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डेमियन मार्टिन ने मेनिन्जाइटिस से जंग जीतने के बाद कहा, ‘2026 के लिए तैयार हूं’

नई दिल्ली, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर डेमियन मार्टिन ने मेनिन्जाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से चमत्कारी रूप से उबरने के बाद सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा की है। 54 वर्षीय मार्टिन ने शनिवार को एक्स पर लिखा, “2026 के लिए तैयार हूं, मैं वापस आ गया हूं”। साथ ही उन्होंने अपने परिवार, दोस्तों व शुभचिंतकों का आभार जताया।

डेमियन मार्टिन पिछले महीने अचानक बीमार पड़ गए थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मेनिन्जाइटिस होने की पुष्टि की। यह बीमारी दिमाग और रीढ़ की हड्डी को ढकने वाली झिल्लियों में सूजन पैदा करती है। इलाज के दौरान उन्हें करीब एक हफ्ते से ज्यादा समय तक कृत्रिम कोमा (इंड्यूस्ड कोमा) में रखा गया था।

अपने पोस्ट में मार्टिन ने लिखा, “27 दिसंबर 2025 को मेरी जिंदगी मेरे हाथों से निकल गई थी, जब मेनिन्जाइटिस ने मेरे दिमाग को अपनी चपेट में ले लिया। मुझे बिना मेरी जानकारी के 8 दिनों के लिए पैरालाइज्ड कोमा में रखा गया, ताकि मैं इस खतरनाक बीमारी से लड़ सकूं और मैं लड़ा।”

उन्होंने आगे बताया कि डॉक्टरों ने उनके बचने की संभावना 50-50 बताई थी। कोमा से बाहर आने के बाद वह न चल पा रहे थे और न ही बोल पा रहे थे, लेकिन महज चार दिन के भीतर उन्होंने न सिर्फ चलना और बोलना शुरू कर दिया, बल्कि डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया। इसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और अब वे रिकवरी के दौर में हैं।

डेमियन मार्टिन ने 1992 से 2006 के बीच ऑस्ट्रेलिया के लिए 67 टेस्ट, 208 वनडे और 4 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। वह स्टीव वॉ की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के अहम स्तंभ रहे और अपनी शानदार स्ट्रोक-प्ले के लिए जाने जाते थे। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 13 शतक लगाए और 46.37 की औसत से रन बनाए।

मार्टिन 2003 वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का भी हिस्सा थे। फाइनल में भारत के खिलाफ उन्होंने रिकी पोंटिंग के साथ मैच जिताऊ साझेदारी करते हुए नाबाद 88 रन बनाए थे। उन्होंने 2006 एशेज सीरीज के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था और इसके बाद से सार्वजनिक जीवन से दूर ही रहे।

अब गंभीर बीमारी को मात देने के बाद डेमियन मार्टिन की यह वापसी उनके प्रशंसकों और क्रिकेट जगत के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है।

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