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Day: September 19, 2026

मुंबई पहुंचे ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के प्रीमियर रोजर कुक, सड़क किनारे कुल्हड़ की चाय का लिया आनंद

मुंबई पहुंचे ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के प्रीमियर रोजर कुक, सड़क किनारे कुल्हड़ की चाय का लिया आनंद

अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय
मुंबई। ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया राज्य के प्रीमियर रोजर कुक इन दिनों भारत दौरे पर हैं। मुंबई प्रवास के दौरान उनका एक अनौपचारिक अंदाज भी सामने आया, जब ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने सड़क किनारे कुल्हड़ में चाय का आनंद लिया। चाय पीते हुए तस्वीर सामने आने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया ने भी इस पल को चर्चा में ला दिया। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापार, शिक्षा, ऊर्जा और निवेश सहयोग से जुड़ी औपचारिक बैठकों के बीच मुंबई की सड़क किनारे चाय का यह अनुभव दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के दौरे का अलग पहलू बन गया। 17 से 25 सितंबर तक भारत और वियतनाम का दौरा रोजर कुक 17 से 25 सितंबर तक भारत और वियतनाम के दौरे पर हैं। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया सरकार के मुताबिक, इस दौरे का उद्देश्य भारत और वियतनाम के साथ व्यापार, निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, पर्यटन, विमानन और कौशल वि...
ग्लोबल ऑयल मार्केट में बड़ा बदलाव… चीन ने बड़ा स्टॉक जमा कर बदल दिया तेल का पूरा खेल!

ग्लोबल ऑयल मार्केट में बड़ा बदलाव… चीन ने बड़ा स्टॉक जमा कर बदल दिया तेल का पूरा खेल!

अंतरराष्ट्रीय
बीजिंग। ईरान युद्ध (Iran War) ने तेल क्षेत्र (Global Oil Market ) में ऐसा बदलाव ला दिया है, जिसकी शायद किसी ने उम्मीद भी नहीं की थी। अब तक यही नियम चलता था कि जिनके पास तेल कुएं हैं, यानी सऊदी अरब (Saudi Arabia) या अमेरिका (America) जैसे निर्यातक देश ही आपूर्ति और कीमतों की चाल तय करते थे। आयातक देशों को हमेशा उनके इशारों पर नाचना पड़ता था। लेकिन चीन ने दुनिया का सबसे बड़ा तेल खरीदार होते हुए भी पूरा पासा पलट दिया है। चीन (China) ने काफी मात्रा में कच्चा तेल जमा करके, शोधन क्षमता बढ़ाकर और कोयले तथा अन्य विकल्पों में निवेश करके अपनी सबसे बड़ी कमजोरी (तेल के लिए दूसरों पर निर्भर होना) को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया है। अब आयातक देश अपनी मनमर्जी से तेल का बाजार नहीं चला सकते। चीन ने दिखा दिया है कि वह जब चाहे तेल खरीदकर कीमतें बढ़ा सकता है और जब चाहे खरीदारी रोककर कीमतें गिरा सकता है।...
सऊदी की कंपनी अरामको अगले महीने यूरोप को नहीं करेगी कच्चे तेल की सप्लाई, जानें वजह?

सऊदी की कंपनी अरामको अगले महीने यूरोप को नहीं करेगी कच्चे तेल की सप्लाई, जानें वजह?

अंतरराष्ट्रीय
दुबई। सऊदी अरब (Saudi Arabia) की तेल कंपनी अरामको (Oil Company Aramco) ने कम से कम दो यूरोपीय रिफाइनिंग ग्राहकों (European Refining Customers) को बताया है कि उन्हें अगले महीने यानी अक्तूबर में कच्चे तेल की डिलीवरी नहीं मिलेगी। समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग ने मामले से परिचित लोगों के हवाले से यह जानकारी दी है। यूरोपीय रिफाइनर आम तौर पर अरामको से दीर्घकालिक अनुबंध के तहत हर महीने सऊदी कच्चा तेल खरीदते हैं, लेकिन इस बार अक्तूबर की डिलीवरी रोक दी गई है। पाइपलाइन पर हमले का क्या असर हुआ?यह फैसला सऊदी अरब की अहम ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर ड्रोन हमले के बाद आया है। हमले के कारण पाइपलाइन को बंद करना पड़ा और तीन पंपिंग स्टेशन क्षतिग्रस्त हुए। इसके चलते लाल सागर के तट पर स्थित यानबू बंदरगाह से तेल की लोडिंग भी प्रभावित हुई। सऊदी अरब ने पहले ही यूरोपीय ग्राहकों को कुछ कच्चे तेल की खेप रद्द होने की जानकारी ...
अमेरिका-सऊदी अरब के बीच सबसे बड़ा रक्षा सौदा… दो लाख करोड़ की विदेशी सैन्य बिक्री को मंजूरी

अमेरिका-सऊदी अरब के बीच सबसे बड़ा रक्षा सौदा… दो लाख करोड़ की विदेशी सैन्य बिक्री को मंजूरी

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
वॉशिंगटन। हूतियों के बढ़ते हमलों (Escalating Houthi attacks) के बीच अमेरिका (America) ने सऊदी अरब (Saudi Arabia) को 48 एफ-35 लड़ाकू विमान बेचने का रास्ता साफ कर दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने 24.3 अरब डॉलर (लगभग 2 लाख करोड़ रुपये) की संभावित विदेशी सैन्य बिक्री (Foreign Military Sales) को मंजूरी दी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब रियाद हूतियों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए वॉशिंगटन से सैन्य मदद मांग रहा था। अमेरिका ने हालांकि, सऊदी अरब के आग्रह के बावजूद हूतियों के खिलाफ सीधे सैन्य कार्रवाई से इन्कार किया। इसके बजाय वॉशिंगटन ने रियाद को खुफिया जानकारी और टारगेटिंग सहायता देने की बात कही। इसी बीच हूतियों ने सऊदी शहरों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर दबाव बढ़ाया। ऐसे माहौल में सऊदी अरब की अपनी हवाई रक्षा क्षमता मजबूत करने की जरूरत और बढ़ी। इसी क्रम में एफ-35 सौदा सामने आया है। ...
सुप्रीम कोर्ट ने ‘शराबबंदी’ पर उठाए सवाल….600 से ज्यादा मौतों का जिक्र कर गिनाए 5 बड़े नुकसान

सुप्रीम कोर्ट ने ‘शराबबंदी’ पर उठाए सवाल….600 से ज्यादा मौतों का जिक्र कर गिनाए 5 बड़े नुकसान

राष्ट्रीय
नई दिल्ली। शराबबंदी (Alcohol Prohibition) के असर पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इससे जुड़ी पांच प्रमुख 'बुराइयां' गिनाई हैं। कोर्ट ने कहा कि शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने से राजस्व का नुकसान, प्रतिबंध लागू कराने पर खर्च, पुलिस में भ्रष्टाचार, अवैध शराब बनाने और नशीली दवाओं (Narcotic drugs) से जुड़ी समस्या जैसे खतरे पैदा हो सकते हैं। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने यह टिप्पणी महाराष्ट्र पॉइजन्स रूल्स के नियम 18A और 18B को रद्द करते हुए की। इन नियमों के तहत मेथनॉल की खरीद को नियंत्रित किया गया था और गैर-दवा निर्माताओं को इसकी बिक्री से पहले उसमें कड़वा पदार्थ और रंग मिलाना अनिवार्य किया गया था। कोर्ट ने शराबबंदी से जुड़े 5 ‘नुकसान’ गिनाएसुप्रीम कोर्ट ने शराबबंदी से जुड़े जिन पांच पहलुओं की ओर इशारा किया, वे हैं-- राजस्व का नुकसान- शराबबंद...
सऊदी अरब का बड़ा फैसला… बदला तेल निर्यात का रास्ता, बढ़ सकती है यूरोप की परेशानी

सऊदी अरब का बड़ा फैसला… बदला तेल निर्यात का रास्ता, बढ़ सकती है यूरोप की परेशानी

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
दुबई। सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने तेल निर्यात (Oil Export) को लेकर बड़ा फैसला किया है। इसका बहुत बड़ा असर यूरोप (Europe) पर पड़ने वाला है। जानकारी के मुताबिक सऊदी ने रास्ता बदलते हुए करीब 60 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल अपने गल्फ पोर्ट रास तयनूरा (Ras Tanura Port) से ओमान के सोहार पोर्ट भेज दिया है। इसे जहाज के जरिए ट्रांसफर किया जाएगा। यह फैसला इस महीने और अगले महीने के लिए किया गया है। लाल सागर (Red Sea) में सऊदी अरब के रास्ते में रुकावटें आने के बाद उसने यह फैसला लिया है। अब उसे नए रास्तों की तलाश करके अपने अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों तक तेल पहुंचाना पड़ रहा है। इसके साथ ही सऊदी आरामको ने कम से कम दो यूरोपियन रिफाइनिंग ग्राहकों को बोल दिया है कि उन्हें अगले महीने सऊदी से कच्चा तेल (Crude Oil) नहीं मिलेगा। इसकी वजह, लाल सागर में उस पाइपलाइन पर हमला है, जिससे सऊदी तेल निर्यात करता है। रॉयटर्स की र...
उत्तर कोरिया में 2000 साल से शांत पड़ा सीस्मिक जोन…. परमाणु परीक्षणों की वजह से अब लगातार आ रहे भूकंप

उत्तर कोरिया में 2000 साल से शांत पड़ा सीस्मिक जोन…. परमाणु परीक्षणों की वजह से अब लगातार आ रहे भूकंप

अंतरराष्ट्रीय
प्योंगयांग। उत्तर कोरिया (North Korea) ने साल पिछले कुछ सालों में कई बार परमाणु परीक्षण (Nuclear test) किया है। इसकी ही वजह से ऐसे इलाके में भी भूकंप (Earthquake) के झटके आ रहे हैं जहां पिछले 2000 सालों से एकदम शांति थी। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया ने आखिरी बार 2017 में परमाणु परीक्षण किया था। एक स्टडी में पता चला है कि मंताप की पहाड़ियों के आसपास 2008 से 2025 के बीच 1399 भूकंप के झटके आ चुके हैं। जबकि 2013 से पहले यहां कभी भूकंप नहीं आया। 2006 से 2017 तक उत्तर कोरिया ने यहां कम से कम 6 बार परमाणु परीक्षण किया है। 2013 में पहली बार आया बड़ा भूकंपरिपोर्ट के मुताबिक इस इलाके में पहली बार 2013 में बड़ा भूकंप आया। उस समय यहां तीसरा परमाणु परीक्षण किया गया था। 2017 में आखिरी परमाणु परीक्षण के बाद भूकंप की तीव्रता और फ्रेक्वेंसी दोनों बढ़ गईं। 2017 में इस इलाके में 6.3 तीव्रता का भूकंप आय...
मणिपुर में उग्रवादियों की गतिविधियों पर एजेंसियों की कड़ी नजर…. हो सकती है बड़ी कार्रवाई

मणिपुर में उग्रवादियों की गतिविधियों पर एजेंसियों की कड़ी नजर…. हो सकती है बड़ी कार्रवाई

राज्य, राष्ट्रीय
इम्फाल। मणिपुर (Manipur) में हिंसा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं के बीच उग्रवादी संगठनों (Militant Organizations) की गतिविधियां लगातार केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी के दायरे में हैं। सुरक्षा एवं प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न उग्रवादी समूहों व उनके कैडरों की गतिविधियों को लेकर केंद्रीय एजेंसियां (Central agencies) स्थानीय खुफिया तंत्र के साथ लगातार सूचनाएं जुटा रही हैं। इसके आधार पर संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बलों के अभियान तेज किए जा सकते हैं। अफसरों के मुताबिक, एनएससीएन (आईएम) समेत अन्य उग्रवादी संगठनों से जुड़े कैडरों की भूमिका को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के पास लगातार सूचनाएं पहुंच रही हैं। जमीनी स्तर पर तैनात सुरक्षा बलों के कमांडरों को हिंसक समूहों के खिलाफ पहले की तुलना में अधिक आक्रामक रणनीति अपनाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। पहले सुरक्षा बलों का ...
MP: शिवपुरी में 1.24 करोड़ के सरकारी भवन में पड़ी दरारें, महज 18 दिन पहले किया था उद्घाटन

MP: शिवपुरी में 1.24 करोड़ के सरकारी भवन में पड़ी दरारें, महज 18 दिन पहले किया था उद्घाटन

मध्य प्रदेश, राज्य, राष्ट्रीय
शिवपुरी। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के खनियाधाना (Khaniadhana) में विकास और निर्माण कार्यों की पोल खोलने वाली एक तस्वीर सामने आई है. जिस इमारत पर 1 करोड़ 24 लाख रुपया खर्च किया गया, वह उद्घाटन के महज 18 दिन के भीतर ही जर्जर हालत में पहुंच गई है। खनियाधाना से बामोरकलां में शिफ्ट होने वाली नवनिर्मित उप तहसील की इस बिल्डिंग (Newly constructed sub-tehsil building) में जगह-जगह गहरी दरारें उभर आई हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। बीती 31 अगस्त को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पिछोर विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने बड़े ही उत्साह के साथ बामोरकलां नई उप तहसील भवन का लोकार्पण किया था. इस भवन के निर्माण को लेकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंच से तारीफ की थी। कांग्रेस नेताओं का आरोप है ...
LIC के साथ ₹2684 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में CBI का एक्शन…. अनिल अंबानी समेत कई पर केस दर्ज!

LIC के साथ ₹2684 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में CBI का एक्शन…. अनिल अंबानी समेत कई पर केस दर्ज!

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। अनिल अंबानी (Anil Ambani) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दरअसल, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई-CBI) ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (आरसीएपी) (Reliance Capital Limited - RCAP), इसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी, पूर्व समूह प्रबंध निदेशक सतीश सेठ, अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य लोगों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है। एक खबर के मुताबिक यह मामला भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) (Life Insurance Corporation of India - LIC) के निवेश से जुड़े 2684 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है। हालांकि, अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने आरोपों को खारिज किया है। क्या कहा प्रवक्ता ने?प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान में कहा, ''सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी रिलायंस कैपिटल लिमिटेड से संबंधित है। अनिल अंबानी 2005 से नवंबर 2021 तक रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के बोर्ड में गैर कार्यकारी निदेशक/चेयरमैन रहे। नवंबर 2021 में भार...