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Tag: आत्मसमर्पण

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ में बिताई रात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ में बिताई रात

छत्तीसगढ़, राज्य
नारायणपुर, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले को पहले नक्सल प्रभावित क्षेत्र समझा जाता था, और अबूझमाड़ को नक्सलियों की अघोषित राजधानी माना जाता था। लेकिन पिछले वर्ष नक्सली संगठन के शीर्ष कैडर बसवा राजू के मुठभेड़ में ढेर होने के बाद से यहाँ की स्थितियाँ तेजी से बदल रही हैं। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पहली बार यहाँ दो दिन के प्रवास पर पहुँचकर रात बिताई। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने आईटीबीपी, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, बीएसएफ, डीआरजी, और सीएएफ के जवानों और अधिकारियों से मुलाकात करते हुए बस्तर की शांति और सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की और उनके हौसले को बढ़ाया। मुख्यमंत्री साय एवं मंत्रियों ने बटालियन परिसर में जवानों के साथ रात्रि भोज किया और उनसे आत्मीय चर्चा की। इस यात्रा के पहले दिन, उन्होंने अबूझमाड़ के ग्रामीण कार्यक्रमों में भी भाग लिया और संचालित बस...
छत्तीसगढ़ के सुकमा में 29 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

छत्तीसगढ़ के सुकमा में 29 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

राष्ट्रीय
सुकमा, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। इस वर्ष का यह सबसे बड़ा नक्सली आत्मसमर्पण सुकमा जिले के गोगुंडा में हुआ है, जहां बुधवार को 29 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया। ये सभी दरभा डिवीजन के आर्म्ड कैडर के नक्सली हैं। सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने 10 आधुनिक हथियार भी जमा किए हैं, जिनमें तीन एके-47, एक एसएलआर, तीन इंसास, दो .303 रायफल और एक .30 कार्बाइन रायफल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि गोगुंडा में सुरक्षा कैंप की स्थापना से क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा और विकास का वातावरण बना है। नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं, यह सरकार की ‘पूना मार्गेम’ नीति और लगातार दबाव का परिणाम है। उन्होंने शेष सक्रिय नक्सलियों से अपील की कि उनके पास अब केवल एक ही विकल्प बचा है, और वह है हिंसा छोड़कर 'पूना मार्गेम' पुनर्वास अभियान का हिस्सा बनकर सम्मानजनक जीवन जीना। ...