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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ में बिताई रात

नारायणपुर, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले को पहले नक्सल प्रभावित क्षेत्र समझा जाता था, और अबूझमाड़ को नक्सलियों की अघोषित राजधानी माना जाता था। लेकिन पिछले वर्ष नक्सली संगठन के शीर्ष कैडर बसवा राजू के मुठभेड़ में ढेर होने के बाद से यहाँ की स्थितियाँ तेजी से बदल रही हैं। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पहली बार यहाँ दो दिन के प्रवास पर पहुँचकर रात बिताई।

इस दौरान, मुख्यमंत्री ने आईटीबीपी, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, बीएसएफ, डीआरजी, और सीएएफ के जवानों और अधिकारियों से मुलाकात करते हुए बस्तर की शांति और सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की और उनके हौसले को बढ़ाया। मुख्यमंत्री साय एवं मंत्रियों ने बटालियन परिसर में जवानों के साथ रात्रि भोज किया और उनसे आत्मीय चर्चा की। इस यात्रा के पहले दिन, उन्होंने अबूझमाड़ के ग्रामीण कार्यक्रमों में भी भाग लिया और संचालित बस सेवा से कुरूसनार तक सवारी की।

नक्सलवाद के संकट से बाहर निकलते बस्तर में, देश की राष्ट्रपति भी आठ वर्षों के बाद आने वाली हैं और वे 7 फरवरी को बस्तर पंडुम में शामिल होंगी। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आखिरी बार यहाँ 2018 में दौरा किया था। राष्ट्रपति bastarpandum का शुभारंभ करेंगी, जबकि समापन कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे।

वर्तमान में नारायणपुर जिले में मुख्यमंत्री बस सेवा के तहत चार बसें संचालित हैं, जिनमें से तीन बसें नियमित रूप से नियद नेल्लानार मार्गो पर परिवहन सुविधा प्रदान कर रही हैं। यह बसें उन क्षेत्रों में आवागमन को सरल बना रही हैं, जो लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों के कारण सार्वजनिक परिवहन से वंचित रहे थे। मुख्यमंत्री साय ने नक्सलियों को हिंसा छोड़ने और विकास की मुख्यधारा में जुड़ने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि सरकार उनकी चिंता करेगी यदि वे आत्मसमर्पण करें। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर ओलंपिक में आत्मसमर्पित व्यक्तियों ने सक्रिय भाग लिया है, जो सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है।

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