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भागलपुर की रेखा दीदी ने 30 महिलाओं की किस्मत बदली, जीविका से मिली आत्मनिर्भरता

पटना, 03 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। नीतीश कुमार के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा बिहार न केवल विकास की नई गाथा लिख रहा है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी अनेकों प्रेरक कहानियां रच रहा है। भागलपुर जिले के आकांक्षी प्रखंड पीरपैंती की प्यालपुर पंचायत, गोकुल मथुरा निवासी रेखा देवी, जो जीविका के दम पर दर्जनों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर पूरे इलाके में ‘रोजगार देने वाली दीदी’ के नाम से मशहूर हैं।

कभी रेखा के पति गुजरात में मजदूरी करते थे, जिससे घर चलाना बहुत मुश्किल था। बिना छत का घर, दो जून की रोटी के लिए जद्दोजहद, फिर भी हिम्मत नहीं हारी। जीविका से प्रेरित होकर गांव में ही स्वयं सहायता समूह बनाया, खुद उसकी नेतृत्वकर्ता बनीं और महिलाओं को जोड़ने लगीं।

नीतीश सरकार की जीविका योजना ने रेखा दीदी जैसे लाखों महिलाओं को पंख दिए हैं। अब तक रेखा दीदी ने करीब 30 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है।

पीएमएफएमई योजना, कृषि विश्वविद्यालय सबौर से प्रशिक्षण, चाय स्टॉल, मशरूम उत्पादन, पकोड़े-सत्तू की दुकानें—इनसे जोड़कर रेखा दीदी महिलाओं को रोजगार दिला रही हैं। यही नहीं मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से 10 हजार रुपये की सहायता से बकरी पालन को प्रोत्साहित कर कई दीदियों को बकरियां तक खरीद कर दिलाईं, जिससे वे रोजगार कर अपनी आजीविका चला सकें।

आज गोकुल मथुरा में रेखा दीदी मशरूम उत्पादन यूनिट चला रही हैं, जहां 10 से 12 महिलाएं रोजगार पा रही हैं। बिक्री न हो तो मशरूम अचार का बनाकर बेचती हैं। खास बात ये है कि वे आर्थिक रुप से कमजोर और विधवाओं को प्राथमिकता देती हैं, जीविका से लोन दिलाती हैं।

रेखा दीदी की मेहनत का ही परिणाम है कि पूजा जिसे ‘गांव में पूछने वाला कोई नहीं था, सास ताने मारती थीं। रेखा दीदी ने जीविका से जोड़ा, 10 हजार से सिलाई मशीन खरीदी। अब मशरूम यूनिट में भी काम कर अच्छी कमाई कर रही है। उसी तरह शिल्पी दीदी जिसे ‘दो वक्त का खाना मुश्किल था। जीविका लोन से आटा चक्की लगाई, फिर 1 लाख से चना-सत्तू उत्पादन। पूजा, शिल्पी दीदी जैसी दर्जनों महिलाएं आज रेखा दीदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रही हैं।

जीविका के बीपीएम दीपक कुमार बताते हैं, ‘मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत महिलाओं को समूहों में जोड़कर प्रशिक्षण और लोन देते हैं। आत्मनिर्भर महिलाएं लोन समय पर लौटाती हैं, जो योजना की सफलता है।’

रेखा दीदी की कहानी महिलाओं सशक्तिकरण का जीता-जागता प्रमाण है। नीतीश सरकार की योजनाओं से न सिर्फ रोजगार मिला, बल्कि सम्मान भी। आज वे मशरूम दूसरे शहरों तक भेज रही हैं, और पीरपैंती की कई असहाय महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।

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