
रायपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। स्काउट जीवन जीने की एक पद्धति है, जो व्यक्ति को कठिनाइयों में आत्मनिर्भरता, टीम भावना और समाज की सेवा करना सिखाती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजरों और स्काउट-गाइड्स का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह जंबूरी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की विविधता में एकता का अद्भुत उत्सव है।
انہوں نے کہا कि यह पहली बार है कि देश में इस स्तर की राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन छत्तीसगढ़ में हुआ है, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करता यह आयोजन विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजरों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक झांकियों के जरिए भारत की समृद्ध विविधता को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करता है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को सलाह देते हुए कहा कि वह देश और राज्य के भविष्य हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रेरक शब्दों का उल्लेख करते हुए युवाओं को आत्मविश्वास और संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड संगठन द्वारा सिखाए गए मूल्य जैसे अनुशासन, सेवा-भाव और नेतृत्व राष्ट्र निर्माण में सहायक हैं।
पांच दिवसीय इस जंबूरी में 15,000 से अधिक रोवर-रेंजरों ने भाग लिया, और समापन समारोह के दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को भारतीय कला और संस्कृति से भर दिया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री साय के मार्गदर्शन में सफल आयोजन की बात कही।
भारतीय स्काउट-गाइड के राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. केके खंडेलवाल ने इस अवसर पर सेवा और समर्पण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्काउटिंग का मूल मंत्र है –“अपने कार्यों से दूसरों का भला करना।” इस कार्यक्रम में कई गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
