम परमात्मा का घर है, परमात्मा का आशीर्वाद है कि हमें गुरुवर का आशीर्वाद उनके स्वरूप में मिल रहा है और जीवन में सत्य कार्य करने का जो मार्गदर्शन हमें गुर...
पीएम मोदी की अपील पर राहुल-अखिलेश की नकारात्‍मक राजनीति !

पीएम मोदी की अपील पर राहुल-अखिलेश की नकारात्‍मक राजनीति !

लेख, विशेष समाचार
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी होर्मुज जलडमरूमध्य पर मंडराते खतरे ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा कर रखी है। भारत जैसा देश, जोकि विश्‍व की विशाल जनसंख्‍या का प्रतिनिधित्‍व करता है, स्‍वभाविक है कि अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, स्वाभाविक रूप से इस संकट से प्रभावित है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने, अनावश्यक सोना खरीदने से बचने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की है तो इसमें अनुचित क्‍या है? यह अपील न तो किसी भय का संकेत थी और न ही किसी आपातकाल की घोषणा, बल्कि आर्थिक अनुशासन और राष्ट्रीय जिम्मेदारी का संदेश है, किंतु कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे सरकार की विफलता बताकर राजनीतिक हमला शुरू कर दिया है। सवाल यह है कि क्या हर राष्ट्रीय चुनौती को राजनीति के चश्मे से ...
आत्मनिर्भर भारत : देश को सशक्‍त बनाने के लिए पीएम मोदी के पंद्रह सूत्र

आत्मनिर्भर भारत : देश को सशक्‍त बनाने के लिए पीएम मोदी के पंद्रह सूत्र

लेख, विशेष समाचार
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारत आज जिस मोड़ पर खड़ा है, वहां वह वैश्विक नेतृत्व की क्षमता रखने वाली शक्ति के रूप में उभर रहा है। ऊर्जा संकट, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, विदेशी निर्भरता और खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दे आज पूरी दुनिया के सामने चुनौती बनकर खड़े हैं। भारत भी इनसे बाहर नहीं है, ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए पंद्रह सूत्र भारत को आत्मनिर्भर, आर्थिक रूप से मज़बूत, पर्यावरणीय रूप से संतुलित और रणनीतिक रूप से शक्तिशाली बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है। प्रधानमंत्री मोदी ने कई अवसरों पर कहा है कि “21वीं सदी भारत की सदी होगी”, किंतु बड़ा प्रश्‍न यही है कि यह संभव कैसे होगा?  वस्‍तुत: यह तभी संभव है- जब भारत ऊर्जा, कृषि, उपभोग, परिवहन और जीवनशैली के स्तर पर आत्मनिर्भरता की ओर निर्णायक कदम बढ़ाए, इसलिए पीएम मोदी के आज के समय में दिए गए इन पंद्रह सूत्रों म...