
भोपाल, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में स्टार्ट-अप का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने इस मुद्दे पर अपने विचार मप्र स्टार्ट-अप समिट-2026 के उद्घाटन के दौरान व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने 156 स्टार्ट-अप को 2.5 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 21 स्टार्ट-अप को 8.17 करोड़ रुपये की ऋण राशि एक क्लिक में दी। उन्होंने घटना के अवसर पर सफल स्टार्ट-अप के फाउंडर्स और इंक्यूबेटर्स को भी सम्मानित किया।

डॉ. यादव ने कहा कि भारत में 6 करोड़ से अधिक एमएसएमई हैं जो देश की जीडीपी का 30 प्रतिशत योगदान देते हैं। उन्होंने बताया कि भारत वर्तमान में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम है और शीघ्र ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। इस समिट के दौरान चार प्रमुख एमओयू भी हस्ताक्षरित किए गए, जिसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, फेडरेशन ऑफ इंडिया एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, और कार्वी स्टार्ट-अप लैब्स शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं की भूमिका को महत्त्व देते हुए कहा कि युवा उद्यमियों के नवाचारों से देश नई दिशा की ओर बढ़ रहा है। समिट में विभिन्न सफल स्टार्ट-अप के अनुभव साझा किए गए और युवा उद्यमियों से आग्रह किया गया कि वे अपने जीवन मूल्यों को ध्यान में रखते हुए कारोबार करें।

मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जहाँ उन्होंने विभिन्न स्टार्ट-अप से संबंधित जानकारी प्राप्त की। समिट में 2025 के लिए स्टार्ट-अप पॉलिसी पर भी चर्चा की गई, जिसमें नए विचारों को प्रोत्साहन देने की बात की गई। अंत में, विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार विजेताओं की घोषणा भी की गई।
