
बीजापुर, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों के छिपने के एकमात्र आश्रय स्थल नेशनल पार्क के इलाके में नक्सलियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए डीआरजी, जिला बल, छगसबल, और सीआरपीएफ 19 वाहिनी डी बटालियन की संयुक्त टीमों द्वारा थाना फरसेगढ़ क्षेत्रांतर्गत ग्राम पंचायत सागमेट्टा के आश्रित ग्राम मुकावेल्ली में नवीन सुरक्षा एवं सुविधा कैम्प स्थापित किया गया है।
घने जंगलों में दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियाँ, पहुंच विहीन रास्ते और कड़ाके की ठंड के बावजूद सुरक्षाबलों ने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए यह कैम्प सफलतापूर्वक स्थापित किया है। भोपालपटनम् से फरसेगढ़, सेण्ड्रा और गढ़चिरौली को जोड़ने के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रगति है। यह उपलब्धि सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है और आगामी समय में नेशनल पार्क क्षेत्र के दूरदराज गांवों को सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिससे आवागमन और प्रशासनिक पहुंच में सुधार होगा।
बीजापुर पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में कुल 32 नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किए जा चुके हैं। इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप 876 माओवादियों का पुनर्वास हुआ है, 229 माओवादी विभिन्न मुठभेड़ में मारे गए हैं और 1151 माओवादियों को सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया है। नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना से स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), मोबाइल नेटवर्क, तथा सड़क और पुल-पुलिया जैसी मूलभूत सुविधाएं प्राप्त होंगी। इससे नक्सलियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी और क्षेत्र में स्थायी शांति एवं विश्वास का वातावरण बनेगा।
