
नई दिल्ली, 02 फ़रवरी (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी के बंगलूरू (दक्षिण) सांसद तेजस्वी सूर्या ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान यूपीए शासनकाल पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय राष्ट्रपति के भाषणों में कई विफलताओं के लिए बहाने बनाए जाते थे। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने चुनौतियों के बावजूद ठोस परिणाम दिए हैं, जबकि कमजोर नेतृत्व बहाने ढूंढता है। यह कांग्रेस और भाजपा के बीच एक मुख्य अंतर है।
सूर्या ने संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए कहा कि यह मोदी सरकार का 12वां वर्ष है और इस बार का राष्ट्रपति अभिभाषण अमृतकाल के दूसरे दशक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत आज वैश्विक आर्थिक मंदी के समय में भी सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, और 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। उन्होंने हाल के 12 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी की बढ़ती लोकप्रियता को भी रेखांकित किया।
सूर्या ने बताया कि यूपीए की सरकार के समय गरीबों के लिए योजनाओं का लाभ नहीं पहुंचता था, जबकि आज मोदी सरकार ने पारदर्शिता को लागू करके प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के जरिए 6.75 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों को दिए हैं। उन्होंने यूपीए के शासन को उच्च महंगाई और कम विकास दर के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अब राष्ट्रपति का अभिभाषण यह दर्शाता है कि भारत सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन चुका है।
तेजस्वी सूर्या ने यह भी कहा कि यूपीए के समय आतंकवाद और नक्सली हिंसा का प्रमुखता से जिक्र होता था, लेकिन आज सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक के लंबित रहने का भी उल्लेख किया और बताया कि मोदी सरकार ने इसे लागू किया।
उन्होंने कहा कि पहले युवाओं के लिए सरकारी नौकरी ही एकमात्र लक्ष्य था, लेकिन अब स्टार्टअप, एंटरप्रेन्योरशिप और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस जैसे नए विचार सामने आए हैं। तेजस्वी सूर्या ने यह भी बताया कि भारत आज एक नई आर्थिक क्रांति के कगार पर है। उन्होंने विपक्षी इंडिया गठबंधन की लगातार हार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें हार की अग्रिम बधाई दी जा सकती है।
