
भोपाल, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का साधन नहीं, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र प्रेम की भावना को भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने यह बात खेलो एमपी यूथ गेम्स के राज्य स्तरीय समापन समारोह के दौरान कही। इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

राज्यपाल ने बताया कि खेल हमें संकल्प, प्रयास और निरंतर अभ्यास का पाठ पढ़ाते हैं, जो हमारी जीवन मूल्य को विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि खेल केवल हार-जीत का स्थान नहीं, बल्कि यह चरित्र निर्माण की कार्यशाला भी होती है। पहले मध्य प्रदेश को खेलों के मामले में शांत राज्य माना जाता था, लेकिन आज हमारा प्रदेश देश का ‘स्पोर्ट्स पावरहाउस‘ बन चुका है।

राज्यपाल ने पारंपरिक खेलों के प्रोत्साहन और प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर लाने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश की खेल अकादमियों से निकले खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता “खेल-खिलाड़ी और खेल का मैदान” है। उन्होंने बताया कि ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ में एक लाख से अधिक खिलाडियों ने भाग लिया और 2341 पदक विजेताओं को 4 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई।
राज्यपाल पटेल ने इंदौर संभाग को प्रथम, भोपाल को द्वितीय और जबलपुर को तृतीय पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने सहभागियों और आयोजक टीम को समारोह की सफलता के लिए धन्यवाद दिया।
