भोपाल, 11 अक्टूबर।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत का गौरवशाली अतीत और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत युवाओं में राष्ट्र प्रेम और आत्मगौरव की भावना को प्रबल करती है। रंगमंच और अन्य कलाएं इस जुड़ाव का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि भारत भवन अब राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से जुड़कर देश का एक उत्कृष्ट नाट्य प्रशिक्षण संस्थान बनेगा।

मुख्यमंत्री शनिवार देर शाम भारत भवन, भोपाल में दो महत्वपूर्ण अनुबंधों के निष्पादन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि नाट्य कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि समाज में जागरूकता और राष्ट्रीयता का संदेश देने का जरिया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मनोज कुमार जैसे फिल्मकारों ने फिल्मों के माध्यम से देशभक्ति की भावना को मजबूत किया, वहीं आज कश्मीर फाइल्स जैसी सार्थक फिल्मों ने समाज की वास्तविकता को सामने लाकर राष्ट्रीय चेतना को प्रोत्साहित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब युवा अपने अतीत की गौरवगाथा से परिचित होंगे तब देश की सीमाओं पर कोई खतरा नहीं रहेगा। कला, संस्कृति और रंगमंच भारत के पुनर्जागरण का माध्यम बन सकते हैं।
भारत भवन के रंगमंडल और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के बीच हुए अनुबंध के तहत भारत भवन में रंगमंच की गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। यहां रेपर्टरी की पुनर्स्थापना होगी और श्रेष्ठ गुणवत्ता वाले नाटकों का मंचन किया जाएगा। एनएसडी इन गतिविधियों में सहयोग करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में भारत भवन का रंगमंडल देश का प्रमुख नाट्य प्रशिक्षण केंद्र बनेगा। अब केवल दिल्ली स्थित एनएसडी तक सीमित रहने की आवश्यकता नहीं होगी। मध्य प्रदेश के युवा कलाकारों को अपने ही राज्य में उत्कृष्ट प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।
दूसरा अनुबंध मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के बीच हुआ। इस अनुबंध के तहत प्रदेश के प्राचीन स्मारकों और धरोहर स्थलों का विकास किया जाएगा। साथ ही इन स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आयोजनों के माध्यम से पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की धरती सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज जैसी महान विभूतियों की रही है, जिन्होंने कला और संस्कृति के संरक्षण को सर्वोच्च स्थान दिया। उन्होंने कहा कि महाकवि कालिदास के नाटकों से लेकर आज के रंगमंच तक मध्य प्रदेश ने हमेशा सांस्कृतिक समृद्धि का संदेश दिया है।
कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दोनों अनुबंधों को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत भवन और एनएसडी के बीच हुआ यह सहयोग सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी, भोपाल की महापौर मालती राय, अभिनेता रघुवीर यादव, अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला, भारत सरकार के संयुक्त सचिव गुरमीत चावला, संस्कृति संचालक एमपी नामदेव और भारत भवन के प्रशासक प्रेम शंकर शुक्ला उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि भारत भवन का नाम अब अपने अर्थ के अनुरूप साकार होगा। यह न केवल एक भवन रहेगा बल्कि भारत की आत्मा, कला और संस्कृति का प्रतीक बनेगा।
