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मारुति सुजुकी ने बढ़ती कमोडिटी कीमतों के चलते कारों के दाम बढ़ाने के संकेत दिए

नई दिल्ली, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन एवं बिक्री) पार्थो बनर्जी ने सोमवार को बढ़ती जिंस (कमोडिटी) की लागत को देखते हुए अपने वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं।

पार्थो बनर्जी ने ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती के बावजूद बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है। इसके बावजूद, उत्पादन संबंधी बाधाओं के कारण कंपनी के पास फिलहाल 1.75 लाख वाहनों के लंबित ऑर्डर हैं। उन्‍होंने बताया कि जनवरी में ही 2.78 लाख बुकिंग मिली है। कच्चे माल की लागत बढ़ने से निकट भविष्य में कीमतें बढ़ाने की संभावना से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि जिंस की कीमतें बढ़ रही हैं, खासकर कीमती धातुओं में। भू-राजनीतिक हालात को ध्यान में रखते हुए उनकी नजर इस पर बनी हुई है और आने वाले समय में कीमतों की समीक्षा की जाएगी।

बनर्जी ने कहा कि उन्हें हमेशा ग्राहकों पर लागत बढ़ोतरी का बोझ कम से कम रखने का प्रयास रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी आपूर्ति श्रृंखला और उत्पादन टीम यह देख रही है कि कैसे जिंस की वजह से बढ़ी लागत को हम खुद वहन कर सकते हैं। अगर हम लागत बढ़ोतरी को समायोजित नहीं कर पाए, तो हमें इसका बोझ ग्राहकों पर डालना पड़ेगा। संभावित कीमत बढ़ोतरी की कोई समय-सीमा बताए बिना, उन्होंने कहा कि जनवरी में कंपनी ने ‘प्राइस प्रोटेक्शन स्कीम’ शुरू की है, जो उन ग्राहकों के लिए है जिनकी बुकिंग के बावजूद आपूर्ति नहीं हो पाई।

बनर्जी ने बताया कि जीएसटी 2.0 सुधारों से मोटर वाहन उद्योग को जो बढ़ावा मिला है, वह केंद्रीय बजट 2026-27 में बुनियादी ढांचे में पूंजीगत व्यय बढ़ाने की घोषणा से काफी सहायक साबित होगी।

जनवरी की बिक्री पर बनर्जी ने कहा कि कंपनी ने सबसे अधिक मासिक कुल बिक्री 2,36,963 इकाई दर्ज की है। उन्हें 2.78 लाख से अधिक बुकिंग मिली, जो सालाना आधार पर 25 फीसदी की वृद्धि है। उन्होंने बताया कि जनवरी में कंपनी का निर्यात भी प्रतिस्थापित स्तर पर पहुंचते हुए 51,020 इकाई रहा।

बनर्जी ने आगे बताया कि कंपनी की नई एसयूवी ‘विक्टोरिस’ ने पांच महीने में 50,000 इकाई की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। उत्पादन संबंधी बाधाओं के बारे में उन्होंने कहा कि नई क्षमताएं उपलब्ध होने तक कंपनी को कुछ और महीनों तक इससे निपटना होगा। हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी का दूसरा संयंत्र अप्रैल 2026 तक परिचालन में आने वाला है, जिसके बाद गुजरात स्थित मौजूदा संयंत्र में चौथी उत्पादन लाइन शुरू की जाएगी।

घरेलू बाजार में ‘ई-विटारा’ के पेश होने को लेकर बनर्जी ने कहा कि इलेक्ट्रिक एसयूवी इस महीने बाजार में उतरेगी। यात्री वाहन उद्योग के परिदृश्य पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मोटर वाहन उद्योग फिर से छह से सात प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) पर लौट सकता है। हालांकि, वर्तमान समय में जिंस कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए इंतजार करना होगा ताकि बेहतर अनुमान लगाया जा सके।

कंपनी ने पिछले साल सितंबर में जीएसटी 2.0 लागू होने के बाद एस-प्रेसो की कीमत में 1,29,600 रुपये तक, ऑल्टो के-10 में 1,07,600 रुपये तक, सेलेरियो में 94,100 रुपये और वैगन-आर में 79,600 रुपये तक की कटौती की थी।

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