
कोरबा, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण भारत के समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में केंद्र सरकार ने “विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025” को लागू किया है, जो गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने में मील का पत्थर साबित होगा। यह जानकारी धरमलाल कौशिक, विधायक बिल्हा विधानसभा, जिन्होंने आज प्रेस क्लब, तिलक भवन टीपी नगर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए साझा की।
इस मौके पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, प्रदेश मंत्री सुश्री रितु चौरसिया तथा सह संभाग प्रभारी रायपुर डॉ. राजीव सिंह सहित कई अन्य नेता उपस्थित रहे।
धरमलाल कौशिक ने बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत किसानों, मजदूरों और गरीबों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो प्रधानमंत्री की गरीबों के प्रति प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी ने अपने पहले भाषण में सरकार को गरीबों के नाम समर्पित बताया था, जिसके अनुरूप कई ऐतिहासिक योजनाएँ लागू की गईं, जैसे घर-घर बिजली, शौचालय और आवास।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम मनरेगा का उन्नत और पारदर्शी स्वरूप है, जिसमें ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। इससे मजदूरों की आय में वृद्धि होगी और मजदूरी भुगतान का समय भी सात दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।
कौशिक ने यह भी बताया कि अधिनियम में चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा: जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन। जल संसाधनों का संरक्षण, नदियों और नालों का सुधार, तथा कृषि संरचनाओं का विकास प्राथमिकता से किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में बड़ी संख्या में प्रिंट तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार भी शामिल हुए।
