
झुंझुनू, 12 अक्टूबर।
राजस्थान के झुंझुनू जिले में सूदखोरों की प्रताड़ना से परेशान एक सरकारी अधिकारी ने आत्महत्या कर ली। मृतक ने चार पेज के सुसाइड नोट में सात लोगों पर लगातार मानसिक उत्पीड़न और धमकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा कि ब्याज पर ब्याज जोड़कर लाखों वसूलने के बाद भी सूदखोरों ने उन्हें चैन से जीने नहीं दिया।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान सुरेश सैन (54) के रूप में हुई है, जो महिला अधिकारिता विभाग में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। रविवार सुबह चूरू बाईपास स्थित बीरबल मार्केट के बेसमेंट में उनका शव फंदे से लटका मिला। मौके से पुलिस ने चार पेज का सुसाइड नोट बरामद किया है।
कोतवाली थाने के एएसआई रतनलाल ने बताया कि मृतक के जीजा की शिकायत के आधार पर सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें सुधीर, सुरेंद्र कुमार, ताराचंद, यूनुस, विजय कुमार और दो अन्य शामिल हैं। सुरेश ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि इन लोगों से उन्होंने पैसे उधार लिए थे, जो समय पर चुका दिए गए थे, लेकिन सूदखोरों ने ब्याज पर ब्याज जोड़कर करोड़ों रुपए की मांग जारी रखी और लगातार धमकियां दीं।
सुरेश ने नोट में लिखा, “मैंने सब कुछ लौटा दिया, लेकिन इन लोगों ने मुझे चैन से जीने नहीं दिया। दुकान की रजिस्ट्री भी नहीं लौटा रहे, जबकि मैंने पूरा पैसा चुका दिया है। अब मैं और नहीं सह सकता।”
परिजनों के मुताबिक, सुरेश शनिवार शाम 5 बजे घर से निकले थे, उसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। परिवार ने पूरी रात उन्हें तलाशने की कोशिश की। रविवार सुबह उनके जीजा महेंद्र सैन बीरबल मार्केट पहुंचे तो बेसमेंट का दरवाजा अंदर से बंद मिला। अंदर झांकने पर सुरेश फंदे से लटके मिले।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट में लिखे सभी आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
