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बंगाल: CID का दावा- जमीन घोटाले के 7 करोड़ TMC के खाते में आए…. अभिषेक बनर्जी के PA ने उगले राज

कोलकाता। ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के कार्यकाल के दौरान पश्चिम बंगाल (West Bengal) में हुए साल्बोनी जमीन घोटाले (Salboni land scam) में अब अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) और तृणमूल यूथ कांग्रेस का नाम भी शामिल हो गया है। इस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही सीआईडी ने कोर्ट को बताया था कि जमीन घोटाले से मिली रकम तृणमूल के खातों में जमा की गई थी। एजेंसी का दावा है कि डायमंड हार्बर से सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के कहने पर ही ये पैसे टीएमसी के खाते में डाले गए। सीआईडी का दावा है कि अभिषेक के पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय ने पूछताछ के दौरान यह जानकारी दी है।


आपको बता दें कि इस मामले में सुमित को तृणमूल के पूर्व MLA सुजय हाजरा और कई अन्य लोगों के साथ पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सुमित को शनिवार को मिदनापुर कोर्ट में पेश किया गया।


बेच दी गई सरकारी जमीन
सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी की ओर से कोर्ट में जमा किए गए दस्तावेजों से पता चला कि पूछताछ के दौरान सुमित ने बताया कि अभिषेक के कहने पर सांसद के ट्रेजरर टी. घोष नाम के एक व्यक्ति ने उसे तृणमूल कांग्रेस पार्टी फंड में जमा करने के लिए पैसे दिए थे। सुमित ने दावा किया कि उसने वह पैसा बैंक में जमा कर दिया था। उसने कहा कि उसे जमीन घोटाले से कोई पैसा नहीं मिला। आपको बता दें कि इस मामले में फर्जी कागजात का इस्तेमाल करके सरकारी जमीन बेची गई थी।


इस महीने की शुरुआत में, तृणमूल के पूर्व MLA सुजय हाजरा के खिलाफ दायर चार्जशीट में CID ने एक पब्लिक सेक्टर बैंक अकाउंट नंबर का जिक्र किया और कोर्ट को बताया कि सुमित ने 2018 और 2021 के बीच उस खाते में किश्तों में लगभग 7 करोड़ जमा किए थे। CID ने चार्जशीट के साथ इससे जुड़े जरूरी दस्तावेज भी कोर्ट में जमा किए। जांच में पता चला कि कोलकाता की हरीश मुखर्जी रोड ब्रांच में मौजूद वह खाता पश्चिम बंगाल तृणमूल यूथ कांग्रेस के नाम पर रजिस्टर्ड था। सुमित ने उस खाते में इतनी बड़ी रकम क्यों जमा की? शनिवार को कोर्ट में इस बारे में पूछे जाने पर सुमित ने दावा किया कि उसने सांसद अभिषेक बनर्जी के कहने पर पार्टी फंड में पैसे जमा किए थे।


अभिषेक बनर्जी से भी हो सकती है पूछताछ
CID अधिकारियों का दावा है कि साल्बोनी में जमीन का फ्रॉड 2018 और 2021 के बीच हुआ था। चार्जशीट में CID ने अभिषेक के बॉडीगार्ड और सुजय के ड्राइवर के बयानों के आधार पर कहा है कि इन गवाहों ने सुजय और सुमित के बीच पैसों के लेन-देन को देखा था। CID का कहना है कि सुमित का अपना कोई ऑफिस नहीं है। वह अभिषेक बनर्जी के दफ्तर में ही रहता था। सुमित ने अपने बयान में सात करोड़ रुपये के लेन-देन के लिए अभिषेक बनर्जी को ही जिम्मेदार ठहराया है। CID अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अगर उसका बयान सही साबित होता है तो पैसे के स्रोत का पता लगाने के लिए अभिषेक बनर्जी से भी इस मामले में पूछताछ की जा सकती है।

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