
देहरादून, 03 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के चौपाल उपमंडल के नेरवा से सिरमौर जिला के पांवटा साहिब जा रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस उत्तराखंड में एक गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गई। यह हादसा आज सुबह उत्तराखंड के कालसी क्षेत्र में कुआनु, मीनाक रोड पर हुआ, जब बस ने एक अन्य वाहन को पास देते समय नियंत्रण खो दिया और गहरी खाई में गिर गई। इस दुर्घटना में तीन यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 31 अन्य यात्री घायल हैं। हादसा हिमाचल और उत्तराखंड की सीमाओं के करीब हुआ है।
दुर्घटनाग्रस्त बस एचआरटीसी के नेरवा डिपो की है, जिसका नंबर एचपी-66ए-2588 है। बस में कुल 34 यात्री सवार थे। यह बस समय पर नेरवा से पांवटा साहिब के लिए रवाना हुई थी। चालक दिनेश शर्मा और परिचालक जगदीश चंद ने यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए यात्रा की थी। एचआरटीसी के एक अधिकारी ने हादसे की पुष्टि की है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सड़क संकरी होने के कारण बस को सामने से आ रहे वाहन को पास देने की कोशिश के दौरान चालक ने बस पर नियंत्रण खो दिया और वह सड़क से फिसलकर खाई में जा गिरी। घटना के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई, और स्थानीय लोग भी तुरंत सहायता के लिए मौके पर पहुंचे।
घटना की सूचना के तुरंत बाद कंट्रोल रूम देहरादून से संबंधित एजेंसियों को सूचित किया गया। इसके बाद उत्तराखंड राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) को अलर्ट किया गया। सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर, पोस्ट डाकपत्थर, चकराता, मोरी और त्यूणी से एसडीआरएफ की टीमें तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना की गईं।
एसडीआरएफ, उत्तराखंड पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया। गहरी खाई और दुर्गम क्षेत्र के कारण रेस्क्यू कार्य में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। घायलों को खाई से निकालकर एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती किया गया, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
एचआरटीसी की ओर से भी अधिकारियों की एक टीम मौके पर मदद हेतु रवाना की गई है ताकि घायलों और मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता दी जा सके। परिचालक जगदीश चंद ने दूरभाष पर वार्ता में बताया कि हादसे के समय बस में लगभग 31 से 34 यात्री सवार थे। फिलहाल मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया चालू है। प्रशासन ने कहा है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।
