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Tag: ऊर्जा

भारत के केंद्रीय बजट का नेपाल पर पड़ने वाला प्रभाव

भारत के केंद्रीय बजट का नेपाल पर पड़ने वाला प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय
काठमांडू, 02 फ़रवरी (प्रेस ब्यूरो)। भारत का केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया गया है, जिसका नेपाल पर गहरा प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि दोनों देशों के बीच आर्थिक और भौगोलिक संबंध मजबूत हैं। बजट के विभिन्न प्रावधान नेपाल के लाभ के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। बजट में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बढ़े हुए निवेश की घोषणा की गई है, जिसमें नेपाल की पूर्वी सीमा से जुड़े सिलीगुड़ी तक एक हाई-स्पीड रेल बनाने का निर्णय शामिल है। वाराणसी–सिलीगुड़ी रेल कॉरिडोर के विस्तार से नेपाल और भारत के बीच परिवहन और ढुलाई में तेजी आने की उम्मीद है। इसके अलावा, 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों और अतिरिक्त डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण से नेपाल के आयात–निर्यात की लागत में कमी आ सकती है। बजट में व्यापार सहजीकरण और ई-कॉमर्स को भी बढ़ावा देने के लिए कूरियर से होने वाले निर्यात पर 10 लाख रुपये की सीमा को समाप्त किया गय...
गडकरी ने मप्र के विदिशा को दी 4400 करोड़ रुपये लागत की आठ सड़क परियोजनाओं की सौगात

गडकरी ने मप्र के विदिशा को दी 4400 करोड़ रुपये लागत की आठ सड़क परियोजनाओं की सौगात

राष्ट्रीय
विदिशा, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को मध्य प्रदेश के प्रवास के दौरान विदिशा जिला मुख्यालय पर आयोजित समारोह में 4400 करोड़ रुपये की लागत वाली आठ सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। समारोह में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री गडकरी दोपहर करीब एक बजे हेलीकॉप्टर से विदिशा पहुंचे और यहां भव्य रोड शो किया। बड़ा बाजार से शुरू हुए रोड शो ने 'पुरानी कृषि उपज मंडी' में आयोजित कार्यक्रम स्थल तक यात्रा की। इस दौरान सड़क के दोनों ओर भारी संख्या में मौजूद नागरिकों ने फूलों की वर्षा कर अपने नेताओं का स्वागत किया। इस समारोह के दौरान, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री गडकरी को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इसके बाद, नितिन गडकरी ने रिमोट का बटन द...
मकर संक्रांतिः सृष्टि में ऊर्जा का नवसंचार करने वाला पर्व

मकर संक्रांतिः सृष्टि में ऊर्जा का नवसंचार करने वाला पर्व

लेख
मृत्युंजय दीक्षित मकर संक्रांति के मौके पर जब सूर्यदेव धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब यह पर्व मनाया जाता है। यह पर्व सृष्टि में ऊर्जा का नवसंचार करने का पर्व माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन जप, तप, दान, स्नान, श्रद्धा, तर्पण आदि विधियों का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन दिया गया दान सौ गुना बढ़कर मिलता है। इस दिन उड़द, चावल, तिल, गौ, स्वर्ण, ऊनी वस्त्र, कम्बल आदि का दान किया जाता है, और गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। इस पर्व से संबंधित पौराणिक कथाएं भी हैं, जैसे भगवान भास्कर का अपने पुत्र शनिदेव से मिलने जाना और महाभारत के समय भीष्म पितामह का इसी दिन देह त्याग करना। इस दिन गंगाजी ने भगीरथ के साथ कपिल मुनि के आश्रम से सागर में जाकर मिलने का कार्य किया था। इसके अलावा, भगवान विष्णु ने इस दिन असुरों का अंत कर युद्ध समाप्ति की घोषणा की थी, इसलिए इसे सकारात्मक...