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राजा रघुवंशी केस से मिली ‘प्रेरणा’? पुणे हत्याकांड की आरोपी सिया गोयल की इंटरनेट सर्च ने बढ़ाई जांच एजेंसियों की दिलचस्पी

पुणे। पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस के हाथ ऐसे डिजिटल सुराग लगे हैं, जिन्होंने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी सिया गोयल ने कथित तौर पर इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी जानकारियां इंटरनेट पर खंगाली थीं। पुलिस के अनुसार, उसने यह भी सर्च किया था कि जेल में महिला कैदियों के साथ कैसा व्यवहार होता है और उनके कानूनी अधिकार क्या हैं।

पुलिस का दावा- पुराने केस का अध्ययन किया

जांच अधिकारियों का मानना है कि सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी ने राजा रघुवंशी हत्याकांड के घटनाक्रम का अध्ययन किया और उससे सबक लेते हुए कथित तौर पर अपनी योजना को अधिक सुनियोजित बनाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों के व्यवहार से पूछताछ के दौरान किसी तरह का पछतावा नजर नहीं आया।

एक अधिकारी ने कहा कि न्यायिक हिरासत के दौरान उन्हें अपने कृत्य का एहसास हो सकता है, क्योंकि जेल का अनुभव कई बार कठोर अपराधियों को भी मानसिक रूप से बदल देता है।

जांच में क्यों बढ़ा शक

पुलिस के अनुसार, शुरुआती दौर में घटना को हादसा दिखाने की कोशिश की गई थी। हालांकि केतन अग्रवाल के परिजनों ने शुरुआत से ही इसे दुर्घटना मानने से इनकार किया। दूसरी ओर जांच टीम को भी लोहागढ़ किले का वह स्थान संदिग्ध लगा, जहां से केतन के गिरने की बात कही गई थी। इसी आधार पर पूछताछ का दायरा बढ़ाया गया और जांच ने नया मोड़ लिया।

राजा रघुवंशी केस से अलग क्या था?

पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में कुछ समानताएं जरूर हैं, लेकिन घटनाक्रम अलग-अलग हैं। जांच के मुताबिक राजा रघुवंशी मामले में पहले हत्या की गई थी और बाद में शव को खाई में फेंका गया था। जबकि केतन अग्रवाल मामले में आरोप है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर उसे ऊंचाई से धक्का दिया।

पुलिस का मानना है कि यदि सिया अकेले ऐसा करती तो संभवतः वह सफल नहीं हो पाती, इसलिए कथित तौर पर दोनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया।

मोबाइल फोन से मिले अहम सुराग

जांच एजेंसियों के मुताबिक सिया के मोबाइल फोन से राजा रघुवंशी हत्याकांड से संबंधित सर्च और जानकारी जुटाने के संकेत मिले हैं। इसके अलावा उसके घर से बरामद एक अन्य मोबाइल फोन को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस को उम्मीद है कि उससे मामले से जुड़े और डिजिटल सबूत मिल सकते हैं।

16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत

पुणे की अदालत ने दोनों आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अभियोजन पक्ष की आगे की पुलिस रिमांड की मांग अदालत ने स्वीकार नहीं की और दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

शादी से पहले ही जताया था इरादा?

जांच के दौरान पुलिस को सिया गोयल का अपनी एक सहेली को भेजा गया कथित स्नैपचैट संदेश भी मिला है। पुलिस के अनुसार यह संदेश मई महीने का है, जो घटना से कुछ सप्ताह पहले भेजा गया था।

बताया गया है कि सिया ने अपनी सहेली से नवंबर में प्रस्तावित शादी के लिए आधार कार्ड की प्रति भेजने को कहा था, लेकिन साथ ही यह भी लिखा था कि “वैसे भी शादी होने वाली नहीं है।” पुलिस इस संदेश को भी मामले के महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्यों में शामिल कर जांच कर रही है।

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