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रेलवे की तैयारियाँ, सिंहस्थ 2028 के लिए 300 से अधिक ट्रेनें चलेंगी

उज्जैन, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। सिंहस्थ 2028 के लिए अब रेलवे ने अपनी तैयारियाँ तेज कर दी हैं। देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की यात्रा सहज और संगठित बनाने के लिए पश्चिम रेलवे ने उज्जैन और इंदौर के लिए 300 से अधिक ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई है। इसके साथ ही स्टेशन विकास, यात्री सुविधाओं में विस्तार और भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक उपाय किए जाएंगे।

प्रदेश सरकार के सहयोग से रेलवे ने पश्चिम मध्य क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार सिंहस्थ के दौरान उज्जैन और इंदौर तक देशभर से 300 से ज्यादा ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, जिससे यात्रा में किसी प्रकार की रुकावट न हो।

गौरतलब है कि हाल ही में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने उज्जैन का दौरा कर रेलवे की योजनाओं की समीक्षा की थी। इस दौरान पश्चिम रेलवे के डीआरएम अश्वनी कुमार ने सिंहस्थ 2028 से जुड़ी तैयारियों का विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया।

महू में बनने वाले अत्याधुनिक मेंटेनेंस सेंटर के तहत वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेनों के देखभाल के लिए महू में कवर्ड शेड और दो नई पिटलाइन बनाने का निर्णय लिया गया है। यह परियोजना मंजूरी प्राप्त कर चुकी है और निर्माण कार्य इस वर्ष प्रारंभ होगा। महू में रेलवे के पास उपलब्ध भूमि के कारण इसे मेंटेनेंस सेंटर के लिए चुना गया है। यहां अत्याधुनिक मशीनरी और तकनीक का प्रयोग किया जाएगा, जिससे रतलाम रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले इंदौर, महू और उज्जैन को विशेष लाभ मिलेगा।

नए मेंटेनेंस सेंटर के खुलने से इंदौर और महू में वंदे भारत ट्रेनों की देखभाल करना संभव होगा। इंदौर से उज्जैन होते हुए पुणे, दिल्ली, मुंबई और हावड़ा के लिए स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। कवर्ड शेड और पिटलाइन बनने के बाद इंदौर-उज्जैन मार्ग पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी, जिससे सिंहस्थ 2028 के दौरान नई ट्रेनों का संचालन आसान होगा।

सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए रेलवे उज्जैन क्षेत्र के सात प्रमुख स्टेशनों जैसे उज्जैन, विक्रम नगर, चिंतामन गणेश, पिंगलेश्वर, नईखेड़ी, ताजपुर और पवासा का विकास कर रहा है। इनमें पवासा फ्लैग स्टेशन को हाईवे से जोड़ना, नईखेड़ी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म विस्तार, 16 नई रेल लाइनों का निर्माण और सर्वे जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।

भीड़ प्रबंधन के तहत उज्जैन के आसपास छोटे स्टेशनों को सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। पुरानी एवं संकरी फुट ओवर ब्रिज को हटाकर नए और चौड़े एफओबी बनाए जा रहे हैं। रतलाम मंडल के सहयोग से मेला क्षेत्र में पटरियों का विस्तार किया जा रहा है।

रेलवे की योजना है कि सिंहस्थ के दौरान प्रतिदिन लगभग 32 अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जाए। इसके अलावा इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो चलाने की भी तैयारी है। उज्जैन-आगर-झालावाड़ लाइन सहित अन्य मार्गों पर बिजलीकरण और दोहरीकरण का कार्य तेजी से जारी है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के पीआरओ मुकेश कुमार ने बताया कि सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन और आसपास के स्टेशनों के विकास कार्य शुरू कर दिए गए हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई नई ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।

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