नई दिल्ली। अफ्रीकी देश Republic of the Congo में इबोला वायरस का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक कम से कम 65 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग संक्रमण की चपेट में बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने 100 से अधिक संदिग्ध मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक इबोला संक्रमण के 246 मामले सामने आए हैं। जांच किए गए नमूनों में बड़ी संख्या में लोग संक्रमित पाए गए हैं। इससे पहले वर्ष 2018 से 2020 के बीच भी कांगो में इबोला महामारी ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें तीन हजार से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
विशेषज्ञों के अनुसार इबोला दुनिया के सबसे खतरनाक वायरसों में गिना जाता है। संक्रमित व्यक्ति में तेज बुखार, अत्यधिक थकान, सिरदर्द, दस्त, उल्टी और शरीर से रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर मामलों में समय पर इलाज नहीं मिलने पर मरीज की मौत भी हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, खांसने-छींकने से निकलने वाली बूंदों, संक्रमित शरीर द्रवों और दूषित वस्तुओं के जरिए फैल सकता है। कुछ मामलों में संक्रमित जंगली जीवों के संपर्क या सेवन से भी संक्रमण का खतरा रहता है।
डॉक्टरों के मुताबिक संक्रमण के शुरुआती लक्षणों में बुखार, कमजोरी, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं। बाद में मरीज को उल्टी, दस्त, त्वचा पर चकत्ते और आंतरिक रक्तस्राव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। संक्रमण से ठीक होने के बाद भी कई लोगों में लंबे समय तक कमजोरी, आंखों में जलन और सिरदर्द जैसी शिकायतें बनी रह सकती हैं।
इसी बीच हंटा वायरस को लेकर भी चिंता बढ़ी है। रिपोर्ट्स के अनुसार हंटा वायरस से प्रभावित एक क्रूज जहाज के छह यात्री ऑस्ट्रेलिया पहुंचे हैं, जिन्हें एहतियातन पृथक-वास में रखा गया है। ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य अधिकारियों ने संक्रमण रोकने के लिए सख्त निगरानी और क्वारंटीन व्यवस्था लागू करने की बात कही है।
