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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माघ बिहू, भोगी, उत्तरायण और पोंगल पर्व पर दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माघ बिहू, भोगी, उत्तरायण और पोंगल पर्व पर दी शुभकामनाएं

मध्य प्रदेश, राज्य
भोपाल, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने आज बुधवार को माघ बिहू, उत्तरायण और पोंगल पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कामना की है। उन्होंने कहा कि ये पर्व हर किसी के जीवन में सुख एवं समृद्धि के साथ नयी ऊर्जा और उत्साह का संचार करें। मुख्यमंत्री डाॅ. यादव ने साेशल मीडिया एक्स पर पाेस्ट कर लिखा - आप सभी को राष्ट्रीय एकात्मता और कृषि संस्कृति के प्रतीक माघ बिहू, भोगी, उत्तरायण व पोंगल पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि ये पावन पर्व सभी के जीवन में सुख-शांति, सद्भावना व धन-धान्य लेकर आएं, हर घर-आंगन में खुशहाली हो तथा हमारे किसान भाई-बहन समृद्ध बनें।...
पोंगल उत्सव: मदुरै में जल्लीकट्टू प्रतियोगिता की जोरदार तैयारी, मुख्यमंत्री स्टालिन भी होंगे शामिल

पोंगल उत्सव: मदुरै में जल्लीकट्टू प्रतियोगिता की जोरदार तैयारी, मुख्यमंत्री स्टालिन भी होंगे शामिल

राष्ट्रीय
मदुरै, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। तमिलनाडु के मदुरै में पोंगल पर्व के अवसर पर गुरुवार से विश्व प्रसिद्ध अवनियापुरम, पालमेडु और अलंगानल्लूर जल्लीकट्टू प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर से तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं। ताई महीने (तमिल सौर कैलेंडर का एक महीना) के पहले दिन पोंगल पर्व पर 15 जनवरी को अवनियापुरम में, 16 जनवरी को पालमेडु में और 17 जनवरी को अलंगानल्लूर में पारंपरिक जल्लीकट्टू प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। पालमेडु में 16 जनवरी को होने वाली जल्लीकट्टू प्रतियोगिता में तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन शामिल होंगे, जबकि 17 जनवरी को अलंगानल्लूर में आयोजित प्रतियोगिता में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की उपस्थिति रहेगी। पोंगल पर्व के तहत मदुरै में आयोजित होने वाली पहली जल्लीकट्टू प्रतियोगिता अवनियापुरम जल्लीकट्टू के लिए अं...
मकर संक्रांतिः सृष्टि में ऊर्जा का नवसंचार करने वाला पर्व

मकर संक्रांतिः सृष्टि में ऊर्जा का नवसंचार करने वाला पर्व

लेख
मृत्युंजय दीक्षित मकर संक्रांति के मौके पर जब सूर्यदेव धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब यह पर्व मनाया जाता है। यह पर्व सृष्टि में ऊर्जा का नवसंचार करने का पर्व माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन जप, तप, दान, स्नान, श्रद्धा, तर्पण आदि विधियों का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन दिया गया दान सौ गुना बढ़कर मिलता है। इस दिन उड़द, चावल, तिल, गौ, स्वर्ण, ऊनी वस्त्र, कम्बल आदि का दान किया जाता है, और गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। इस पर्व से संबंधित पौराणिक कथाएं भी हैं, जैसे भगवान भास्कर का अपने पुत्र शनिदेव से मिलने जाना और महाभारत के समय भीष्म पितामह का इसी दिन देह त्याग करना। इस दिन गंगाजी ने भगीरथ के साथ कपिल मुनि के आश्रम से सागर में जाकर मिलने का कार्य किया था। इसके अलावा, भगवान विष्णु ने इस दिन असुरों का अंत कर युद्ध समाप्ति की घोषणा की थी, इसलिए इसे सकारात्मक...