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इतिहास का इतिहास

इतिहास का इतिहास

लेख
By: हृदयनारायण दीक्षित इतिहास का इतिहास - हृदयनारायण दीक्षित गाँधीजी जीवित होते तो आज 156 साल के होते। परसों उनकी पुण्यतिथि थी। वे बहुत गहराई से याद किए गए। उन्होंने विश्व इतिहास में हस्तक्षेप किया और काल की अखण्ड सत्ता को प्रभावित किया। काल है भी अखण्ड सत्ता। सारी घटनाएं समय के भीतर होती हैं। अथर्ववेद (19.53-54) में भृगु कहते हैं “काल-अश्व विश्व-रथ का संवाहक है। काल ही पिता है, वही आगे पुुत्र होता है। काल में प्राण हैं, मन हैं, सारे नाम हैं, काल की अनुकूलता ही आनंद है। काल स्वयंभू है। काल के द्वारा ही भूत और भविष्य पैदा हुए हैं आदि आदि।” समय पकड़ में नहीं आता। घटनाएं घटती हैं, घटना अतीत है। अतीत की घटनाओं का यथातथ्य संकलन इतिहास है। प्राचीन राष्ट्र की घटनाएं करोड़ों की संख्या में होती हैं। भारत ऐसा ही राष्ट्र है। मूलभूत प्रश्न है कि घटनाओं के संकलन में संकलनकर्ता की रूचि क्या है...
द्वितीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का सफल समापन

द्वितीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का सफल समापन

मध्य प्रदेश, राज्य
मंदसौर, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के सीतामऊ स्थित नटनागर शोध संस्थान में आयोजित द्वितीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का शनिवार को गरिमामय समापन हुआ। इस तीन दिवसीय साहित्यिक आयोजन में देशभर से पधारे साहित्यकारों, विचारकों, इतिहासकारों, कलाकारों एवं पर्यावरणविदों ने अपने विचारों से श्रोताओं को समृद्ध किया। महोत्सव एक “नॉलेज कुंभ” के रूप में विकसित हुआ, जिसका सभी उपस्थितजनों ने लाभ उठाया। ज्ञान चतुर्वेदी ने अंतिम दिन “किस्से कहानियां” विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि कविता वही बनती है, जिसे लेखक ने स्वयं महसूस किया हो। लेखन में संवेदना का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जीवन को भीतर उतरकर समझने का महत्व बताया। रज़ा काज़मी ने “पर्यावरण संरक्षण” विषय पर अपने विचार साझा करते हुए बताया कि इतिहास अपने आप को दोहराता है। उन्होंने बच्चों को प्राकृतिक सौंदर्य से अवगत कराने औ...
नक्सल गतिविधियों के समाप्त होने के बाद बस्तर में पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि

नक्सल गतिविधियों के समाप्त होने के बाद बस्तर में पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि

छत्तीसगढ़, राज्य
जगदलपुर, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ का बस्तर जिला जो कभी नक्सल हिंसा के लिए जाना जाता था, अब बदलती परिस्थितियों के साथ तेजी से विकास कर रहा है। नक्सल गतिविधियों में भारी गिरावट के परिणामस्वरूप, इस क्षेत्र में बीते चार महीने में 20 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे हैं। यह संख्या 2025-26 के दौरान बस्तर संभाग के सभी सात जिलों में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देती है। पर्यटन मंडल के अनुसार, सितंबर 2025 से अब तक, देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों ने भी बस्तर की ओर रुख किया है। पिछले 5 वर्षों में इस बार 7 लाख से ज्यादा पर्यटक अतिरिक्त आए हैं। 20 दिसंबर से 5 जनवरी के मध्य में ही 5 लाख से अधिक लोग यहाँ के विभिन्न पर्यटन केंद्रों का आनंद लेने पहुंचे हैं। बस्तर अब जंगलों, जलप्रपातों, आदिवासी संस्कृति और सुरक्षित वातावरण के लिए जाना जा रहा है, जिससे लोगों की सोच में बदलाव आ रहा है।...
प्रधानमंत्री 10-11 जनवरी को गुजरात के सोमनाथ का दौरा करेंगे, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में होंगे शामिल

प्रधानमंत्री 10-11 जनवरी को गुजरात के सोमनाथ का दौरा करेंगे, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में होंगे शामिल

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star News प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10-11 जनवरी को गुजरात के सोमनाथ का दौरा करेंगे और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम सोमनाथ मंदिर पर पहले आक्रमण के 1,000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जो भारत की अटूट सभ्यतागत निरंतरता और अदम्य आत्मबल का प्रतीक है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 10 जनवरी को रात करीब 8 बजे प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर परिसर में ‘ओमकार मंत्र’ के सामूहिक जाप में भाग लेंगे। इसके बाद वे मंदिर परिसर में आयोजित ड्रोन शो देखेंगे। प्रधानमंत्री 11 जनवरी को सुबह करीब 9:45 बजे शौर्य यात्रा में शामिल होंगे। यह एक भव्य और प्रतीकात्मक शोभायात्रा होगी, जिसका आयोजन सोमनाथ मंदिर की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले असंख्य वीर योद्धाओं के सम्मान में किया ...