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विद्यार्थियों ने लोकभवन की गतिविधियों का अवलोकन किया

विद्यार्थियों ने लोकभवन की गतिविधियों का अवलोकन किया

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। राज्यपाल रमेन डेका की पहल पर लोकभवन की गतिविधियों से जनसामान्य, विशेषकर विद्यार्थियों को जोड़ने के उद्देश्य से लोकभवन का भ्रमण कराया जा रहा है। इसी कड़ी में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर मठपारा के 50 छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों के साथ आज शनिवार को लोकभवन का भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने लोकभवन परिसर स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम, उदंती परिसर, कन्हार परिसर, डिस्पेंसरी उद्यान तथा सचिवालय की विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया। बच्चों ने राज्यपाल से मुलाकात कर सामूहिक फोटोग्राफी कराई। इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। सभी विद्यार्थियों को पौधे भेंट किए गए और उन्हें घर, स्कूल तथा गांव में पौधारोपण कर उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया गया।...
संस्कारित परिवार: जागरूक नागरिक, समरस समाज और संवेदनशील राष्ट्र निर्माण की मूल धुरी

संस्कारित परिवार: जागरूक नागरिक, समरस समाज और संवेदनशील राष्ट्र निर्माण की मूल धुरी

लेख
By: कैलाश चन्द्र संस्कारित परिवार: जागरूक नागरिक, समरस समाज और संवेदनशील राष्ट्र निर्माण की मूल धुरी -कैलाश चन्द्र भारतीय समाज की रचना में परिवार केवल रक्त-संबंधों का केंद्र नहीं बल्कि एक जीवंत संस्कृति, अनुशासन और भविष्य का निर्माण करने वाली संस्था है। जब दुनिया व्यक्तिगतता, उपभोक्तावाद और क्षणिक सुख की संस्कृति में उलझकर अपने मूल्यों से दूर जा रही है, तब हमारे लिए यह समझना अत्यंत आवश्यक हो जाता है कि राष्ट्र-निर्माण किसी एक नीति, किसी एक नेतृत्व या किसी एक विचारधारा से नहीं चलता; उसका वास्तविक केंद्र परिवार होता है। परिवार ही वह स्थान है जहाँ भविष्य की पीढ़ियाँ अपना पहला श्वांस, पहला संस्कार, पहली दृष्टि और पहला जीवन-शिक्षण प्राप्त करती हैं। अतः परिवार में संस्कारों की स्थापना केवल निजी जीवन का विषय नहीं बल्कि व्यापक सामाजिक और राष्ट्रीय प्रश्न है। बच्चा अपने जन्म से किशोरावस्था...
हिंदू होने का मर्म है विविधता में एकता और आत्मभूतेषु भाव

हिंदू होने का मर्म है विविधता में एकता और आत्मभूतेषु भाव

लेख
By: -------------- भारत एक देश होने के साथ ही एक चेतना है, एक संस्कार है, एक जीवन दृष्टि है। यह वह भूमि है जहां हजारों वर्षों से मानवता को जीने की कला सिखाई गई, जहां विविधता को शक्ति के रूप में देखा गया और जहां अंत:चेतना को ही एकता के लिए समाज की आधारशिला बनाया गया। इसी भारत के स्‍व को स्वर देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने आज जो कहा है, वह हम सभी के लिए गहन रूप से विचारणीय है। वस्‍तुत: ये भारत के अतीत, वर्तमान और भविष्य को जोड़ने वाला वैचारिक उद्घोष है। जिसमें कि उनके शब्द हर हिंदू, हर सनातनी और हर भारतवासी के भीतर यह भाव जगाते हैं कि इस राष्ट्र का चरित्र हमारे आचरण से बनता है और इसकी जिम्मेदारी हमारे कंधों पर है। डॉ. भागवत का यह कथन है कि भारत एक भौगोलिक इकाई से ऊपर एक चरित्र है, जोकि भारतीय सभ्यता के मूल स्वभाव को रेखांकित करता है। भारत की पहचान उसकी ...
रायपुर : मुख्यमंत्री साय आज जशपुर जिला के दौरे पर, निर्माण कार्यों का करेंगे अवलोकन

रायपुर : मुख्यमंत्री साय आज जशपुर जिला के दौरे पर, निर्माण कार्यों का करेंगे अवलोकन

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज गुरुवार को अपने गृह जिला जशपुर दौरे पर रहेंगे। वे सुबह 11:00 बजे ग्राम बगीचा में नगर पंचायत के निर्माण कार्यों का अवलोकन करेंगे। जिसके बाद 11:30 बजे गौरव पथ भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। बगीचा में सुबह 11:45 पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण करेंगे, इसके साथ ही हेल्थ कैंप, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बगीचा और मंगल भवन निर्माण कार्यों का दोपहर 12:15 बजे अवलोकन करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री साय उज्ज्वला महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे, और दोपहर 02:00 बजे फरसाबहार में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण/भूमिपूजन करेंगे। जिसके बाद अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज के वार्षिकोत्सव में भी शिरकत करेंगे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री साय शाम 05:00 बजे निज निवास ग्राम बगिया में रात्रि विश्राम करेंगे।...
सिवनी में नारी शक्ति की नई पहचान: पेट्रोल पंप से ऑटो तक आत्मनिर्भरता की कहानी

सिवनी में नारी शक्ति की नई पहचान: पेट्रोल पंप से ऑटो तक आत्मनिर्भरता की कहानी

मध्य प्रदेश, राज्य
सिवनी, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में बदलते समय का चेहरा अब स्पष्ट नजर आने लगा है। कभी घर की चौखट तक सीमित मानी जाने वाली महिलाएँ अब आत्मसम्मान और मेहनत के साथ अपने जीवन को संवारने में जुटी हैं। इस जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर नारी शक्ति पूरी आत्मविश्वास के साथ पेट्रोल-डीजल भरते हुए देखी जा सकती हैं। यह उनके लिए केवळ नौकरी नहीं, बल्कि उनके परिवार के जीवन का एक मजबूत सहारा बन चुका है। सिवनी की सड़कों पर पिछले तीन महीनों से एक महिला अपने ऑटो को चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही है। कड़ी धूप, बारिश और सर्दी—हर मौसम में ये महिलाएँ मुस्कान के साथ अपनी ड्यूटी निभाती हैं। उनका कहना है कि इस काम से महिलाओं को बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन और रोज़मर्रा की जरूरतें पूरा करने में सहारा मिल रहा है। कई महिलाओं के लिए यह नौकरी आत्मसम्मान की पहली सीढ़ी बन गई है। सुबह की पह...