बलरामपुर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। जहां इंटरनेट को अक्सर मनोरंजन या अपराध का जरिया समझा जाता है, वहीं बलरामपुर के एक किसान ने इसे अपनी तरक्की का माध्यम बना दिया। मोबाइल और यूट्यूब से खेती की नई तकनीक सीखकर इस किसान ने टमाटर उत्पादन में ऐसा कमाल किया कि अब हर सीजन लाखों की आमदनी हो रही है। यह कहानी है मुरका गांव के तलैया पारा निवासी रामबकस की, जिन्हें अब लोग ‘स्मार्ट किसान’ के नाम से पहचानते हैं।

बलरामपुर जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर बसे मुरका गांव के रामबकस पहले पारंपरिक तरीके से खेती करते थे। आमदनी सीमित थी और मेहनत का पूरा मूल्य नहीं मिल पाता था। लेकिन एक दिन मोबाइल पर खेती से जुड़ा वीडियो देखने के बाद उनकी सोच बदल गई। उन्होंने यूट्यूब से उन्नत खेती, बीजों की गुणवत्ता, मिट्टी की तैयारी और जैविक खादों के इस्तेमाल की तकनीक सीखी।
रामबकस ने टमाटर की खेती को अपनी नई शुरुआत बनाया। धीरे-धीरे उन्होंने खेत की मिट्टी को तैयार किया, उन्नत बीज लगाए और हर कदम पर ऑनलाइन जानकारी लेकर प्रयोग किए। अब उनके खेतों से हर तीसरे दिन टमाटर की तुड़ाई होती है।
एक बार में 60 से 70 ट्रे टमाटर तैयार होते हैं, और एक ट्रे में करीब 28 किलो उपज निकलती है। शुरुआत में बिचौलियों के सहारे मंडी तक पहुंचने में उन्हें नुकसान झेलना पड़ा, मगर उन्होंने हार नहीं मानी।
रामबकस ने सीधे व्यापारियों और अन्य राज्यों के थोक विक्रेताओं से संपर्क किया। इसका नतीजा यह हुआ कि अब वे हर सीजन में 2 से 5 लाख रुपये की शुद्ध कमाई कर रहे हैं। रामबकस सिर्फ खुद तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने अपने गांव के अन्य किसानों को भी आधुनिक तकनीक से खेती करना सिखाया। वे अब गांव में किसानों को उन्नत पौधे और खाद उपलब्ध कराते हैं, ताकि दूसरे भी उनकी तरह आत्मनिर्भर बन सकें। रामबकस का कहना है, पहले मोबाइल सिर्फ बात करने के काम आता था, लेकिन अब यही मेरे खेत का सबसे बड़ा औजार है। इंटरनेट ने मेरी सोच और किस्मत दोनों बदल दी।”
रामबकस की यह कहानी बताती है कि अगर तकनीक को सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए, तो यह किसी भी किसान की जिंदगी बदल सकती है। बलरामपुर के इस ‘डिजिटल किसान’ ने साबित कर दिया कि इंटरनेट सिर्फ स्क्रॉल करने का माध्यम नहीं, बल्कि खेतों को सोना उगलने वाला औजार भी बन सकता है।
