Saturday, March 7खबर जो असर करे |
Shadow

लव जिहाद को रोकने के लिए वार्ड स्तर पर महिला नेटवर्क बनाएगी हिंदू उत्सव समिति

भोपाल, 02 फ़रवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हिंदू उत्सव समिति ने लव जिहाद की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से वार्ड और मोहल्ला स्तर पर महिला सदस्यों का संगठित नेटवर्क तैयार करने की रणनीति बनाई है। सोमवार से इसकी शुरूआत भी हो गई है। समिति का कहना है कि अब उसका कार्य केवल पर्व-त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज और परिवार की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर निरंतर जमीनी स्तर पर हस्तक्षेप किया जाएगा।

समिति अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने सोमवार को बताया कि संगठन का मानना है कि जब समाज और परिवार सुरक्षित होंगे, तभी उत्सवों का वास्तविक अर्थ रहेगा। इसी सोच के तहत महिलाओं को अभियान की केंद्रीय भूमिका सौंपी जा रही है। तिवारी के अनुसार हर वार्ड और मोहल्ले में युवक-युवतियों की संयुक्त टीमें बनाई जाएंगी, जिनमें महिलाओं की भूमिका प्रमुख होगी। महिला सदस्य घर-घर जाकर माताओं, बहनों और युवतियों से संवाद करेंगी और उन्हें सतर्कता व जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारी देंगी। समिति का तर्क है कि महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर महिलाओं की बात अधिक प्रभावी होती है।

मोहल्ला-स्तरीय टीम मॉडल

अभियान के लिए क्षेत्र-आधारित टीम मॉडल अपनाया जाएगा। प्रत्येक वार्ड के बजाय हर मोहल्ले या बस्ती के अनुसार अलग-अलग टीमें गठित होंगी। उदाहरण के तौर पर, पटेल नगर बस्ती में लगभग 2000 परिवारों के लिए पांच टीमें बनाई जाएंगी, जो अपने-अपने क्षेत्र में नियमित रूप से संपर्क और संवाद करेंगी। हर टीम में युवक और युवतियां साथ मिलकर काम करेंगे।

एक वर्ष में एक लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य

हिंदू उत्सव समिति ने एक साल में एक लाख सदस्य जोड़ने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें 35 से 40 प्रतिशत महिलाएं और 18 वर्ष से अधिक आयु की युवतियां शामिल होंगी। चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि संगठन की आंतरिक निर्वाचन प्रक्रिया को देखते हुए केवल वयस्क सदस्यों को ही सदस्यता दी जाएगी। महिला सहभागिता बढ़ाने के लिए विशेष संवाद और जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।

आत्मरक्षा प्रशिक्षण पर जोर

समिति की योजना का एक अहम हिस्सा आत्मरक्षा प्रशिक्षण है। चंद्रशेखर तिवारी के अनुसार संगठनात्मक ढांचे के पूर्ण होने के बाद करीब छह माह में चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें जूडो-कराते, दंड अभ्यास, मलखंब जैसी शारीरिक ट्रेनिंग शामिल होगी। आवश्यकता पड़ने पर आत्मरक्षा से जुड़े अन्य प्रशिक्षण देने की भी योजना है। इसके लिए समिति से जुड़े सेवानिवृत्त कर्मियों, सुरक्षा बलों का अनुभव रखने वाले लोगों और मार्शल आर्ट प्रशिक्षकों की सहायता ली जाएगी। अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसमें भाग ले सकें।

सदस्यता अभियान की समय-सारिणी

समिति के अनुसार सदस्यता अभियान हर महीने तय तिथियों पर चलेगा। महीने की पहली तारीख से 10 या 15 तारीख तक फॉर्म भरे जाएंगे, जबकि शेष अवधि में फॉर्मों का संकलन, रिकॉर्ड तैयार करना और सदस्यता कार्ड जारी किए जाएंगे। इसके बाद अभियान का विस्तार अन्य क्षेत्रों और स्थलों तक किया जाएगा। समिति का कहना है कि यह पहल केवल सदस्यता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि महिलाओं की जागरूकता, आत्मरक्षा और सामाजिक संवाद को मजबूत करने की दीर्घकालिक मुहिम के रूप में आगे बढ़ाई जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *