
प्रतापगढ़, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में मानिकपुर थाना क्षेत्र में 22 वर्षीय युवक की तीन दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर हुए विवाद में पुलिस पर हमला करने के आरोप में बीती रात महिलाओं समेत 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस हमले में पुलिस के इंस्पेक्टर समेत कई सिपाही घायल हुए थे। मुकदमा दर्ज कर पुलिस इन आरोपितों की गिरफ्तारी में जुटी हुई थी।
थाना मानिकपुर क्षेत्र के साहूमई (बिछलहला) गांव निवासी 22 वर्षीय युवक सूरज श्रीवास्तव की 30 जनवरी को जहरीला पदार्थ सेवन से मौत हो गई थी। शव के पोस्टमार्टम के बाद 31 जनवरी को मृतक की मां सुनीता देवी की तहरीर पर पुलिस ने नामजद आरोपितों अमन सोनकर समेत कई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। एक फरवरी को आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद ही अंतिम संस्कार करने की बात कहते हुए परिजन व ग्रामीण शव लेकर बैठ गए। पुलिस ने समझाने की कोशिश की लेकिन अंतिम संस्कार से पहले परिजन और ग्रामीण दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने जब अंतिम संस्कार के लिए जोर डाला तो विवाद होने लगा और ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया। लाठी डंडों से किए गए हमले में इंस्पेक्टर समेत दर्जन भर लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे।
इस प्रकरण में दरोगा देवीदीन बुंदेला की तहरीर पर 25 नामजद व 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही पुलिस इन आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत थी और बीती रात महिलाओं समेत 23 लोगों को गिरफ्तार कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। दूसरी ओर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि वे अंतिम संस्कार से पहले केवल यह चाहते थे कि उन्हें न्याय का भरोसा मिले और युवक की मौत की निष्पक्ष जांच हो। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन से संवाद की कमी और जल्दबाजी में की गई सख्ती के कारण हालात बिगड़ गए।
अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी बृजनन्दन राय ने बताया कि थाना मानिकपुर क्षेत्रान्तर्गत साहूमई (बिछलहला) गांव निवासी 22 वर्षीय सूरज श्रीवास्तव की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो जाने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग जाम व पुलिस बल पर हमला करने और सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त करने के मामले में पुलिस ने 23 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
