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तकनीक एवं एआई से प्रेरित भारत के भविष्य का बजट: जितेंद्र सिंह

तकनीक एवं एआई से प्रेरित भारत के भविष्य का बजट: जितेंद्र सिंह

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 02 फ़रवरी (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि केंद्रीय बजट 2026–27 केवल एक साल का बजट नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास का रोडमैप है। यह बजट तकनीक आधारित, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े सुधारों के माध्यम से भारत के भविष्य को आकार देगा। डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को मंत्रालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि इस बजट का पूर्ण असर समय के साथ समझ में आएगा, लेकिन इसकी सोच दूरगामी और भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है। यह बजट विकसित भारत की दिशा में अगले 25 वर्षों की मजबूत नींव रखता है। बजट का असली फायदा मध्यम वर्ग को स्वास्थ्य खर्च में लंबी अवधि की राहत के रूप में मिलेगा। उन्होंने बताया कि कैंसर, डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में घरेलू स्तर पर सस्ती दवाएं, वैक्सीन और जांच सुविधाएं उपलब्ध होने से परि...
इतिहास के पन्नों में 16 जनवरी : आज ही के दिन दूसरी अंतरिक्ष यात्रा पर रवाना हुई थीं कल्पना चावला

इतिहास के पन्नों में 16 जनवरी : आज ही के दिन दूसरी अंतरिक्ष यात्रा पर रवाना हुई थीं कल्पना चावला

राष्ट्रीय
[City], 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। **16 जनवरी** भारत के लिए गर्व और प्रेरणा की एक यादगार तारीख है। इस दिन भारतीय मूल की अंतरिक्ष वैज्ञानिक **कल्पना चावला** ने अमेरिका से अंतरिक्ष में अपनी **दूसरी उड़ान** भरी। सात समंदर पार अपने सपने को सच करते हुए उन्होंने **नासा** के **स्पेस शटल कोलंबिया** से अंतरिक्ष यात्रा की। हालांकि यह यात्रा उनके लिए अंतिम साबित हुई। **16 दिन** के मिशन के बाद **01 फरवरी 2003** को पृथ्वी पर लौटते समय स्पेस शटल दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें **कल्पना चावला** और उनके **छह** साथियों की मृत्यु हो गई। **कल्पना चावला** ने न केवल विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत का नाम रोशन किया, बल्कि अनगिनत युवा, खासकर लड़कियों को अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा भी दी। महत्वपूर्ण घटनाचक्र **1547** - **इवान चतुर्थ** 'इवान द टैरिबल' **रूस** का जार बना। **1556** - **फिलिप द...
मकर संक्रांति त्योहार के पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांत

मकर संक्रांति त्योहार के पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांत

लेख
-पंकज जगन्नाथ जयस्वाल। हर साल 14 जनवरी को मनाए जाने वाले मकर संक्रांति के त्योहार का महत्व भारतीय सौर कैलेंडर के अनुसार है। यह त्योहार भारतीय संस्कृति में खगोलीय घटनाओं और कृषि चक्रों से जुड़ा हुआ है। मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का संकेत देती है, जो सर्दियों के अंत और फसलों की कटाई की शुरुआत का प्रतीक है। देश के विभिन्न हिस्सों में इस दिन को विभिन्न नामों से मनाया जाता है, जैसे कि उत्तरी भारत में लोहड़ी, असम में भोगली बिहू, और दक्षिण भारत में पोंगल। इस दिन तिल और गुड़ से बने लड्डू का विशेष महत्व है, जो सर्दियों के मौसम में स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी इस उत्सव को सामाजिक समरसता और छुआछूत के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाता है, और आधुनिक परिवेश में पर्यावरण की रक्षा के लिए बायोडिग्रेडेबल पतंग उड़ाने जैसी प्रथाओं को अपनाता है। मकर संक्रांति न...
प्रधानमंत्री मोदी 12 जनवरी को अहमदाबाद में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात करेंगे

प्रधानमंत्री मोदी 12 जनवरी को अहमदाबाद में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात करेंगे

राष्ट्रीय
अहमदाबाद, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star News प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 जनवरी को अहमदाबाद में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात करेंगे। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर 12-13 जनवरी को भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को एक बयान में यह जानकारी दी। बयान में कहा गया है कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 जनवरी को सुबह करीब 9:30 बजे प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज साबरमती आश्रम का दौरा करेंगे। इसके बाद सुबह लगभग 10 बजे दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लेंगे। इसके पश्चात 11:15 बजे से गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में द्विपक्षीय वार्ताएं होंगी। बैठक के दौरान दोनों नेता भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समी...
आकाश में शनिवार को एक सीध में होंगे पृथ्वी, बृहस्पति और सूर्य

आकाश में शनिवार को एक सीध में होंगे पृथ्वी, बृहस्पति और सूर्य

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भोपाल, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star News खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले व्यक्तियों के लिए शनिवार, 10 जनवरी का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाला है। इस दिन एक विशेष खगोलीय घटना घटित होगी, जिसमें परिक्रमा करते हुए सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति (जुपिटर), हमारा ग्रह पृथ्वी और सूर्य तीनों एक सरल रेखा में आ जाएंगे। इस निकटता के कारण बृहस्पति सर्वाधिक चमक के साथ अपेक्षाकृत बड़ा दिखाई देगा। मध्य प्रदेश की नेशनल अवार्ड से सम्मानित विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने शुक्रवार को इस बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शनिवार दोपहर 2 बजकर 4 मिनट पर जुपिटर, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में होंगे। इस दौरान जुपिटर की पृथ्वी से दूरी लगभग 63 करोड़ 30 लाख 76 हजार किलोमीटर (जो कि सबसे कम होगी) रह जाएगी। इस कम दूरी के कारण, 'गुरुदर्शन' का यह सर्वोत्तम अवसर होगा, जिससे जुपिटर सबसे अधिक चमकील...