लखनऊ। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में आंधी, तेज बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है. राज्य के कई जिलों में आए भीषण तूफान (Severe Storms) और खराब मौसम (Bad Weather) के कारण अब तक कम से कम 111 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 72 लोग घायल बताए जा रहे हैं. इसके अलावा 170 पशुओं की मौत और 227 घरों के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है।
गुरुवार को राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि 13 मई को हुए खराब मौसम के कारण राज्य के 26 जिलों से मौतों की सूचना मिली है. तेज हवाओं के चलते कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और मकानों को नुकसान पहुंचा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों तक 24 घंटे के अंदर राहत सामग्री और आर्थिक सहायता पहुंचाई जाए. उन्होंने सभी मंडलायुक्तों और जिला मजिस्ट्रेटों से घटनाओं का पूरी संवेदनशीलता के साथ सत्यापन करने और पीड़ित परिवारों से सीधा संपर्क स्थापित कर हर संभव मदद उपलब्ध कराने को कहा है.
राहत आयुक्त कार्यालय ने बताया कि राज्य स्तर से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जिला प्रशासन के साथ सीधे समन्वय के जरिए राहत कार्य संचालित किए जा रहे हैं. प्रभावित जिलों को आवश्यक धनराशि भी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि राहत और बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए।
प्रयागराज में सबसे ज्यादा तबाही
प्रयागराज जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, गुरुवार सुबह तक तूफान और बारिश के कारण 17 लोगों की मौत की सूचना थी. बाद में अन्य क्षेत्रों से भी जानकारी आने के बाद प्रशासन ने बुधवार की घटनाओं में कुल 24 लोगों की मौत की पुष्टि की. तेज हवाओं और बारिश के चलते कई ग्रामीण इलाकों में मकानों को नुकसान पहुंचा और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई. प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
भदोही में 16 लोगों की मौत
भदोही जिले में तूफान से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई. अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट कुंवर वीरेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि कई क्षेत्रों में तेज आंधी के कारण पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए. कई मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
फतेहपुर में दीवार गिरने और हादसों में गई जान
फतेहपुर जिले में तूफान और बारिश से जुड़ी घटनाओं में 9 लोगों की मौत हुई, जबकि 16 लोग घायल हो गए. अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि खागा तहसील में पांच महिलाओं सहित आठ लोगों की मौत हुई. वहीं सदर तहसील में एक घर की दीवार गिरने से एक महिला की जान चली गई. घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में कराया जा रहा है।
प्रतापगढ़ में शेड और दीवार गिरने से मौतें
प्रतापगढ़ जिले में तेज हवाओं और बारिश के बीच दीवार गिरने, सीमेंटेड शेड ढहने और बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई. पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि लालगंज कोतवाली क्षेत्र के ओझा का पुरवा गांव में एक सीमेंटेड शेड गिरने से भीम यादव (25) मलबे के नीचे दब गए और उनकी मौत हो गई. उन्होंने बताया कि बघराई थाना क्षेत्र के सरी स्वामी गांव में दीवार गिरने से भूषण पांडे (56) की मौत हुई. इसके अलावा नारंगपुर गांव की शांति देवी (46) और छत्रपुर शिवाला रघना गांव के लाल बहादुर (44) की भी तूफान से जुड़ी घटनाओं में जान चली गई।
कानपुर देहात में बिजली गिरने से युवती की मौत
कानपुर देहात जिले में बारिश से संबंधित घटनाओं में दो लोगों की मौत हुई. पुलिस सूत्रों के अनुसार, रसूलाबाद क्षेत्र के भौथारी गांव में भारी बारिश के दौरान 19 वर्षीय रुचि बकरियों के साथ नीम के पेड़ के नीचे खड़ी थी, तभी बिजली गिरने से उसकी मौत हो गई. इस घटना में कई बकरियों की भी मौत हो गई. पास में खड़ा एक 60 वर्षीय व्यक्ति भी घायल हो गया. अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार ने बताया कि स्थानीय अधिकारियों से मानव और पशुधन नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है और सरकारी नियमों के अनुसार सहायता दी जाएगी।
देवरिया और सोनभद्र में भी हादसे
देवरिया जिले के भीमपुर गौरा गांव निवासी कोमल यादव (62) की बिजली गिरने से मौत हो गई. इस घटना में दो अन्य लोग घायल हुए हैं. एक अन्य घटना में नेरुअरी गांव निवासी रामनाथ प्रसाद (65) की भी बिजली गिरने से मौत हो गई. वहीं सोनभद्र जिले में माधव सिंह (38) की तेज बारिश और तूफान के दौरान उखड़े पेड़ के नीचे दबने से मौत हो गई.
CM योगी ने दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है. साथ ही राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को नुकसान का सर्वेक्षण कर सरकार को जल्द रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है. राज्य सरकार का कहना है कि राहत और पुनर्वास कार्य तेजी से जारी हैं और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
