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इंदौरः भागीरथपुरा में सघन स्वास्थ्य वर्धन अभियान से जनजीवन में लौट रहा भरोसा

शहर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जलजनित घटना के बाद शासन-प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुसार, यहां नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और स्वास्थ्य वर्धन अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से न केवल बीमारियों की पहचान की जा रही है, बल्कि भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने के लिए ठोस आधार भी तैयार किया जा रहा है।

भागीरथपुरा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के 50 दलों में तैनात 200 से अधिक प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी 24×7 सक्रिय स्थिति में हैं। ये दल घर-घर जाकर लगभग 20 स्वास्थ्य मानकों पर नागरिकों की जांच कर रहे हैं। अभियान के तहत प्रभावित नागरिकों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जा रहा है और प्रत्येक नागरिक को हेल्थ कार्ड प्रदान किया जा रहा है, ताकि उनके स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को सुव्यवस्थित रखा जा सके।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी के अनुसार, मुख्यमंत्री की स्पष्ट इच्छा है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में कोई भी नागरिक इलाज से वंचित न रहे। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में यह अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य अगले 6 दिनों में लगभग 60 हजार नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण करना है। पिछले तीन दिनों में करीब 12 हजार 521 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण पूरा किया गया है, और गंभीर बीमारियों की पहचान होने पर तुरंत उपचार को सुनिश्चित किया जा रहा है।

अभियान के दौरान उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों का मौके पर ही इलाज किया जा रहा है, साथ ही आवश्यकता पड़ने पर रेफरल की व्यवस्था भी की गई है, जिससे नागरिकों को अस्पतालों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ रही है।

स्वास्थ्य परीक्षण में डिहाइड्रेशन स्तर, पोषण स्थिति, हीमोग्लोबिन, रक्तचाप, ब्लड शुगर जैसी समस्याओं का ध्यान रखा जा रहा है। यह अभियान विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस पहल ने उन्हें न केवल उल्टी-दस्त जैसी समस्याओं का समाधान किया है, बल्कि अन्य गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान में भी मदद मिल रही है। यह अभियान वर्तमान स्वास्थ्य संकट को नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध हो रहा है और दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत नींव रख रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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