नई दिल्ली। ‘शीश महल’ के आरोप सबसे पहले पिछले साल तब सामने आए थे जब बीजेपी ने उन पर 6 फ्लैगस्टाफ बंगले के रेनोवेशन और उसमें लग्जरी चीजें जोड़ने पर जरूरत से बहुत ज्यादा खर्च करने का आरोप लगाया था।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के 6 फ्लैगस्टाफ रोड स्थित पूर्व सरकारी आवास को दिल्ली सरकार अपने गेस्ट हाउस एवं सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विकसित करेगी। इसे लेकर पूरा खाका तैयार कर लिया गया है।
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली सरकार जल्द ही कैबिनेट की बैठक में इसको लेकर एक प्रस्ताव लाएगा और इसके बाद बंगले को दिल्ली सरकार का गेस्ट हाउस घोषित कर दिया जाएगा। अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए अपने सरकारी आवास में कथित तौर पर अवैध निर्माण कराया था, जिसे लेकर काफी हंगामा हुआ था। केजरीवाल द्वारा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद से यह बंगला खाली पड़ा है।
दिल्ली सरकार के पास नहीं है अपना गेस्ट हाउस
दिल्ली सरकार काफी समय से विचार कर रही थी कि इस बंगले का उपयोग किस प्रकार से किया जा सकता है। काफी मंथन के बाद सरकार ने तय किया है कि इसे दिल्ली सरकार के गेस्ट हाउस के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, क्योंकि दिल्ली सरकार का अपना कोई गेस्ट हाउस नहीं है। साथ ही यहां सांस्कृतिक केन्द्र भी बनाया जाएगा।
गौरतलब है कि भाजपा ने सिविल लाइंस स्थित 6, फ्लैगस्टाफ रोड बंगले को ‘शीश महल’ करार दिया था, जहां दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में केजरीवाल सितंबर 2024 तक रहे थे। भाजपा ने उस बंगले के पुनर्निर्माण और भव्य साज-सज्जा एवं घरेलू सामान की खरीद में कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया था।
अब कहां रह रहे हैं केजरीवाल
बात दें कि, ‘आप’ के मुखिया और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस साल अप्रैल महीने से केंद्र सरकार की ओर से आवंटित 95, लोधी एस्टेट स्थित टाइप-VII सरकारी बंगले में रह रहे हैं। इसमें 5 बेडरूम और 4 बैठक कक्ष हैं। केजरीवाल ने कहा था कि आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक के तौर पर उनकी स्थिति को देखते हुए और अदालत के निर्देशों के बाद केंद्र ने उन्हें हाल ही में यह बंगला आवंटित किया था। टाइप-VII बंगले का आवंटन पिछले साल अक्टूबर में किया गया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान केजरीवाल सिविल लाइंस में 6, फ्लैग स्टाफ रोड पर रहते थे। सितंबर 2024 में पद छोड़ने के बाद, वह पंजाब से ‘आप’ के राज्यसभा सांसद रहे अशोक मित्तल को आवंटित सरकारी बंगले में रहने चले गए थे।
पिछले साल विधानसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से केजरीवाल को हराने वाले प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि ‘आप’ के भ्रष्टाचार के कारण ही जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया।
