बस्तर दशहरा के बाद 18 अक्टूबर को सरगीपाल में बेल पूजा का शुभारम्भ
जगदलपुर, 17 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। बस्तर दशहरा के कार्यक्रमों में आज शाम पाँचवीं फूल रथ परिक्रमा के बाद बेल नेवटा (निमंत्रण) पूजा विधान संपन्न किया जाएगा। इस विशेष अनुष्ठान के अनुसार, शहर की सीमा पर स्थित गाँव सरगीपाल में स्थित प्राचीन बेल वृक्ष पर दो जुड़वां बेल फल की पूजा की जाती है। पूजा‑अर्चना के बाद, इन जुड़वां फलों की शाखा पर नारियल, सुपारी और लाल कपड़ा बांधकर दशहरा का आधिकारिक निमंत्रण दिया जाता है; स्थानीय बोली में इस निमंत्रण को “नेवटा” कहा जाता है।
राज परिवार के सदस्य इस अनुष्ठान को बहुत मान्यता देते हैं। वे दो जुड़वां बेल फल को तोड़ने से एक दिन पहले सरगीपाल पहुंचकर विस्तृत पूजा‑पाठ करते हैं, फिर फलों पर लाल कपड़ा बांधते हैं। इस कार्य के पश्चात, राजपरिवार के रीति‑रिवाजों के अनुसार, रविवार, 18 अक्टूबर को सुबह ११ बजे बेल पूजा विधान का पारम्परिक समापन किया जाएगा। यह समारोह जगदलपुर...
