
नई दिल्ली, 04 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। पिछले दो दशकों में टेक्नोलॉजी ने जिस तेजी से दुनिया को बदला है, उसने इंसानी जीवनशैली की परिभाषा ही परिवर्तित कर दी। मोबाइल फोन, कंप्यूटर और इंटरनेट ने जानकारी, संवाद और रिश्तों को नई दिशा प्रदान की है। इसी डिजिटल क्रांति में 04 फरवरी की तारीख बहुत खास है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 2004 में एक ऐसी वेबसाइट लॉन्च हुई जिसने दुनिया की सोशल लाइफ का गणित बदल दिया—फेसबुक।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के छात्र मार्क जुकरबर्ग ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर फेसबुक की शुरुआत की थी। शुरुआत में यह केवल छात्रों के लिए नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म था, लेकिन जल्द ही यह वैश्विक सोशल मीडिया मंच बन गया। “फ्रेंड रिक्वेस्ट”, “लाइक” और “शेयर” जैसे फीचर लोगों की रोजमर्रा की भाषा का हिस्सा बन गए।
फेसबुक ने लोगों को डिजिटल रूप से जोड़ने का ऐसा माध्यम दिया, जहां दूरियां मायने नहीं रखतीं। परिवार, दोस्त, व्यवसाय और राजनीति—हर क्षेत्र में इसका प्रभाव स्पष्ट है। आज अरबों लोग अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी के पल फेसबुक पर साझा करते हैं।
हालांकि समय के साथ कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आए, जैसे ट्विटर (अब X), इंस्टाग्राम और स्नैपचैट, लेकिन फेसबुक ने लंबे समय तक अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी। यह केवल एक वेबसाइट नहीं, बल्कि डिजिटल युग की सामाजिक क्रांति का प्रतीक बन गया।
तकनीकी विशेषज्ञ मानते हैं कि फेसबुक ने संचार, मार्केटिंग, राजनीति और समाज को गहराई से प्रभावित किया। मौसम की तरह असर डालने वाली चीजों में अगर किसी तकनीक का नाम लिया जाए, तो सोशल मीडिया—और खासकर फेसबुक—उस सूची में जरूर शामिल होगा।
