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उप मुख्यमंत्री शर्मा ने ‘राजा भोरमदेव की कहानी’ पुस्तक का विमोचन

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने ‘राजा भोरमदेव की कहानी’ पुस्तक का विमोचन

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज सोमवार को विधायक कार्यालय कवर्धा में 'द स्टोरी ऑफ किंग भोरमदेव' 'राजा भोरमदेव की कहानी' पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक के रचनाकार रामप्रसाद बघेल को उप मुख्यमंत्री ने बधाई तथा आगे के सफल साहित्यिक कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं। शर्मा ने कहा कि यह पुस्तक जिलेवासियों के लिए गर्व का विषय है तथा इससे हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। यह कहानी अंतरराष्ट्रीय स्तर का है। इस पुस्तक के प्रकाशन से भोरमदेव की ख्याति को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तक न केवल राजा भोरमदेव के जीवन और काल की महिमा को उजागर करती है, बल्कि मनुष्य, प्रकृति और चेतना के बीच संतुलन की गूढ़ दार्शनिकता को भी बखूबी प्रस्तुत करती है। उन्होंने आग्रह किया कि वे इस पुस्तक को पढ़ें ...
रायपुर साहित्य उत्सव में बस्तर के 27 साहित्यकारों की भागीदारी

रायपुर साहित्य उत्सव में बस्तर के 27 साहित्यकारों की भागीदारी

छत्तीसगढ़, राज्य
जगदलपुर, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को नई ऊर्जा देने तथा देशभर के साहित्यकारों, चिंतकों, कलाकारों और पाठकों को एक मंच देने के उद्देश्य से 23, 24 और 25 जनवरी को रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में बस्तर जिले के लगभग 27 साहित्यकार इस साहित्य उत्सव में भाग लेने के लिए अपना पंजियन करवाया है। जगदलपुर के वरिष्ठ साहित्यकार रुद्रनारायण पाणिग्रही ने बताया कि रायपुर साहित्य उत्सव का केंद्रीय विचार आदि से अनादि तक है, जो भारत की साहित्यिक परंपरा की निरंतरता और विकास को रेखांकित करता है। यह आयोजन अटल नगर नया रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित किया जाएगा। जहां छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और समकालीन साहित्यिक अभिव्यक्तियों का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। यह उत्सव छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर एक नई पहचा...
इतिहास के पन्नों में 18 जनवरी: रुडयार्ड किपलिंग का निधन और अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं

इतिहास के पन्नों में 18 जनवरी: रुडयार्ड किपलिंग का निधन और अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं

राष्ट्रीय
[City], 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। जाने-माने ब्रिटिश लेखक और कवि रुडयार्ड किपलिंग का 70 वर्ष की उम्र में 18 जनवरी, 1936 को लंदन में निधन हो गया। औपनिवेशिक काल के दौरान 30 दिसंबर, 1865 में बंबई (वर्तमान मुम्बई) में जन्मे किपलिंग को मुख्य रूप से उनकी पुस्तक "द जंगल बुक" (1894), 'किम' (1901), 'द मैन हु वुड बी किंग' (1888) और उनकी लिखी कविताओं के लिए जाना जाता है। उनके लिखे बाल साहित्य कालजयी कृतियों में गिने जाते हैं। सन 1907 में उन्हें साहित्य के लिए 'नोबेल पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। पुरस्कार के प्रशस्ति पत्र में कहा गया कि "आलोचना की शक्ति का महत्व, कल्पना की मौलिकता, विचारों का पौरूष और असाधारण प्रतिभा जो इस प्रसिद्ध लेखक की रचना के लिए दुनिया में चिह्नित करता है।" अन्य अहम घटनाएंः 2020 - झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के नए अध्यक्ष चुने गये। 20...
पं. विद्यानिवास मिश्रः भारतीय चिंतन धारा के अप्रतिम व्याख्याकार

पं. विद्यानिवास मिश्रः भारतीय चिंतन धारा के अप्रतिम व्याख्याकार

लेख
शहर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। पं. विद्यानिवास मिश्र, भारतीय चिंतन के अप्रतिम व्याख्याकार, ने अपने विचारों और साहित्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति को एक नई दिशा दी। उनके कार्य ने भारतीय विचारधारा को पुनर्स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यानिवास मिश्र का जीवन और चिंतन पाश्चात्य प्रभाव के बावजूद भारतीय परंपरा की समृद्धि को उजागर करता है। उनके लेखन में धर्म, लोक, शास्त्र और आधुनिकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों की गहराई से व्याख्या की गई है। मिश्र जी का मानना था कि मानव विकास का असली उद्देश्य मनुष्य को अधिक मानव बनाना है, और उन्होंने इसे अपने कार्यों में प्रतिबिंबित किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति की महत्ता को समझाते हुए यह बताया कि मनुष्य और प्रकृति के बीच एक सहकारी संबंध होना चाहिए, न कि एक प्रतिस्पर्धात्मक। उनकी सोच आज के वैश्विक संदर्भ में भी प्रासंगिक है, जहां मानवता को एकजुट होने औ...