Monday, June 22खबर जो असर करे |
Shadow

केंद्र सरकार ने तुषार मेहता को तीन वर्ष के लिए फिर बनाया सॉलिसिटर जनरल, पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल का कार्यकाल भी बढ़ा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को तीन वर्ष के लिए पुनर्नियुक्त करने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उनकी पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उनका नया कार्यकाल एक जुलाई 2026 से प्रभावी होगा।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, तुषार मेहता देश के दूसरे सबसे बड़े विधि अधिकारी के रूप में अगले तीन वर्षों तक अथवा अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, अपने पद पर बने रहेंगे। यह आदेश शनिवार को जारी किया गया, जिसे रविवार को सार्वजनिक किया गया।

पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल को भी मिला नया कार्यकाल

एसीसी ने सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार का पक्ष रखने वाले पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) की भी तीन वर्षों के लिए पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी है। इनमें विक्रमजीत बनर्जी और के.एम. नटराज का नया कार्यकाल एक जुलाई 2026 से शुरू होगा।

वहीं, सूर्यप्रकाश वी. राजू, एन. वेंकटरमन और ऐश्वर्या भाटी की पुनर्नियुक्ति 30 जून 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। इन सभी को अगले तीन वर्षों अथवा अगले आदेश तक पद पर बने रहने की अनुमति दी गई है।

दिल्ली हाई कोर्ट के लिए चेतन शर्मा का कार्यकाल छह महीने बढ़ा

केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट के लिए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में कार्यरत चेतन शर्मा का कार्यकाल भी एक जुलाई 2026 से छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। उनका कार्यकाल भी अगले आदेश तक या निर्धारित अवधि तक प्रभावी रहेगा।

कई महत्वपूर्ण मामलों के बीच लिया गया फैसला

इन नियुक्तियों का फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों में संवैधानिक, नियामक और सार्वजनिक नीति से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मामलों का सामना कर रही है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा विधि अधिकारियों के कार्यकाल में विस्तार से यह संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार अपनी वर्तमान कानूनी टीम पर भरोसा बनाए रखना चाहती है। इससे विभिन्न अदालतों में सरकार के पक्ष के प्रतिनिधित्व में निरंतरता और स्थिरता बनी रहेगी।

केंद्र सरकार ने तुषार मेहता को तीन वर्ष के लिए फिर बनाया सॉलिसिटर जनरल, पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल का कार्यकाल भी बढ़ा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को तीन वर्ष के लिए पुनर्नियुक्त करने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उनकी पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उनका नया कार्यकाल एक जुलाई 2026 से प्रभावी होगा।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, तुषार मेहता देश के दूसरे सबसे बड़े विधि अधिकारी के रूप में अगले तीन वर्षों तक अथवा अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, अपने पद पर बने रहेंगे। यह आदेश शनिवार को जारी किया गया, जिसे रविवार को सार्वजनिक किया गया।

पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल को भी मिला नया कार्यकाल

एसीसी ने सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार का पक्ष रखने वाले पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) की भी तीन वर्षों के लिए पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी है। इनमें विक्रमजीत बनर्जी और के.एम. नटराज का नया कार्यकाल एक जुलाई 2026 से शुरू होगा।

वहीं, सूर्यप्रकाश वी. राजू, एन. वेंकटरमन और ऐश्वर्या भाटी की पुनर्नियुक्ति 30 जून 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। इन सभी को अगले तीन वर्षों अथवा अगले आदेश तक पद पर बने रहने की अनुमति दी गई है।

दिल्ली हाई कोर्ट के लिए चेतन शर्मा का कार्यकाल छह महीने बढ़ा

केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट के लिए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में कार्यरत चेतन शर्मा का कार्यकाल भी एक जुलाई 2026 से छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। उनका कार्यकाल भी अगले आदेश तक या निर्धारित अवधि तक प्रभावी रहेगा।

कई महत्वपूर्ण मामलों के बीच लिया गया फैसला

इन नियुक्तियों का फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों में संवैधानिक, नियामक और सार्वजनिक नीति से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मामलों का सामना कर रही है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा विधि अधिकारियों के कार्यकाल में विस्तार से यह संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार अपनी वर्तमान कानूनी टीम पर भरोसा बनाए रखना चाहती है। इससे विभिन्न अदालतों में सरकार के पक्ष के प्रतिनिधित्व में निरंतरता और स्थिरता बनी रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *