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कांकेर में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते दो कृषि विस्तार अधिकारी गिरफ्तार

कांकेर में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते दो कृषि विस्तार अधिकारी गिरफ्तार

अंतरराष्ट्रीय
कांकेर, 14 अक्टूबर (हिंदुस्तान) — एंटी करप्शन ब्यूरो ने जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में दो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को, जो सुन्दर लाल बच्छड़ तथा प्रवीण उर्फ रिंकू चंद्राकर के नाम से कार्यरत थे, 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांचकर्ता बताते हैं कि शिकायत के बाद विशेष टीम ने दोनों अधिकारियों के कार्यालय और उनके आवासीय क्षेत्र में गुप्त निगरानी रखी। प्राप्त जानकारी के आधार पर, 13 अक्टूबर को एक स्थानीय किसान को मिलने के दौरान, बच्छड़ और चंद्राकर को नगद रूप में 20 हजार रुपये की धनराशि स्वीकारते देखा गया। इस दौरान अधिकारी स्पष्ट रूप से रक़म को थैले में रख कर ले जा रहे थे, जिससे उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार करने के बाद दोनों अधिकारियों को पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहाँ उन्हें मौखिक और लिखित बयान दर्ज करने के बाद जेल में बंधक कर ...
हिमाचल विवि के प्रो‑वीसी के पद पर बने रहेंगे राजिंदर वर्मा, 4 नवंबर को अगली सुनवाई

हिमाचल विवि के प्रो‑वीसी के पद पर बने रहेंगे राजिंदर वर्मा, 4 नवंबर को अगली सुनवाई

कानून
शिमला, 12 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने यह आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें प्रो. राजिंदर वर्मा को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति की विदेश यात्रा के दौरान उनके कामकाज की जिम्मेदारी अन्य अधिकारियों को सौंपा जाना था। कोर्ट ने कहा कि इस आदेश को लागू करना अनुचित है और अब तक राजिंदर वर्मा ही प्रो‑वीसी के पद पर बने रहेंगे। अगले चरण की सुनवाई 4 नवंबर को निर्धारित की गई है, जहाँ इस मामले के विस्तृत बिंदुओं पर चर्चा होगी।...
रिम्स में बायो मेडिकल वेस्ट का उठाव अब नई कंपनी करेगी, अगली सुनवाई 16 फरवरी को

रिम्स में बायो मेडिकल वेस्ट का उठाव अब नई कंपनी करेगी, अगली सुनवाई 16 फरवरी को

कानून
रांची, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। राजेंद्र चिकित्सा विज्ञान संस्थान (रिम्स) में बायो मेडिकल वेस्ट के उठाव का कार्य अब एक नई कंपनी द्वारा किया जाएगा। इस संबंध में रिम्स ने झारखंड उच्च न्यायालय को शपथ पत्र के माध्यम से जानकारी दी। रिम्स ने सोमवार को हुई सुनवाई में अदालत को बताया कि पुरानी कंपनी का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो गया और अब यह कार्य मेसर्स मेडिकेयर एनवायरनमेंट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, लोहरदगा संभालेगी। सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ द्वारा की गई। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता समावेश देव ने पक्ष रखा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अधिवक्ता रिचा संचित ने अदालत को बताया कि झारखंड के कई जिलों में बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं और अस्पतालों एवं नर्सिंग होम को क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत रजिस्टर्ड किया जा ...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शब-ए-बारात पर अवैध पटाखों पर की सख्ती

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शब-ए-बारात पर अवैध पटाखों पर की सख्ती

कानून
कोलकाता, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। कलकत्ता हाईकोर्ट ने शब-ए-बारात के अवसर पर अवैध और पर्यावरण के लिए हानिकारक पटाखों के इस्तेमाल पर सख्ती के निर्देश दिए हैं। अदालत ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस प्रशासन को आदेश दिया है कि ऐसे किसी भी पटाखे के उपयोग की अनुमति न दी जाए, जो नियमों के खिलाफ हों। मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि रात दस बजे से सुबह छह बजे तक किसी भी तरह के पटाखे नहीं फोड़े जाएंगे। पीठ ने कहा कि शब-ए-बारात के दौरान केवल वही पटाखे इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जो नियमों के तहत अनुमत हों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाते हों। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि पुलिस विभाग की जिम्मेदारी होगी कि वह याचिकाकर्ता और उनके परिवार को त्योहार के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराए। न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन भी इस खंडपीठ में शामिल थे। अदालत ने प्रदूषण न...
दिल्ली हाई कोर्ट ने नए श्रम कानूनों के नोटिफिकेशन पर केंद्र सरकार को फटकारा

दिल्ली हाई कोर्ट ने नए श्रम कानूनों के नोटिफिकेशन पर केंद्र सरकार को फटकारा

कानून
दिल्ली, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने नए श्रम कानूनों के नोटिफिकेशन को लेकर केंद्र सरकार की सुस्ती पर नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र से कहा कि उसने पिछले आदेश का पालन नहीं किया है। मामले की अगली सुनवाई 30 जनवरी को होगी। आज उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील रविंद्र एस गरिया ने बताया कि केंद्र ने 8 दिसंबर के नोटिफिकेशन में कोई सुधार नहीं किया है। वकील ने यह भी कहा कि नए कानून कैसे लागू हो सकते हैं जब नोटिफिकेशन में आवश्यक सुधार नहीं किए गए। कोर्ट ने केंद्र के नोटिफिकेशन में कमियों पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि नए कानून को लागू करने के लिए पूर्व कानून को निरस्त किए बिना और नए नियम बनाए बिना यह संभव नहीं है। एएसजी चेतन शर्मा ने कहा कि अदालती सवालों के जवाब देने में असमर्थ रहे, जिससे मामला फिर से सुनवाई के लिए रोक...