नई दिल्ली। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स (एलजी) ने फिजिकल एआई के क्षेत्र में अपनी दीर्घकालिक रणनीति को सामने रखते हुए रोबोटिक्स के विस्तार का रोडमैप साझा किया है। कंपनी का कहना है कि वह अपनी उन्नत रोबोटिक्स तकनीकों और एलजी क्लोइड रोबोट के जरिए इस तकनीक को फैक्ट्री परिसरों से बाहर निकालकर घरों, कमर्शियल स्पेस, मोबिलिटी और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचा रही है।
एलजी के अनुसार, पिछले दो दशकों में विकसित किए गए रोबोटिक्स अनुभव, कनेक्टेड होम अप्लायंसेज से प्राप्त उपभोक्ता डेटा, कोर मोशन टेक्नोलॉजी और समूह-स्तरीय फिजिकल एआई इकोसिस्टम इसकी रणनीति के प्रमुख आधार हैं। इन्हीं के माध्यम से कंपनी वैश्विक रोबोटिक्स बाजार में अपनी मौजूदगी को और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
कंपनी ने ‘जीरो लेबर होम’ की अवधारणा को भी रेखांकित किया है, जिसके तहत भविष्य के घरों में एआई आधारित रोबोट, स्मार्ट उपकरण और ऑर्केस्ट्रेशन सिस्टम मिलकर न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ घरेलू कार्यों का प्रबंधन करेंगे। इस दिशा में एलजी क्लोइड होम रोबोट को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो थिनक्यू (ThinQ) कनेक्टेड इकोसिस्टम के साथ समन्वय स्थापित करते हुए दैनिक कार्यों में सहायता प्रदान कर सकता है।
एलजी का मानना है कि भविष्य के स्मार्ट घर केवल उपयोगकर्ताओं के आदेशों का पालन नहीं करेंगे, बल्कि उनकी दिनचर्या को समझते हुए जरूरतों का पूर्वानुमान लगाकर स्वतः कार्य करने में सक्षम होंगे। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा और परिवार के साथ अतिरिक्त समय उपलब्ध कराना है।
कंपनी ने बताया कि वर्ष 2003 में अपने पहले क्लीनिंग रोबोट की शुरुआत से लेकर अब तक प्राप्त वास्तविक परिचालन अनुभव और उपभोक्ता व्यवहार संबंधी आंकड़ों के आधार पर वह ऐसे रोबोट विकसित कर रही है, जो सुरक्षित नेविगेशन और प्राकृतिक मानवीय संवाद सुनिश्चित कर सकें। इसके लिए उन्नत मोटर, एक्चुएटर्स और प्रिसिजन मोशन सिस्टम जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
एलजी एआई रिसर्च, एलजी इनोटेक, रोबोस्टार, एलजी एनर्जी सॉल्यूशन, एलजी सीएनएस और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स की संयुक्त क्षमताओं से विकसित फिजिकल एआई इकोसिस्टम के माध्यम से कंपनी परसेप्शन, इंटेलिजेंस और एक्शन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर रही है। इसके अलावा, स्मार्ट फैक्ट्री संचालन, डिजिटल ट्विन्स, स्वायत्त लॉजिस्टिक्स और एआई आधारित स्वचालन से प्राप्त वास्तविक डेटा इस इकोसिस्टम को और मजबूत बना रहा है।
