Saturday, March 7खबर जो असर करे |
Shadow

उत्तर छत्तीसगढ़ में ठंड का कहर: पारा दाे डिग्री तक लुढ़का, पहाड़ी इलाकों में जमी बर्फ की परत

अंबिकापुर, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। उत्तर छत्तीसगढ़ इन दिनों शीतलहरों की गिरफ्त में है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तापमान लगातार गिर रहा है, जिससे रातें तो ठिठुरन भरी हो ही गई हैं, दिन में भी ठंड का असर साफ महसूस किया जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में ओस की बूंदें जमने लगी हैं।

पिछले 24 घंटों में उत्तरी छत्तीसगढ़ में ठंड ने इस सीजन का सबसे कड़ा रूप दिखाया है। बलरामपुर जिले में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पाट क्षेत्रों में तापमान 2 से 3 डिग्री के बीच बना रहा। तापमान में इस तेज गिरावट के चलते पाट से लेकर आसपास के मैदानी इलाकों तक पाले की स्थिति बन गई है।

सरगुजा संभाग के लगभग सभी जिलों में शीतलहर का असर बना हुआ है। अंबिकापुर में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो बीते दिन की तुलना में और नीचे रहा। हालांकि दिन के समय धूप निकली, लेकिन ठंडी हवाओं के चलते अधिकतम तापमान में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हो सकी और यह 23 डिग्री से नीचे ही बना रहा।

पाट क्षेत्रों में हालात और अधिक कठोर हैं। सामरी पाट, सोनहत और आसपास के इलाकों में लगातार पाला पड़ने से खेतों और खुले स्थानों पर सफेद परत नजर आने लगी है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में भी ओस जमने लगी है, जो इस बात का संकेत है कि ठंड अपने चरम के करीब है।

मौसम विभाग ने सरगुजा संभाग के कई जिलों में शीतलहर को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि मकर संक्रांति के बाद दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन रातों की ठंड अभी बनी रहेगी।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तर दिशा से आने वाली ठंडी हवाएं और साफ आसमान तापमान को तेजी से नीचे गिरा रहे हैं। अत्यधिक ठंड के बावजूद कोहरे की स्थिति फिलहाल नहीं बन रही है, क्योंकि वातावरण में नमी कम है। कड़ाके की ठंड का सीधा असर जनजीवन पर दिखने लगा है। शाम ढलते ही गांवों और कस्बों में लोग घरों में सिमटने लगते हैं। बाजारों और सड़कों पर चहल-पहल कम हो गई है। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चे भी ठंड से बचाव करते हुए नजर आ रहे हैं।

जनवरी के शेष दिनों में ठंड का यह दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि फरवरी के पहले सप्ताह से धीरे-धीरे ठंड से राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल उत्तर छत्तीसगढ़ को अभी कुछ और दिन कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *