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काजू-चिरौंजी समझकर खा गए रतनजोत के बीज, 30 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

धमतरी, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। भखारा ब्लॉक के ग्राम बोरझरा में रविवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खेलते-खेलते रतनजोत के बीज खाने से करीब 30 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी, चक्कर और घबराहट की शिकायत होने लगी। घबराए परिजन तत्काल बच्चों को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोर्रा लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक इलाज के बाद 10 बच्चों की स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल धमतरी रेफर किया गया। राहत की बात यह है कि सभी बच्चे अब खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को गांव में रामायण कार्यक्रम चल रहा था। बच्चे इधर-उधर घूमते हुए तालाब किनारे पहुंचे, जहां रतनजोत का पौधा लगा हुआ है। बच्चों ने उसके बीज को काजू या चिरौंजी जैसा समझकर खा लिया। कुछ बच्चे बीज अपने साथ घर भी ले आए और अन्य बच्चों को भी खाने के लिए दे दिया। शाम करीब छह बजे बच्चों में उल्टी और चक्कर की शिकायत शुरू हो गई, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया। घटना के बाद गांव के राजेश रात्रे, नारायण लाल सिन्हा और महेश यादव ने तत्परता दिखाते हुए परिजनों को बच्चों को तुरंत अस्पताल ले जाने के लिए प्रेरित किया।

युवाओं ने बताया कि सोमवार को गांव में मड़ई का कार्यक्रम होने के कारण कुछ परिजन बच्चों का घरेलू उपचार कराना चाह रहे थे, लेकिन स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सभी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। वहां से 10 बच्चों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल धमतरी रेफर किया गया। जिला अस्पताल में भर्ती बच्चों में खुशबू निषाद (13), हुमेश निषाद (11), केदार यादव (7), चिराग साहू (7), आदित्य (9), कमलेश कुमार (11), प्रियांशु साहू (12), मयंक साहू (6), मनजीत साहू (6) और यशराज साहू (11) शामिल हैं।

इस संबंध में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अरुण टोंडर ने बताया कि रतनजोत के बीज खाने से बीमार हुए 10 बच्चों को मध्य रात्रि में जिला अस्पताल लाया गया था। शिशु रोग विशेषज्ञ की निगरानी में सभी का इलाज किया गया है। सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और शीघ्र ही उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी। घटना के बाद गांव में लोगों से अपील की जा रही है कि बच्चों को जहरीले पौधों और बीजों से दूर रखें तथा इस तरह की जानकारी बच्चों को पहले से दें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

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