अयोध्या, 12 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने रविवार को रामनगरी अयोध्या का दौरा किया। वे रामजन्मभूमि मंदिर परिसर में पहुँच कर रामलला के दरबार में माथा टेके। मंदिर की भव्यता का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कई बार प्रभु राम का नाम लिया।
भोपाल, 12 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। आज रविवार से शारदीय नवरात्र का नौ दिवसीय पर्व प्रारम्भ हुआ है। इस अवसर पर भोपाल, इंदौर और मैहर के प्रमुख देवी मंदिरों में एक लाख भक्त तक की भीड़ का अनुमान लगाया गया है, जो सलकनपुर में रात तक पहुँचने की संभावना है। पहला दिन घरों और मंदिरों में गृहस्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा‑अर्चना की गई। श्रद्धालु इस पावन उत्सव में भाग लेकर देवी की आराधना में लीन हो रहे हैं।...
By: - डॉ. मयंक चतुर्वेदी
लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे समाज को एकजुट करें, उसके लिए अपने स्तर पर तमाम प्रयास करें न कि विभाजित करने का षड्यंत्र एवं संवाद स्थापित करें, किंतु जब कोई विधायक भारतीय समाज में विभाजन की रेखा तीव्र करे, नारी सम्मान, सामाजिक नैतिकता और देश की सांस्कृतिक चेतना पर सीधा प्रहार करे तब यह कृत्य धर्म के स्थान पर अधर्म को प्रसारित करने वाला कहलाता है।
वस्तुत: मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने दावा किया कि हिंदू ग्रंथों में दलित या आदिवासी महिला के साथ सहवास को तीर्थ यात्रा के फल के समान पुण्य बताया गया है। "खूबसूरत लड़की देखकर पुरुष का दिमाग भटक जाता है, ऐसी घटनाएं हो जाती हैं।" कहना होगा कि ये घटना हिंदू धर्म की परंपराओं के खिलाफ घृणित दुष्प्रचार है। सच यही है कि हिंदू धर्म की मूल चेतना नारी को देवी के रूप में पूज...
भोपाल, 16 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। सनातन धर्म में हर शुभ कार्य से पहले पंचांग का विचार करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण इन पांच अंगों के समन्वय से ही यह तय होता है कि कोई धार्मिक कार्य कब और कैसे किया जाए। इसी परंपरा के अनुसार प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत और पूजन किया जाता है। माघ माह की मासिक शिवरात्रि इस बार 17 जनवरी, शनिवार को है, जोकि श्रद्धा और भक्ति के साथ हर बार की तरह मनाई जाएगी।
ज्योतिषाचार्य आचार्य भरत दुबे के अनुसार “माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 16 जनवरी की रात 10 बजकर 21 मिनट से प्रारंभ होकर 18 जनवरी की रात 12 बजकर 3 मिनट तक रहेगी। व्रत और पूजा 17 जनवरी को करना इसलिए श्रेष्ठ है, क्योंकि शिव आराधना का सर्वोत्तम समय निशिता काल इसी दिन प्राप्त हो रहा है।” आचार्य भरत दुबे का कहना है कि शिवरात्रि साधना और...