नई दिल्ली। फीफा विश्व कप 2026 में ब्राजील का खिताब जीतने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। राउंड ऑफ-16 में नॉर्वे से 2-1 की हार के बाद स्टार फुटबॉलर नेमार जूनियर ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। मैच खत्म होने के बाद भावुक नजर आए नेमार ने कहा कि ब्राजील की जर्सी में उनका सफर अब समाप्त हो चुका है।
34 वर्षीय नेमार इस विश्व कप में चोट से वापसी के बाद सीमित भूमिका में नजर आए। नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले में वह दूसरे हाफ में बतौर स्थानापन्न मैदान पर उतरे और इंजरी टाइम में पेनल्टी के जरिए ब्राजील के लिए एकमात्र गोल दागा। हालांकि यह गोल टीम को हार से नहीं बचा सका।
मैच के बाद प्रेस से बातचीत में नेमार ने भावुक अंदाज में कहा, “मैंने पूरी कोशिश की… मैंने कोशिश की। मेरा सफर यहीं से शुरू हुआ था और अब यहीं खत्म हो गया।” उनकी यह टिप्पणी न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम की ओर इशारा थी, जहां उन्होंने 2010 में ब्राजील के लिए अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था और अब अपने करियर का आखिरी मुकाबला भी वहीं खेला।
हालैंड की चमक के आगे फीका पड़ा ब्राजील
न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर अर्लिंग हालैंड ने दो शानदार गोल कर अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। उन्होंने पहले 79वें मिनट में गोल कर बढ़त दिलाई और फिर 90वें मिनट में दूसरा गोल दागकर ब्राजील की वापसी की उम्मीदों पर लगभग विराम लगा दिया। इसके बाद इंजरी टाइम में नेमार ने पेनल्टी पर गोल किया, लेकिन तब तक मुकाबला नॉर्वे की झोली में जा चुका था।
आंसुओं के साथ खत्म हुआ सुनहरा अध्याय
अंतिम सीटी बजते ही नेमार मैदान पर घुटनों के बल बैठ गए और फूट-फूटकर रोने लगे। साथी खिलाड़ियों ने उन्हें संभाला, लेकिन यह साफ हो गया कि ब्राजील के महान खिलाड़ियों में शुमार नेमार का अंतरराष्ट्रीय करियर यहीं समाप्त हो गया है। नेमार अपने करियर का समापन ब्राजील के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में कर रहे हैं।
ब्राजील ने आखिरी बार 2002 में फीफा विश्व कप का खिताब जीता था। इसके बाद से टीम लगातार छठी ट्रॉफी का इंतजार कर रही है, लेकिन 2026 में भी यह सपना अधूरा रह गया। वहीं नॉर्वे ने इस जीत के साथ पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया।
