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Tag: अर्थव्यवस्था

राजनीतिक हिंसा लोकतंत्र के लिए घातक: सदानंदन

राजनीतिक हिंसा लोकतंत्र के लिए घातक: सदानंदन

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत करते हुए नामित सदस्य सी. सदानंदन मास्टर ने कहा कि जो लोग आज संसद में लोकतंत्र और मानवता की बातें कर रहे हैं, उन्होंने ही 31 वर्ष पहले उन पर जानलेवा हमला किया था। सदन में व्हीलचेयर पर बैठकर आए सदानंदन ने बताया कि एक संगठित आपराधिक गिरोह ने उन पर हमला कर उनके दोनों पैर काट दिए थे। उन्होंने इस हमले का संबंध अपरोक्ष रूप से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से जोड़ते हुए कहा कि हमला करने वाले लोग “इंकलाब ज़िंदाबाद” का नारा लगा रहे थे। सदानंदन ने कृत्रिम पैर को दिखाते हुए कहा कि यही वजह है कि वे खड़े होकर नहीं बोल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह हमला तब हुआ जब वह अपने चाचा के घर से लौट रहे थे। सदानंदन ने कहा, “आप लोकतंत्र और मानवता की बात करते हैं, लेकिन आपकी राजनीति हिंसा पर आधार...
केंद्रीय कैबिनेट ने 2026-2027 के बजट को दी मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट ने 2026-2027 के बजट को दी मंजूरी

ब्रेकिंग न्यूज़
नई दिल्ली, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय कैबिनेट ने 2026-2027 के केंद्रीय बजट को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय सरकार की वित्तीय नीति के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इससे आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
भारत का निम्न मध्यम आय से उच्च मध्यम आय श्रेणी में अग्रसर होना

भारत का निम्न मध्यम आय से उच्च मध्यम आय श्रेणी में अग्रसर होना

लेख
By: प्रहलाद सबनानी भारत आज अपने आर्थिक इतिहास के एक अत्यंत महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुका है। पिछले कुछ दशकों के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था में जिस गति से परिवर्तन और विस्तार देखने को मिला है, उसने न केवल देश के आर्थिक ढांचे को सुदृढ़ किया है बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को भी नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। यही कारण है कि आने वाले वर्षों में भारत के निम्न मध्यम आय श्रेणी से उच्च मध्यम आय श्रेणी में परिवर्तित होने की प्रबल संभावना व्यक्त की जा रही है। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भारत को निम्न आय श्रेणी से बाहर निकलकर निम्न मध्यम आय श्रेणी में पहुँचने में लगभग 60 वर्षों का समय लगा। वर्ष 1962 में भारत की प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय मात्र 90 अमेरिकी डॉलर थी, जो मिश्रित वार्षिक 5.3 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ वर्ष 2007 में बढ़कर 910 अमेरिकी डॉलर हो गई। इसी वर्ष भारत को विश्व बै...
भारत में लोकतंत्र का अर्थ अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना : प्रधानमंत्री

भारत में लोकतंत्र का अर्थ अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना : प्रधानमंत्री

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत में लोकतंत्र का वास्तविक अर्थ अंतिम पंक्ति तक लाभ की पहुंच है। उन्होंने कहा कि सरकार लोक कल्याण की भावना से बिना किसी भेदभाव के हर नागरिक के लिए कार्य कर रही है और इसी कारण बीते कुछ वर्षों में देश में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित राष्ट्रमंडल के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में यह सम्मेलन हो रहा है, वह भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। गुलामी के अंतिम वर्षों में, जब भारत की स्वतंत्रता तय हो चुकी थी, उसी समय इसी केंद्रीय कक्ष में संविधान सभा की बैठकें हुई थीं। स्वतंत्...
उत्तरायणी केवल लोकपर्व नहीं, उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और जड़ों से जुड़ाव का सशक्त प्रतीक है : पुष्कर सिंह धामी

उत्तरायणी केवल लोकपर्व नहीं, उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और जड़ों से जुड़ाव का सशक्त प्रतीक है : पुष्कर सिंह धामी

राष्ट्रीय
लखनऊ, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तरायणी केवल लोकपर्व नहीं बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और जड़ों से जुड़ाव का सशक्त प्रतीक है। वे बुधवार को पर्वतीय महापरिषद, लखनऊ द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिग पर्व के शुभारम्भ पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लखनऊ में आयोजित यह कौथिग उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की साझा सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का अद्भुत मंच है। उन्होंने कहा कि लोकगीत, लोकनृत्य, लोकभूषा, हस्तशिल्प एवं कुटीर उद्योगों की झलक न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखती है, बल्कि स्थानीय शिल्पकारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ संकल्प को धरातल पर उतारने का सशक्त उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री धामी ने पर्वतीय महापरिषद के 25 वर्षों के सांस्कृ...
इंदौर-बुधनी रेल लाइन से बदलेगा मध्य प्रदेश का रेल नक्शा, आरवीएनएल ने पहाड़ चीरकर रचा इतिहास

इंदौर-बुधनी रेल लाइन से बदलेगा मध्य प्रदेश का रेल नक्शा, आरवीएनएल ने पहाड़ चीरकर रचा इतिहास

मध्य प्रदेश, राज्य
देवास/ कन्नौद, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के रेल मानचित्र को नया आकार देने वाली बहुप्रतीक्षित इंदौर–बुधनी नई रेल लाइन परियोजना ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। रेल विकास निगम लिमिटेड (**आरवीएनएल**) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की टनल-2 में पहली 100 मीटर खुदाई सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। खास बात यह है कि यह उपलब्धि बेहद कठिन और कमजोर भू-स्थितियों में महज दो महीनों के भीतर प्राप्त की गई है, जिसे इंजीनियरिंग कौशल और आधुनिक तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। इंदौर-बुधनी रेल लाइन परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर और जबलपुर के बीच की रेल दूरी लगभग 150 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इससे मध्य प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच सीधा, तेज और अधिक प्रभावी रेल संपर्क स्थापित होगा। यह परियोजना यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाएगी, साथ में माल परिवहन के लिए भी एक नया और सशक्त कॉरिडोर साबित ह...
भारतीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में स्टार्ट-अप का योगदान अतुलनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारतीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में स्टार्ट-अप का योगदान अतुलनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्य प्रदेश, राज्य
भोपाल, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में स्टार्ट-अप का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने इस मुद्दे पर अपने विचार मप्र स्टार्ट-अप समिट-2026 के उद्घाटन के दौरान व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने 156 स्टार्ट-अप को 2.5 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 21 स्टार्ट-अप को 8.17 करोड़ रुपये की ऋण राशि एक क्लिक में दी। उन्होंने घटना के अवसर पर सफल स्टार्ट-अप के फाउंडर्स और इंक्यूबेटर्स को भी सम्मानित किया। डॉ. यादव ने कहा कि भारत में 6 करोड़ से अधिक एमएसएमई हैं जो देश की जीडीपी का 30 प्रतिशत योगदान देते हैं। उन्होंने बताया कि भारत वर्तमान में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम है और शीघ्र ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। इस समिट के दौरान चार प्रमुख एमओयू...
वैश्विक बाजार से मिले संकेत, एशियाई बाजार में तेजी

वैश्विक बाजार से मिले संकेत, एशियाई बाजार में तेजी

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नई दिल्ली, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star News ग्लोबल मार्केट से आज मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी बाजार पिछले सत्र के दौरान मिला-जुला कारोबार करके बंद हुए। डाउ जॉन्स आज फिलहाल बढ़त के साथ कारोबार करता हुआ नजर आ रहा है। यूरोपीय बाजार में भी पिछले सत्र के दौरान मिला-जुला कारोबार होता रहा। वहीं एशियाई बाजार में आज आमतौर पर तेजी का रुख बना हुआ है। अमेरिकी उच्चतम न्यायालय आज डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बढ़ाए गए टैरिफ की वैधता पर फैसला सुनाने वाला है। आज ही अमेरिका में नॉन फॉर्म पेरोल (बेरोजगारी दर) के आंकड़े आने वाले हैं। इसलिए पिछले सत्र के दौरान निवेशक सतर्क होकर कारोबार करते हुए नजर आए, जिसकी वजह से वॉल स्ट्रीट के सूचकांक मिले-जुले परिणाम के साथ बंद हुए। डाउ जॉन्स 270 अंक चढ़ कर बंद हुआ। इसी तरह एस एंड पी 500 इंडेक्स 0.01 प्रतिशत की सांकेतिक तेजी के साथ 6,921.46 अंक के स्तर पर बंद हु...
शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट, निवेशकों को हुआ करोड़ों का नुकसान

शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट, निवेशकों को हुआ करोड़ों का नुकसान

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नई दिल्ली, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star News घरेलू शेयर बाजार आज लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। आज के कारोबार की शुरुआत भी कमजोरी के साथ हुई थी। बाजार खुलते ही खरीदारों ने लिवाली का जोर बना दिया, जिसकी वजह से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक हरे निशान में पहुंच गए। हालांकि थोड़ी देर बाद ही बाजार में बिकवाली का दबाव बन गया, जिसकी वजह से इन दोनों सूचकांकों ने लाल निशान में गोता लगा दिया। पहले घंटे के कारोबार के दौरान खरीदार बीच-बीच में लिवाली का जोर बनाने की कोशिश भी करते रहे, लेकिन इसके बाद लगभग दिन भर बाजार में बिकवाली का दबाव ही बना रहा। पूरे दिन के कारोबार के बाद सेंसेक्स 0.72 प्रतिशत और निफ्टी 0.75 प्रतिशत लुढ़क कर बंद हुए। आज दिन भर के कारोबार के दौरान आईटी, पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों की खरीदारी होती रही। दूसरी ओर, ऑटोमोबाइल, रियल्टी, एफएमसीजी और कंज...